किसानों के खेत
किसानों के खेत|Pankaj Yadav
मध्य प्रदेश

छतरपुर: क्षेत्रीय विधायक नुकसान का जायजा लेने पहुचे किसानों के खेत

छतरपुर, मध्य प्रदेश : किसानों की फसलों पर दिखाई दे रहा असर, प्रशासन ने मंगाई नुकसान की जानकारी।

Pankaj Yadav

राज एक्सप्रेस। पिछले दो-तीन दिनों से लगातार रूक-रूक कर बारिश का दौर चल रहा है। मौसम बदलने से इसका असर भी देखनेे को मिल रहा है। बीती शाम और रात को जिले के कई हिस्सों में बारिश होने से जहां किसानों को राहत मिली है तो कुछ क्षेत्र में ओलावृष्टि से नुकसान होने की भी संभावना जताई जा रही है।

ओलावृष्टि की जानकारी मिलने पर बिजावर एसडीएम डीपी द्विवेदी ने नायब तहसीलदार दुर्गेश तिवारी के साथ विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया साथ ही सभी हल्का पटवारियों को निर्देशित किया है कि यदि बारिश और ओलावृष्टि से उनके क्षेत्र में कोई नुकसान हुआ हो तो उसकी जानकारी तुरंत वाट्सएप पर दें। उधर क्षेत्रीय विधायक राजेश शुक्ला बबलू ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी लेने किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने किसानो से कहा कि जो भी नुकसान होगा उसका सर्वे कराकर मुआवजा दिलाया जाएगा।

नुकसान का जायजा लेने पहुचे  विधायक
नुकसान का जायजा लेने पहुचे विधायक Pankaj Yadav

जानकारी के मुताबिक बीती रात करीब 9 बजे सटई क्षेत्र के करिया नाला, भरनपुरवा, रामपुर, सिलावट आदि गांव में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों का कहना है कि ओलावृष्टि की वजह से उनकी फसलें चौपट हो गई हैं। उधर तेज बारिश के कारण सटई में लोगों के घरों और दुकानों में पानी भर गया जिससे काफी नुकसान हुआ है।

एसडीएम डीपी द्विवेदी ने बताया कि

नायब तहसीलदार दुर्गेश तिवारी के साथ सुबह 9 बजे सटई क्षेत्र का दौरा किया। करीब 300 मीटर चौड़े बेल्ट में ओलावृष्टि हुई है। अभी नुकसान का कुछ आंकलन नहीं हुआ है। हल्का पटवारी को जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि बक्स्वाहा क्षेत्र के मढ़देवरा से भी शिकायत मिली थी जहां पटवारी को भेजकर जानकारी मंगाई जा रही है। पिपट, पनागर में भी ओलावृष्टि और बारिश से पान की फसल प्रभावित होने की सूचनाएं मिल रही हैं।

बारिश से किसानों के समय और पैसे की हुई बचत

इस समय फसलों को पानी की जरूरत थी और मौसम ने किसानों का साथ दिया है। जिले के अधिकांश हिस्से में पानी के पर्याप्त साधन न होने के कारण किसानों को फसलें उगाने में खासी परेशानी से जूझना पड़ता है। इस बार खरीफ की फसल खराब होने के बाद किसानों ने खेतों की जुताई कर रबी की फसल बो दी थी जिस तरह से पानी बरसा है उससे फसलों को लाभ ही होना है।

उपसंचालक कृषि मनोज कश्यप ने बताया कि

उनके द्वारा सटई के कई गांवों का भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान किसानों से भी मुलाकात की। बारिश से किसानों को फायदा ही हुआ है। चूंकि अधिकांश क्षेत्र में गेहूं की फसल उगाई गई है। इस समय गेहूं में शाखाओं के निकलने की स्थिति है इसलिए पानी किसानों के फायदे के लिए है।

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Raj Express
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