एरिया स्टोर में रखे-रखे ही निकल गया ट्रांसफार्मरों का गारंटी पीरियड
एरिया स्टोर मे रखे-रखे ही निकल गया ट्रांसफार्मरों का गारंटी पीरियडसांकेतिक चित्र

एरिया स्टोर में रखे-रखे ही निकल गया ट्रांसफार्मरों का गारंटी पीरियड

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : बिजली कंपनी के महलगांव स्थित एरिया स्टोर में लगभग दो सैकड़ा वितरण ट्रांसफार्मरों का गारंटी पीरियड रखे-रखे ही निकल गया है।

हाइलाइट्स :

  • बिजली कंपनी के महलगांव एरिया स्टोर में रखे दो सैकड़ा बिना गारंटी खत्म वाले वितरण ट्रांसफार्मर

  • हाल ही में ऊर्जा मंत्री ने भोपाल व गुना जिले के एरिया स्टोर्स का किया औचक निरीक्षण

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। बिजली कंपनी के महलगांव स्थित एरिया स्टोर में लगभग दो सैकड़ा वितरण ट्रांसफार्मरों का गारंटी पीरियड रखे-रखे ही निकल गया है। इन ट्रांसफार्मरों का गारंटी पीरियड 36 माह का रहता है तथा ठेके वाले ट्रांसफार्मरों का गारंटी पीरियड 12 माह रहता है। अब अगर यह ट्रांसफार्मर पहली चार्जिंग में फेल होते हैं तो संबंधित डीजीएम से इसकी वसूली का प्रावधान है जबकि अगर गारंटी पीरियड में फेल होते तो निर्माता कंपनी को इन्हें बदलना पड़ता। हाल ही में प्रदेश के नवागत ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह ने भोपाल व गुना स्थित कंपनी के एरिया स्टोर का औचक निरीक्षण किया है।

बिजली कंपनी में ट्रांसफार्मरों सहित अन्य सामानों की खरीदी में बड़ी लापरवाही की जाने की बात कही जा रही है। उस सामान को भी खरीद लिया जाता है जिसकी जरूरत ही नहीं पड़ती है। जबकि जानकारों की माने तो यह होना चाहिए कि जितने सामान की खपत हो उतना ही खरीदना चाहिए जिससे बिजली कंपनी को बहुत बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है।

निर्माता कंपनियों का बचाव :

अगर कोई वितरण ट्रांसफार्मर पहली चार्जिंग में फेल हो जाता है तो उस क्षेत्र के डीजीएम से उस ट्रांसफार्मर की कीमत के साथ-साथ उसके परिवहन का खर्चा वसूले जाने का प्रावधान है। इस कार्यवाही से बचने के लिए डीजीएम फेल होने पर उसको फेल घोषित नहीं करते हैं तथा 15 दिन बाद घोषित करते हैं। इससे बिजली कंपनी के अधिकारी ट्रांसफार्मर निर्माता कंपनी को बचा लेते है जबकि होता यह है कि अगर उस ट्रांसफार्मर के निर्माण में कोई फॉल्ट होता है तभी वह फेल होता है। इस प्रकार बिजली कंपनी घटिया ट्रांसफार्मर निमार्ता कंपनियों को प्रमोट कर रही है।

ट्रांसफार्मरों को फील्ड में भेजते समय डालते कम तेल :

सूत्रों की मानें तो एरिया स्टोर प्रबंधन फील्ड में भेजे जाने वाले ट्रांसफार्मरों में कम तेल भर कर भेजता है, जिससे वह फील्ड में जाकर जल्द ही फेल हो जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ जब फील्ड से कोई ट्रांसफार्मर कंपनी के एरिया स्टोर में जमा होने आता है तब उसके तेल की जांच करते हैं तथा भरपूर तेल होने पर ही लेते हैं। फील्ड वाले अधिकारी मजबूर होते हैं लिहाजा वह इस मामले में चुप रहने में ही अपनी भलाई समझते हैं।

इस प्रकार लगती बिजली कंपनी को चपत :

अगर कोई वितरण ट्रांसफार्मर अपनी गारंटी अवधि में फेल होता है तो उसे निर्माता कंपनी को तुरंत बदलना पड़ता है जिससे निर्माता कंपनी को नुकसान होता है, इसलिए इस नुकसान से बचने के लिए निर्माता कंपनी द्वारा बिजली कंपनी प्रबंधन को लालच दिया जाता है कि वह उनके ट्रांसफार्मरों को गारंटी पीरियड में न जारी करें तथा उनका गारंटी परियड रखे-रखे ही निकाल दें। इससे होता यह है कि गारंटी पीरियड निकल जाने पर इन वितरण ट्रांसफार्मरों को बिजली कंपनी के खर्चे पर सुधरवाना होता है जिससे बिजली कंपनी का नुकसान होता है।

जारी ट्रांसफार्मरों की जांच से खुल जाएगा मामला :

सूत्रों की मानें तो अगर पिछले 8 माह में महलगांव स्थित बिजली कंपनी के एरिया स्टोर से जारी होने वाले वितरण ट्रांसफार्मरों की जांच की जाए तो पूरी स्थिति खुद व खुद सामने आ जाएगी। इसके साथ ही यह भी पता लग जाएगा कि जितने ट्रांसफार्मर जारी किए गए हैं उनमें से कितने फेल हो चुके हैं।

आवश्यकता से अधिक की इन सामानों की खरीदी :

बिजली कंपनी के महलगांव स्थित एरिया स्टोर में हजारों की संख्या में 33 केव्ही एबी स्विच की खरीदी की जा चुकी है, जबकि पूरा एबी स्विच कभी नहीं लगता केवल उनके पार्ट लगाए जाते हैं। इसी प्रकार वर्षों पहले से केबल खरीद कर रखी हुई है जिसमें से कुछ तो खराब भी हो चुकी है।

दस्तानों को तरस रहे कर्मचारी :

बिजली कंपनी द्वारा वर्षों से हेण्डग्ल्वस (दस्तानों) की खरीदी नहीं की गई है। इसके चलते बिजली कंपनी के लाइन स्टॉफ के पास दस्ताने नहीं है तथा वह फटे हुए दस्तानों से लाइन पर काम कर रहे हैं। बारिश के सीजन में फटे दस्तानें पहनने से इनको करंट लगने का खतरा है, जिससे उनकी जान भी जा सकती है।

इनका कहना :

हमने भोपाल व गुना के एरिया स्टोरों का फौरी निरीक्षण कर स्टोर के मुख्य अधिकारियों से मौजूद सामान की जानकारी देने के लिए कहा है। महलगांव स्थित एरिया स्टोर की भी जल्द ही जानकारी ली जाएगी। अगर कही कोई गड़बड़ मिली तो फिर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रद्युम्न सिंह तोमर, ऊर्जा मंत्री, मप्र शासन, भोपाल

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