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शिविर का आयोजन
शिविर का आयोजन|Amit Raikwar
मध्य प्रदेश

यह है राइट टू हेल्थ? नसबंदी के बाद महिलाओं को नहीं मिला बिस्तर

विदिशा जिले की लटेरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में महिला नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर के दौरान महिलाओं के परिजन रात भर जगह-जगह बैठे दिखाई दिए।

Amit Raikwar

राज एक्सप्रेस। विदिशा जिले की लटेरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में महिला नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था। जिसमें लटेरी क्षेत्र की 37 महिलाओं की नसबंदी राजगढ़ से आए डॉ गौरव त्रिपाठी द्वारा की गई थी।

ऑपरेशन के दौरान देखी गई लापरवाही

इस शिविर के दौरान सबसे बड़ी बात कहें या प्रसाशनिक व्यवस्था की लापरवाही कहें कि, 37 महिलाओं की नसबंदी करने के बाद एक ही कमरे में सबको जमीन पर जानवरों की तरह भर दिया गया। इस शिविर के दौरान महिलाओं के परिजन रात भर जगह-जगह बैठे दिखाई दिए।

ऑपरेशन के दौरान देखी गई लापरवाही
ऑपरेशन के दौरान देखी गई लापरवाही
Amit Raikwar

लापरवाही की सूचना राज एक्सप्रेस को मिली

राज एक्सप्रेस की टीम के पहुंचते ही अस्पताल प्रबंधन बगलें झांकते नजर आया, 37 महिलाओं की नसबंदी के दौरान लापरवाही की सूचना राज एक्सप्रेस को मिली तो राज एक्सप्रेस की टीम को मौके पर जाकर देखने में मिला कि, लगभग 37 महिलाओं को एक ही कमरे में जमीन पर खचाखच भरकर लिटा रखा है, इस दौरान महिलाओं के कई परिजन भी परेशान नजर आए।

महिलाओं की नसबंदी के दौरान लापरवाही
महिलाओं की नसबंदी के दौरान लापरवाही
Amit Raikwar

मध्यप्रदेश के विदिशा जिले की लटेरी में स्वास्थ्य विभाग का बेहद ही लापरवाह और अमानवीय चेहरा सामने आया है। जहां एक तरफ प्रदेश की कमलनाथ सरकार के राईट टू हेल्थ की बात कर रही है, तो वहीं दूसरी ओर विदिशा जिले में उसका मजाक उड़ाया जा रहा है। विदिशा जिले का स्वास्थ्य विभाग अपनी गैर जिम्मेदाराना करतूतों से बाज नहीं आ रहा है।

ताजा मामला विदिशा जिला मुख्यालय से तकरीबन 90 किलोमीटर दूर लटेरी के स्वास्थ्य केंद्र का है जहां शनिवार को महिला नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था और इस दौरान 37 महिलाओं ने नसबंदी का ऑपरेशन भी कराया गया था। लेकिन ऑपरेशन के तत्काल बाद ही उन महिलाओं को अस्पताल परिसर में ही फर्श पर लिटा दिया गया, उन महिलाओं को एक बेड तक नसीब नहीं हो सका।

ठंड के मौसम में नसबंदी का ऑपरेशन करवाने वाली महिलाओं को संक्रमण फैलने के खतरे को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया। जहां एक तरफ स्वास्थ्य महकमे द्वारा नसबंदी को लेकर समाज में जागरूकता लाने एवं प्रोत्साहित करने की बातें की जाती हैं और भारी-भरकम बजट भी जारी किया जाता है। वहीं दूसरी तरफ विदिशा के लटेरी की यह घटना की तस्वीरें स्वास्थ्य विभाग के बेहद लापरवाह रवैये को उजागर करने के साथ-साथ शर्मसार भी करती हैं।

" लटेरी में हुए नसबंदी शिविर के दौरान की गई लापरवाहियों के मामले में टीम गठित कर जांच कराई जाएगी, साथ ही जांच की कार्यवाही से राज एक्सप्रेस को भी अवगत कराया जाएगा "

सीएमएचओ केएस अहिरवार विदिशा मप्र

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