ग्वालियर : केंद्रीय मंत्री तोमर व पूर्व सीएम कमलनाथ पर होगी एफआईआर

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर ग्वालियर व दतिया कलेक्टर को दिए निर्देश। कार्यक्रम के आयोजकों एवं उसमें शामिल होने वाले नेताओं पर पहले एफआईआर करें फिर जांच करें।
ग्वालियर : केंद्रीय मंत्री तोमर व पूर्व सीएम कमलनाथ पर होगी एफआईआर
केंद्रीय मंत्री तोमर व पूर्व सीएम कमलनाथ पर होगी एफआईआरRaj Express

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। कोरोना गाइड लाइन का उल्लंघन करने पर मध्यप्रदेश उच्चन्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह तोमर, मुन्नालाल गोयल, कांग्रेस प्रत्याशी सतीश सिंह सिकरवार, फूलसिंह बरैया व कांग्रेस नेता रामनिवास रावत पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए फोटो वीडियो के साक्ष्य के आधार पर की है। हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिए कि उक्त कार्यक्रमों के आयोजक एवं उसमें शामिल होने वालों पर तत्काल एफआईआर दर्ज करें उसके बाद जांच करने का काम करें।

हाईकोर्ट ने कलेक्टर ग्वालियर और दतिया को निर्देश दिया है कि वे कोविड-19 के दिशानिदेर्शों का उल्लंघन करने वाले राजनीतिक पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट तथा आईपीसी के तहत एफ आई आर दर्ज करें। न्यायमूर्ति शील नागू एवं न्यायमूर्ति राजीव कुमार श्रीवास्तव की युगल पीठ ने आशीष प्रताप सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए हैं। यह याचिका एडवोकेट सुरेश अग्रवाल के माध्यम से प्रस्तुत की गई है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि इस मामले में न्याय मित्र संजय द्विवेदी राजू शर्मा एवं वीडी शर्मा की रिपोर्ट पर 3 अक्टूबर को दिए गए अंतरिम आदेश के तहत यह निर्देश दिए गए हैं। 3 अक्टूबर को न्याय मित्रों ने न्यायालय को बताया था कि कि राजनैतिक पार्टियों ने चाहे वह सत्ता दल की हो या फिर विपक्ष किसी ने भी कोविड-19 के विषय में सरकार द्वारा जो बचाव के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं उनका पालन नहीं किया है, जिसकी वजह से कोरोना संक्रमण फैसले की पूरी आशंका है। न्याय मित्रों की रिपोर्ट ने न्यायालय के सामने इस बात को बिल्कुल स्पष्ट कर दिया था की ग्वालियर संभाग के किसी भी जिले में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा कोविड-19 के बचाव उपायों का तथा कोविड-19 की गाइड लाइन का बिल्कुल पालन नहीं किया जा रहा है। न्यायालय ने जय मित्रों की इस रिपोर्ट को सही मानते हुए ग्वालियर चंबल संभाग के सभी जिला कलेक्टरों को आदेश दिया है कि जिन राजनैतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों एवं प्रत्याशियों ने कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन नहीं किया है उनके खिलाफ मामला दर्ज करें और साथ ही ये भी कहा है कि खंडपीठ के न्याय क्षेत्र में आने वाले सात जिलों के प्रशासकों को संज्ञेय अपराध मान कार्रवाई करे। यदि उन्होने गाइड लाइन का पालन नहीं कराया तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। याचिका में कहा गया था कि उपचुनाव में कोविड गाइड लाइन का मजाक उड़ाया जा रहा है, जिसकी वजह से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

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