ग्वालियर : मंत्रियों द्वारा किए गए 519 वादे नहीं हो पाए पूरे
मंत्रियों द्वारा किए गए 519 वादे नहीं हो पाए पूरे।Manish Sharma

ग्वालियर : मंत्रियों द्वारा किए गए 519 वादे नहीं हो पाए पूरे

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : माननीयों के सवाल पर मंत्रियों ने सदन के भीतर उन्हें पूरा करने के आश्वासन तो दे दिए लेकिन विभागीय अफसरों की अरुचि के चलते मंत्रियों द्वारा किए गए वादे पूरे नहीं हो पाए हैं।

हाइलाइट्स :

  • सवालों से बचने दे देते हैं आश्वासन

  • विधानसभा का बजट सत्र 22 फरवरी से होना है शुरु

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। माननीयों के सवाल पर प्रदेश के मंत्रियों ने सदन के भीतर उन्हें पूरा करने के आश्वासन तो दे दिए लेकिन विभागीय अफसरों की अरुचि के चलते मंत्रियों द्वारा किए गए 519 वादे पूरे नहीं हो पाए हैं।

विधानसभा में सवाल-जवाब, ध्यानाकर्षण और बजट तथा अन्य विषयों पर चर्चा के दौरान अक्सर मंत्री सदन के भीतर बचाव के लिए कई मसलों पर उन्हें पूरा करने का आश्वासन दे देते है। लेकिन बाद में जब विभागीय अधिकारी बताते हैं कि यह आश्वासन पूरा करना मुश्किल है तो फिर ऐसे आश्वासनों को लंबित रख दिया जाता है। कई बार अफसर मंत्रियों के आश्वासनों को पूरा करने में रुचि नहीं लेते है जिसके चलते सदन में आश्वासन मिलने के बाद भी वे पूरे नहीं हो पाते हैं। विधानसभा का बजट सत्र 22 फरवरी से शुरु होना है ऐसे में संसदीय कार्य विभाग ने एक बार फिर मंत्रियों के आश्वासन और लोक लेखा समितियों की सिफारिशें पूरी करने के लिए विभागों को याद दिलाया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में सर्वाधि 80 आश्वासन अधूरे हैं जिन्हें पूरा किया जाना है। कृषि विभाग में 62 और नगरीय विकास तथा आवास विभाग में 44, गृह विभाग में मंत्रियों के 42 आश्वासनों पर अमल नहीं हो पाया है। राजस्व, लोक निर्माण, सामान्य प्रशासन, वाणिज्य कर, आदिम जाति कल्याण, वन, स्कूल शिक्षा, पशुपालन, स्वास्थ्य, सहकारिता, परिवहन, उच्च शिक्षा,अनुसूचित जाति कल्याण, जलसंसाधन, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, महिला एवं बाल विकास सहित 41 विभागों में मंत्रियों के आश्वासन पूरे होना बाकी है।

145 शिकायतों पर अमल नहीं

विधानसभा की लोक लेखा समिति सदन में आने वाले मामलों पर सिफारिशें कर विभागीय मंत्री और अफसरों को उन्हें पूरा करने की अनुशंसा करती है। लेकिन ऐसी 145 अनुशंसाओं पर अब तक विभागों ने कोई कार्यवाही नहीं की है। वाणिज्यिक कर विभाग की सर्वाधिक 36 सिफारिशों पर अमल नहीं हुआ है। लोक निर्माण विभाग से जुड़ी 2, पशुपालन विभाग की 19 और राजस्व विभाग की 14 शिफारिशों पर अमल होना बाकी है। गृह, नगरीय प्रशासन, वन, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुसूचित जाति कल्याण, जलसंसाधन, महिला एवं बाल विकास, खनिज, नर्मदा घाटी विकास, उद्यानिकी, सामाजिक न्याय विभागों से जुड़ी सिफारिशों पर अमल होना बाकी है।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

AD
No stories found.
Raj Express
www.rajexpress.co