प्रशासन ने जमीन से अवैध कब्जा हटाया, हंगामा करने वालों को भेजा थाने

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : महलगांव मौजा में बेची गई जमीन पर स्थानीय निवासी ने कर लिया था कब्जा। 18 साल पहले किसान ने बिल्डर को बेची थी जमीन।
प्रशासन ने जमीन से अवैध कब्जा हटाया, हंगामा करने वालों को भेजा थाने
प्रशासन ने जमीन से अवैध कब्जा हटायाRaj Express

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। महलगांव में एक बीघा जमीन पर किए गए कब्जे को हटाते हुए प्रशासन ने बाउण्ड्री वॉल को तोड़ दिया। जमीन 18 साल से किसान द्वारा कंपनी को बेची गई थी लेकिन किसान के पुत्र ने जमीन पर कब्जा कर लिया था। कंपनी द्वारा प्रशासन को कब्जा हटाने के लिए आवेदन दिया गया था। पूरे मामले की सुनवाई तहसीलदार न्यायालय में की गई। सुनवाई में जमीन कंपनी के अधिकार की मानी गई और कब्जाधारी को कब्जा हटाने के आदेश दिए गए। लेकिन ढाई महीने बाद भी कब्जा न हटाने पर शनिवार को कार्यवाही की गई। पुलिस एवं प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में कब्जा हटाया गया। कार्यवाही के दौरान हंगामा करने वाले व्यक्ति को थाने भेज दिया गया जिसे बाद देर रात छोड़ दिया गया।

महलगांव मौजे के सर्वे क्रमांक 934 में स्थित एक बीघा जमीन का व्रिकय भू स्वामी द्वारा देव कृपा रियल्टी नामक कंपनी को किया गया था। इस जमीन का दस्तावेज भी कंपनी के नाम कर दिए गए थे। लेकिन जमीन पर किसान के पुत्र जण्डेल सिंह गुर्जर ने कब्जा करके बाउण्ड्री वॉल बना ली थी। तब से कंपनी जमीन को अपने स्वामित्व में नहीं ले पाई। अवैध कब्जे को लेकर कंपनी ने कलेक्टर को आवेदन देकर जमीन मुक्त कराने की मांग की थी। साथ ही तहसीदार न्यायालय में भी आवेदन दिया गया। तहसीलदार न्यायालय में पूरे प्रकरण की सुनवाई की गई। सुनवाई के बाद जमीन कंपनी के अधिकार क्षेत्र की मानी गई। ढाई महीने पहले सुनवाई पूरी होने के बाद कब्जाधारी को बेदखली के आदेश दिए गए। लेकिन कब्जा नहीं हटाया गया। शनिवार को एडीएम आशीष तिवारी द्वारा जमीन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में जमीन पर अवैध कब्जा सामने आया। इसे देखते हुए नायक तहसीलदार कुलदीव दुबे के निर्देशन में कार्यवाही शुरू कराई गई। मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बल उपलब्ध था। कार्यवाही के दौरान राम सहाय गुर्जर नामक व्यक्ति पहुंच गया और कार्यवाही का विरोध करते हुए हंगामा कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर थाने भेज दिया। दोपहर 1.15 से 3 बजे तक जमीन से बाउण्ड्री वॉल हटाकर कंपनी को कब्जा दिलवाया गया। देर रात थाने से युवक को भी छोड़ दिया गया।

कंपनी ने ही मंगा ली जेसीबी :

आम तौर पर इस तरह की कार्यवाही के लिए नगर निगम के मदाखलत अमले को बुलाया जाता है। चूंकि यह दो लोगों के बीच का विवाद था और कन्ट्रेक्शन कंपनी के पास स्वयं की जेसीबी थी इसलिए प्रशासन ने नगर निगम को इस कार्यवाही से दूर रहते हुए बिल्डर की जेसीबी से ही अतिक्रमण हटवा दिया।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

Related Stories

Raj Express
www.rajexpress.co