पन्ना जिले के टिकरिया बीट के जंगल में मिला मादा तेंदुआ का शव
जंगल में मिला मादा तेंदुआ का शवAnil Tiwari

पन्ना जिले के टिकरिया बीट के जंगल में मिला मादा तेंदुआ का शव

पन्ना जिले के टिकरिया बीट के जंगल में मिला मादा तेंदुआ का शव तेंदुए की संदिग्ध मौत ने उठाये कई सवाल वन विभाग ने कहा तेंदुए की हुई प्राकृतिक मौत।

राज एक्सप्रेस। पन्ना जिले में वन व वन्य जीव सुरक्षित नहीं हैं। आये दिन जंगली जानवरों के शिकार के मामले सामने आते रहते हैं। वहीं दीपावली के दूसरे दिन पन्ना जिले के दक्षिण वन मण्डल की शाहनगर रेंज के टिकरिया बीट अंतर्गत मादा तेंदुए का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारी प्रथम दृष्टया तेंदुए की मौत को सामान्य बता रहे है। इनका कहना है कि, मृत तेंदुए के शव पर किसी भी प्रकार के निशान नहीं हैं। वन विभाग ने तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

जानकारी के अनुसार:

इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार की सुबह जंगल गश्त के दौरान टिकरिया बीट के वन कक्ष क्रमांक.पी. 987 में प्लाण्टेशन के समीप एक मादा तेंदुआ मृत अवस्था में झाड़ियों के बीच पड़ा मिला। उसकी आयु करीब 5-6 वर्ष है। क्षेत्र में ऐसी चर्चा है कि दीपावली के त्यौहार पर जहां वन कर्मी अपने घर चल गये, जिसका फायदा शिकारियों ने उठाया और तेंदुए को मौत के घाट उतार दिया होगा। फिलहाल अभी यह कहना जल्दबादी होगा पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही तेंदुए की मौत के कारणों का पता चल सकेगा। दक्षिण वन मण्डल की पवई रेंज अंतर्गत तेंदुए की मौत का यह पहला मामला नहीं है, बीते दो वर्षों में दो तेंदुओं के शिकार की घटनाएं सामने आई है। यहां बड़ी मात्रा में विस्फोटक और हथियार भी जप्त हुए। वन्य जीवों का शिकार उनके अंगों की तस्करी के चौंकाने वाले खुलासे भी हुए हैं।

शाहनगर रेंज में अंतर्गत कुछ माह पूर्व जंगल में वन्य प्राणियों के शिकार के लिए नंगे तार बिछाकर करंट प्रवाहित करने से उसकी चपेट में आये एक व्यक्ति और तेंदुए की मौत होने का सनसनीखेज मामला भी उजागर हुआ था। शिकार की इन तमाम घटनाओं तथा क्षेत्र में व्याप्त चर्चाओं को दृष्टिगत रखते हुए टिकरिया बीट अंतर्गत युवा मादा तेंदुए की प्राकृतिक मौत होने का दावा संदिग्ध प्रतीत होता है। फंदा लगाकर उसका शिकार किए जाने की आशंका को लेकर विभाग मेें हड़कंप मचा है।

वन्य प्राणियों की सुरक्षा पर उठे सवाल:

जिले के वन विभाग हमेशा से अपनी कार्यप्रणाली के कारण संदेह के घेरे में रहता है। कई बार अधिकारियों पर अपने कार्य क्षेत्र में न रहने के आरोप लगाये हैं। जिसका फायदा वनकर्मी उठाते है और वह जंगल में न रहकर अपने घर में आराम फरमाते रहते हैंं। जिस कारण वन व वन्य प्राणियों की सुरक्षा खतरे में रहती है। सबसे ज्यादा शिकार के मामले दक्षिण वन मण्डल के पवई व शाहनगर क्षेत्र में देखने को मिलते है। इसके बाद भी इस ओर कोई खास उपाय नही किये जाते हैं। जबकि लोगों की माने तो शिकारी इसी क्षेत्र में शिकार की सबसे ज्यादा घटनाओं को अंजाम देते हैं। मृत तेंदुए की खबर पर आनन-फानन में वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मौके का मुआयना कर तेंदुए का शव पोस्टमोर्टम के लिए भेजा गया।

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