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छिंदवाड़ा में मरीज हुए लापरवाही के शिकार
छिंदवाड़ा में मरीज हुए लापरवाही के शिकार|Social Media
मध्य प्रदेश

सनसनीखेज मामला! छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में मरीज हुए लापरवाही के शिकार

छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश: छिंदवाड़ा ज़िले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, अस्पताल में मरीजों को आँखो का ऑपरेशन कराना पड़ा महंगा।

Priyanka Yadav

Priyanka Yadav

राज एक्सप्रेस। मरीजों के आंखों की रोशनी जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है जिला अस्पताल छिन्दवाड़ा में मरीजों की आंखों की रोशनी क्यों गई यह बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है जिला प्रशासन ने पीड़ितों को भोपाल रेफर किया। जिला अस्पताल में मरीजों की आँखो की रोशनी जाने के मामले में जिला अस्पताल का नेत्र विभाग और अस्पताल प्रबन्धन कुछ भी स्पष्ट कारण नही बता पा रहा है वही एहतियातन अस्प्ताल प्रबंधन द्वारा ओटी सील कर दी गई है। 750 बिस्तर के जिला अस्पताल में नेत्र विभाग के मात्रा 30 बिस्तर ही है।

फिलहाल जहां नेत्र विभाग है वहां की बिल्डिंग पूरी जर्जर हो चुकी है बताया जा रहा है कि, यहां आने वाले मरीजों में से बमुश्किल 4 से 5 मरीजों का ही ऑपरेशन हो पाता है पिछले माह की 18 सितंबर को ग्रामीण अंचलों से आये 4 लोगों का जिला अस्पताल में 25 सितंबर को ऑपरेशन किया गया लेकिन 27 तारीख को जब उनके आंखों के सामने की पट्टी हटी तो केवल अंधेरा ही नजर आया, इस पर पीड़ितों को डॉक्टर ने कहा कि, ड्राप देकर रवानगी देकर विश्वास दिलाया कि तीन चार दिनों में आपके आंखों में दिखाई देने लगेगा। मरीजों की आंखों की रोशनी क्यों गई इस पर ध्यान देने के बजाय नेत्र विभाग प्रमुख नेत्र चिकित्सक का अनुभव गिनाते नजर आ रहे है।

ऑपरेशन में 4 की गई आंखों की रोशनी
ऑपरेशन में 4 की गई आंखों की रोशनी
Priyanka Yadav

छिन्दवाड़ा के उभेगांव निवासी बुजुर्ग कलावती जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाने इस उम्मीद के साथ आई थीं कि उनकी आंखों में अच्छा दिखाई देने लगेगा लेकिन ऑपरेशन के बाद उसे मिला अंधेरा। कलावती के नाती द्वारा सीएम के हेल्प लाइन में शिकायत करने के बाद पूरा मामला सामने आया है इसके बाद जिला अस्पताल में सभी मरीजों अस्प्ताल बुलाया गया जहां से भोपाल भेजने की तैयारी चल रही है मुख्य चिकित्साधिकारी का कहना है उनकी आंखों में रोशनी लाने के तमाम प्रयास किये जाएंगे वहीं अब जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को अब इस कांड के बाद डर सता रहा है।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिए जांच के आदेश

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा जिले में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद मरीजों की रोशनी जाने का मामला सामने आने के बाद इसकी जांच के आदेश दिए हैं। श्री कमलनाथ ने बुधवार को इस संबंध में ट्वीट के माध्यम से कहा कि जांच में जिसकी भी लापरवाही या दोष सामने आएगा, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। इन मरीजों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी और इनकी रोशनी वापस लाने के सभी प्रयास किए जाएंगे। छिंदवाड़ा जिले में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद कम से कम चार पांच मरीजों के आंखों की रोशनी जाने का मामला सामने आया है।

बीस -बीस लाख की मिले आर्थिक सहायता: भार्गव

मध्यप्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव ने कहा कि, मुख्यमंत्री के गृह जिला छिंदवाड़ा के सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान चार मरीजों की रोशनी जाने का मामला गंभीर है और इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए। श्री भार्गव ने एक विज्ञप्ति में आरोप लगाया कि चिकित्सकों की लापरवाही के कारण मरीजों की रोशनी गयी है। उन्होंने पीड़ित मरीजों के बेहतर इलाज की व्यवस्था कराने, पीड़ित परिजनों को 20-20 लाख रुपयों की आर्थिक सहायता देने और लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

कुछ समय पहले इंदौर में भी मोतियाबिंद के ऑपरेशन के कारण 11 मरीजों के आंखों की रोशनी चली गयी थी। सरकार ने इस घटना से कोई सबक नहीं लिया और अब मुयमंत्री के गृह जिले में ही इस तरह की घटना हो गयी।

नेता गोपाल भार्गव