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Fraud CBI Officer
Fraud CBI Officer| Rohit Dubay
मध्य प्रदेश

बैतूल: युवक ने सीबीआई अधिकारी बनकर मोबाइल शॉप में की ठगी

बैतूल,आमला: सीबीआई अधिकारी बनकर मोबाइल शॉप में ठगी कर,फर्जी एप्प से भुगतान करने का मामला सामने आया है। हालांकि सीसी टीवी ने इन युवकों को कैद कर लिया है। इनकी थाने में शिकायत की गई है।

Rohit Dubey

हाइलाइट्स :

  • CBI अधिकारी बनकर की मोबाइल शॉप में ठगी

  • सरदार की वेशभूषा में वारदात को दिया अंजाम

  • फर्जी ट्रांजेक्शन एप्प का किया उपयोग

  • पहले भी कर चुका है ठगी

  • व्यापारियों में ऑनलाइन बिक्री को लेकर भय का माहौल

राज एक्सप्रेस। अपने आप को सीबीआई का अधिकारी बता कर एक व्यक्ति द्वारा आमला उपनगरीय बोडखी में एक मोबाइल शॉप में ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है, नकली सीबीआई अधिकारी ने मोबाइल शॉप पर जाकर एक महँगा मोबाइल ले लिया और दुकानदार को ऑनलाइन पेमेंट अपने काउंट से कर भी दिया, लेकिन मोबाइल शॉप संचालक के खाते में राशि ही नहीं आई इसके बाद दुकानदार मनीष गुगनानी ने इसकी शिकायत पुलिस थाना आमला में की है। यह नकली सीबीआई अधिकारी ठगने में माहिर है जिसके पास है बैंक के सभी प्रकार के फर्जी दस्तावेज हैं।

मनीष गुगनानी ने बताया :

मनीष गुगनानी ने बताया कि, को एक व्यक्ति वाहेगुरु सिंग नामक सरदार जी के वेशभूषा में फ़ोन लेने आया और उसके बाद एक्सिस बैंक के एपलीकेशन से 19990 ट्रान्सफर किये और स्क्रीनशॉट दिखाया जिसमे सक्सेस का मैसेज आया पर बैंक का मैसेज नही आया, बैंक से पता करने पर ज्ञात हुआ ऐसा कोई लेन देन नहीं हुआ है और उसके बाद से उसका फ़ोन बन्द आ रहा है, वो लुधियाना का रहने वाला है उसके आधार कार्ड ओर बैंक अकाउंट में भी उसका पता लुधियाना का ही है।

पहले भी कर चुका है ठगी :

सूत्रों के मुताबिक वह ऐसी घटना पहले वह वरूड और नागपुर में कर चुका है आशंका है कि यह वारदात छिन्दवाड़ा में भी कर चुका है। बताया जाता है कि श्री राम हैंडलूम से फर्जी सीबीआई आफिसर ने 19,990 का वीवो कम्पनी का मोबाईल खरीद कर ऑनलाइन पेमेन्ट करके ठगी की है पुलिस मामले की जांच कर रही है।

फर्जी ट्रांजेक्शन एप्प का किया उपयोग :

श्री राम हेंडलूम मोबाइल दुकान के संचालक मनीष गुगनानी से हुई ठगी के बाद शहर के व्यापारियों में ऑनलाइन खरीद-बिक्री को लेकर काफी भय का माहौल दिखाई पड़ रहा है वहीं शहर में फर्जी ट्रांजेक्शन एप्प को लेकर चर्चा तेज है। लोगों की मानें तो मोबाइल के प्ले स्टोर में सर्च करने पर बहुत से ऐसे एप्प मिलेंगे जिनसे ट्रांजेक्शन सफल बताने के बाद भी राशि ट्रांसफर नहीं होती है और लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं।