कब्जा कुर्सी का: CM के नाम आया राज्यपाल का निर्देशों भरा पत्र
कब्जा कुर्सी का: CM के नाम आया राज्यपाल का निर्देशों भरा पत्र|Social Media
मध्य प्रदेश

खेल कुर्सी का: CM के नाम आया राज्यपाल का निर्देशों भरा पत्र

भोपाल, मध्यप्रदेश : कमलनाथ सरकार पर आए अभूतपूर्व संकट के चलते राजनीतिक घटना क्रम के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है।

Priyanka Yadav

Priyanka Yadav

राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ सरकार पर आए अभूतपूर्व संकट के चलते राजनीति में तेज हलचल मची हुई है। राजनीतिक घटना क्रम के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री कमलनाथ को राज्यपाल लालजी टंडन ने चिट्ठी लिखी है और चिट्ठी में फ्लोर टेस्ट कर विश्वास मत हासिल करने की बात कही गई है।

राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा-

राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा है कि अभिभाषण के तुरंत बाद विश्वास मत लेना होगा। विधानसभा किसी भी तरीक़े से निलम्बित नहीं होगी, सोमवार को ही विश्वास मत हासिल करना होगा। राज्यपाल लालजी टंडन ने विधान सभा स्पीकर को चिट्ठी लिखी। 16 मार्च को सरकार अपना बहुमत साबित करे।

राज्यपाल की CM कमलनाथ के नाम लिखी गई चिट्ठी का सार
  • इस संबंध में संविधान 174 सह गठित/175 (2) मुझमें निहित अन्य संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए निर्देश।

  • सत्र 16 मार्च 11 बजे से शुरू होगा।

  • मेरे अभिभाषण के तत्काल बाद एकमात्र कार्य विश्वास प्रस्ताव पर मतदान होगा

  • विश्वास मत विभाजन के आधार पर बटन दबाकर ही होगा अन्य किसी तरीके से नहीं

  • 16 मार्च 2020 को यह कार्यवाही पूरी होना चाहिए। निलंबित, स्थगित और विलंबित नहीं होगी।

  • इसकी निष्पक्ष वीडियोग्राफी कराई जाएगी।

राज्यपाल ने CM को लिखी चिट्ठी
राज्यपाल ने CM को लिखी चिट्ठी
Social Media
राज्यपाल ने CM को लिखी चिट्ठी
राज्यपाल ने CM को लिखी चिट्ठी
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विधानसभा का बजट सत्र के लिए ये निर्णय लिया गया है क्योंकि कमलनाथ सरकार चाह रही थी कि कोरोना के कारण बजट सत्र आगे बढ़ाया जाए। आपको बता दें कि, राजनीतिक घटना क्रम के बीच कल भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह और रामपाल सिंह ने राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की थी।

शिवराज ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा था-

राजभवन से बाहर आने के बाद शिवराज ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा था कि- हम राज्यपाल महोदय से मुलाकात करके उनको ज्ञापन सौंपकर आए हैं। 22 विधायकों ने इस्तीफा दिया है। कमलनाथ की सरकार अब अल्पमत में है, ऐसी स्थिति में सरकार चलाने का कोई भी संवैधानिक अधिकार वर्तमान सरकार को नहीं है।

बता दें कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ भी राज्यपाल से मिले थे। इसके बाद उन्होंने कहा था कि फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है सरकार, लेकिन पहले विधायकों को मुक्त कराएं।

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