आदिवासियों का आरोप : वन विभाग के अधिकारियों ने लगाई झोपड़ियों में आग
वन विभाग के अधिकारियों ने लगाई झोपड़ियों में आगसागर संवाददाता

आदिवासियों का आरोप : वन विभाग के अधिकारियों ने लगाई झोपड़ियों में आग

पीड़ित आदिवासी परिवार देवरी पहुंचे जहां विधायक हर्ष यादव के जनता दरबार में आप बीती सुनाई। विधायक ने मामले की जानकारी एसडीएम को दी एवं दक्षिण वन मंडल के डीएफ ओ नवीन गर्ग को सारी स्थिति से अवगत कराया।

सागर, मध्य प्रदेश। अंग्रेजी शासन भले की खत्म हो गया हो, लेकिन अंग्रेजों की जैसी दमनकारी कार्यवाही वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने के नाम पर वन परिक्षेत्र गौरझामर के ग्राम चरगुवां में की गई जहां वन भूमि पर निवास कर रहे लगभग 19 परिवारों को अतिक्रमण हटाने के नाम पर उनकी घांस-फूस की झोपडिय़ों में वन विभाग के कुछ अधिकारियों ने आग लगा दी।

निवास कर रहे परिवारों ने वन विभाग के अधिकारियों पर इतने गंभीर आरोप लगाए हैं कि, वन विभाग अगर इनकी आरोपों के आधार पर जांच करे तो इन्हें जेल पहुंचने से कोई नहीं बचा सकता। वन विभाग के अधिकारियों की तानाशाही का आलम यह है कि जली हुई झोपडिय़ों से लोग कपड़े भी नहीं निकाल पाए। बच्चे बिना कपड़ों के भूख से बिलख रहे हैं, खाना बनाने का सामना सहित पूरी गृहस्थी आग के हवाले करने वाले वन विभाग पर देखना होगा कि जिले के तीन मंत्री क्या कार्यवाही करते हैंï गौरतलब है कि देवरी विकासखंड के अंतर्गत वन परिक्षेत्र गौरझामर के ग्राम चरगुवां में वन भूमि पर पिछले 10 सालों से खेती कर रहे 19 गरीब मजदूर परिवारों की झोपडिय़ों में वन विभाग अधिकारियों ने आग लगा दी।

पीड़ित आदिवासी परिवार शुक्रवार को देवरी पहुंचे जहां विधायक हर्ष यादव के जनता दरबार में अपनी आपबीती सुनाई। विधायक हर्ष यादव ने मामले की जानकारी एसडीएम को दी एवं दक्षिण वन मंडल के डीएफ ओ नवीन गर्ग को सारी स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद शनिवार को विधायक हर्ष यादव मौके पर पहुंचे और उन्होंने आदिवासियों के आग लगाकर उजाड़ी गईं झोपडिय़ों को देखा। उन्होंने आदिवासियों से मुलाकात कर भरोसा दिलाया कि उनके साथ हुए अन्याय का विरोध करेंगे और उनके हक की लड़ाई लड़ेंगे।

आदिवासियों ने अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

पीड़ित आदिवासी मेहरबान सिंह ने बताया कि हम लोग मजदूरी करने गए थे, पता चला कि वन अधिकारियों ने झोपड़ी में आग लगा दी है, आकर देखा झोपड़ी जलकर राख हो चुकी थी। मैंने डिप्टी रेंजर से पूछा मेरी झोपड़ी में आग क्यों लगा दी, अगर बोला होता तो स्वयं हटा लेते जिस पर उन्होंने कहा कि हमारी जमीन है, हमने हटा लिया है इसके बाद उन्होंने गाली गलौज करते हुए गला दबाने की कोशिश की और मारपीट कर दी। रेवाराम आदिवासी ने बताया कि वन विभाग के अधिकारी दोपहर करीब 12 बजे आए और एक-एक करके सभी मजदूरों की झोपडिय़ां जलाना शुरु कर दीं। उन्होंने किसी से कोई बात नहीं की और सीधे आग लगाना शुरू कर दी।

दारू मुर्गा पार्टी के नाम पर 500 मांगते थे

गौरझामर के डिप्टी रेंजर निर्भान सिंह पहले हर साल 10-5 हजार रुपए लेते रहे हैं वह चौकीदारों को भेजकर पैसे मंगवाते थे और कहते थे कि तुम लोगों को जमीन का पट्टा बनवा देंगे कभी-कभी दारू मुर्गा पार्टी के नाम पर 500 मांगते थे। कभी कभार आते थे और मोबाइल से वीडियो बनाकर ले जाते थे। उत्तम आदिवासी ने बताया कि शुक्रवार को अचानक 40 वन कर्मचारी 30 सुरक्षा श्रमिक आये और बिना कोई नोटिस और सूचना दिए हम लोगों की टपरिया में आग लगाना शुरू कर दिया मना करने पर उन्होंने मेरे साथ मारपीट कर दी। पीडि़त आदिवासी महिला ओमवती ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारियों ने महिलाओं के साथ मारपीट और गाली गलौज की है। कुसुम रानी ने बताया कि करीब 11 बजे मैं टपरिया में रोटियां बना रही थी उसी समय डिप्टी रेंजर निर्वाण सिंह आए और कहने लगा टपरिया खाली करो तो उन्होंने मना कर दिया तो वह गाली गलौज करने लगे और मारपीट करने लगे और टपरिया में आग लगा दी जिससे उनकी टपरिया पूरी तरह जलकर खाक हो गई।

कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए, डिप्टी रेंजर सहित दो वनपालों को किया निलंबित

गौरझामर चरगुवां में घटित घटना का कलेक्टर दीपक आर्य एवं पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह ने वन विभाग एवं राजस्व अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर से दीपक आर्य ने तत्काल प्रभाव से पूरी घटना की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने जांच रिपोर्ट तीन दिवस में पूर्ण करने एवं प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर श्री आर्य ने बताया कि जांच समीति में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अमन मिश्रा एवं पुलिस पूजा शर्मा तीन दिवस में जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगी। कलेक्टर श्री आर्य ने बताया कि तत्काल प्रभाव से डिप्टी रेंजर निर्भान सिंह एवं घटना में संलिप्त वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर श्री आर्य ने अनुविभागीय अधिकारी अमन मिश्रा को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को तत्काल 50-50 किलो राशन एवं कपड़े पहनने के लिए व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह ने घटनास्थल पर पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने सुनी समस्याएं, तत्काल निराकरण करने के दिए निर्देश

देवरी विकासखंड के दूरस्थ ग्राम चरगुवां एवं सिलारपुर में कलेक्टर दीपक आर्य ने ग्राम वासियों की समस्याएं सुनी एवं मौके पर ही निराकरण करने के निर्देश दिए। ग्राम वासियों ने बताया कि ग्राम में पेयजल की समस्या है जिस पर कलेक्टर श्री आर्य ने हैंडपंप में विद्युत मोटर डालकर सप्लाई करने के निर्देश मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत देवरी को दिए। ग्राम वासियों द्वारा बताया गया कि राशन पर्ची नहीं मिली है कलेक्टर श्री आर्य ने तत्काल राशन पर्ची दिलाने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी अमन मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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