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गुना सांसद केपी यादव
गुना सांसद केपी यादव |Social Media
मध्य प्रदेश

सांसद पर धोखाधड़ी का आरोप : हो सकती है बड़ी कार्रवाई

अशोकनगर/गुना : प्रदेश के गुना से सांसद केपी यादव और उनके पुत्र का जाति प्रमाण-पत्र हुआ निरस्त, जानिए क्या है वजह।

Deepika Pal

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राज एक्सप्रेस। प्रदेश में पक्ष और विपक्ष के नेताओं पर कानून की गाज गिरती ही जा रही है कई नेताओं के नाम इनमें शामिल हो रहे हैं, इसी के चलते गुना के सांसद कृष्णपाल सिंह यादव (केपी यादव) और उनके पुत्र सार्थक यादव का जाति प्रमाण-पत्र अशोकनगर के मुंगावली एसडीएम बीबी श्रीवास्तव ने निरस्त कर प्रतिवेदन को एडीएम अशोकनगर को भेज दिया है जिससे सांसद की मुश्किलें बढ़ सकती है, दरअसल यह मामला उनके पुत्र से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

क्या है मामला :

जानकारी के मुताबिक, यह मामला सन् 2014 का है जिसमें गुना सांसद केपी यादव ने अपने पुत्र सार्थक को पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का लाभ दिलाने और फायदा लेने के लिए अपनी आय को क्रीमीलेयर के 8 लाख रुपए से कम बताया गया था वहीं लोकसभा चुनाव के समय भी अपनी आय के खुलासे में आय 39 लाख के करीब बताया गया था, जिसे लेकर दोनों आयों में अंतर पाए जाने पर कांग्रेस विधायक ब्रजेंद्र सिंह यादव ने इस मामले में शिकायत एसडीएम से की थी। जिसके आधार पर एसडीएम ने जांच करते हुए पाया कि, उनकी आय 8 लाख रुपए से ज्यादा है, जिस पर कार्रवाई करते हुए उनके जाति प्रमाण-पत्र को निरस्त कर इसका प्रतिवेदन एडीएम को भेजा गया।

बता दें कि, हाल ही में 2019 में लोकसभा चुनाव में सांसद केपी यादव गुना सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराकर सांसद निर्वाचित हुए थे, जिसके बाद से वे चर्चा में थे।

कार्रवाई के तहत मामला हो सकता है दर्ज :

इस संबंध में सांसद केपी यादव और उनके पुत्र के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आईपीसी की की धारा 466 (दस्तावेज की कूट रचना) एवं 181 (शपथ दिलाने या अभिपुष्टि कराने के लिए प्राधिकॄत लोक सेवक के, या व्यक्ति के समक्ष शपथ या अभिपुष्टि पर झूठा बयान) के तहत मामला दर्ज हो सकता है। जिसके बाद यदि मामले में सांसद दोषी पाए जाते हैं तो अधिकतम सात साल की सजा और लोकसभा से सदस्यता खत्म हो सकती है।

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