ग्वालियर : कोरोना काल में बच्चियों की पढ़ाई हुई प्रभावित, बाल विवाह बढ़े
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ग्वालियर : कोरोना काल में बच्चियों की पढ़ाई हुई प्रभावित, बाल विवाह बढ़े

शून्यकाल के दौरान राज्यसभा में यह मुद्दा उठाते हुए सिंधिया ने कहा कि कारोना काल में समस्त गतिविधियों के साथ ही स्कूल भी बंद कर दिए गए थे। इससे बच्चों, खास कर लड़कियों की पढ़ाई पर प्रश्नचिन्ह लग गया।

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। भाजपा के राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को कोरोना काल में स्कूलों के बंद होने से बच्चों, खास कर लड़कियों के भविष्य और उनकी पढ़ाई पर प्रश्नचिन्ह लगने तथा बाल विवाह के मामले बढ़ने का सवाल उठाया। उन्होंने दावा करते हुए सरकार से मांग की है कि राज्यों से बाल विवाह पर आकड़े एकत्र करने के लिए कहा जाना चाहिए।

शून्यकाल के दौरान राज्यसभा में यह मुद्दा उठाते हुए सिंधिया ने कहा कि कारोना काल में समस्त गतिविधियों के साथ ही स्कूल भी बंद कर दिए गए थे। इससे बच्चों, खास कर लड़कियों की पढ़ाई पर प्रश्नचिन्ह लग गया। स्कूल का सेफ्टी नेट न होने की वजह से इन बेटियों के बाल विवाह का खतरा बढ़ गया। सिंधिया ने दावा किया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित चाइल्ड हेल्प लाइन के संबंध में आरटीआई के माध्यम से पता चला है कि इस हेल्पलाइन पर बाल विवाह को लेकर करीब 18,324 शिकायतें मिलीं। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से ऐसी 200 से अधिक शिकायतें और कर्नाटक से 188 शिकायतें मिलने की जानकारी मिली है। सिंधिया ने इसे चिंताजनक बताते हुए मांग की है कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय राज्यों से बाल विवाह पर आंकड़े एकत्र करने के लिए कहें, साथ ही बाल वधुओं की उचित काउंिसलिंग के लिए जिला कल्याण समितियों को सक्रिय किया जाए। उन्होंने बाल विवाह रोकने के लिए कानून के सख्ती से पालन की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि एक ऐसा खाका तैयार किया जाना चाहिए कि बच्चे बीच में ही अपनी पढ़ाई न छोड़ें।

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