फातिमा कान्वेंट स्कूल, नागदा
फातिमा कान्वेंट स्कूल, नागदा|Social Media
मध्य प्रदेश

फातिमा कान्वेंट स्कूल ने पेटीएम से नही ली फीस, शिक्षा विभाग करेगा जांच

नागदा जं., मध्य प्रदेश: फातिमा कान्वेंट स्कूल में पेटीएम से फीस नहीं लेने के मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारी करेंगे जांच।

राज एक्सप्रेस

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नागदा जं., मध्य प्रदेश। शहर का प्रतिष्ठित फातिमा कान्वेंट स्कूल में छात्रों की फीस पेटीएम द्वारा नहीं लेने के मामले में प्राचार्य पर कई शंका-कुशंका की सुई घूमने लगी है। प्रशासन ने शिक्षा विभाग के अधिकारी को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। विभाग की टीम शुक्रवार को मामले की जांच करने स्कूल जाएगी। जांच के दौरान मामला सिद्व हो गया तो स्कूल संचालक के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

जहां पूरे देश को डिजीटल इंडिया करने के लिए सरकारें पूरा जोर लगा रही हैं। वहीं विद्यार्थियों को शिक्षा देने वाली प्रतिष्ठित संस्था फातिमा कान्वेंट स्कूल के प्राचार्य सरकार के सपने पर पानी फेरते हुए पेटीएम से विद्यार्थियों की फीस नहीं लेते हुए नगद राशि जमा करने पर दबाव बना रहे हैं। मामले को हमने 25 जून के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को मामले की जांच के आदेश दिए। शुक्रवार को मामले की जांच करने दल जाएगा। जांच के दौरान यदि शासन के आदेशो का पालन नहीं किए जाने पर कार्यवाही करने की बात अधिकारी ने की है।

कहने को तो शिक्षा का मंदिर पर :

वैसे फातिमा कान्वेंट स्कूल के प्राचार्य की कार्यप्रणाली हमेशा चर्चा में रही है। कई मामलो में अभिभावकों पर जबरन दबाव बनाने का मामला हो या फिर ट्यूशन खोरी का मामला हो, यहां तक की शिक्षकों की आपसी लड़ाई मारपीट में भी तब्दील हुई है। मामला पुलिस थाने तक भी गया है। यह प्रायवेट संस्था अब तो शासन के आदेशों की भी खुलेआम धज्जियां उड़ाने में भी नहीं चूक रहे हैं। केंद्र सरकार ने भष्ट्राचार व टेक्स चोरी को रोकने के लिए पेटीएम से पेमेंट करने के लिए देशवासियों को प्रेरित करने के लिए करोड़ो रूपये के विज्ञापन तक प्रकाशित कराए जा रहे हैं।

हो सकता है गड़बड़झाला :

फातिमा कान्वेंट स्कूल के प्राचार्य नियमों का हवाला देकर अभिभावकों पर कई बार बेवजह का दबाव बनाते हैं पर वह खुद ही अब पेटीएम से पेमेंट नहीं लेकर खुद ही शंका के घेर में आते दिखाई दे रहे हैं। पेटीएम से पेमेंट होता है तो वह रिकार्ड में आ जाता है। फिर उसमें किसी भी तरह की हेरा-फेरी नहीं हो सकती है। चर्चा तो यह भी है कि हो सकता है की फीस मे भी कोई गड़बड़झाला है। या तो मापदंड से ज्यादा फीस ली जा सकती है या और भी कोई मामला हो सकता है। हालांकि सच्चाई तो उस समय सामने आएगी जब शिक्षा विभाग की जांच पूरी हो जाएगी।

इनका कहना :

ममला संज्ञान मे आने के बाद शिक्षा विभाग को जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रतिवेदन आने के बाद यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

पुरूषोत्तम कुमार, एसडीएम, नागदा

जांच के आदेश मिले है। शुक्रवार को जाकर जांच की जाएगी।

सनत व्यास, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी

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