Gwalior : शताब्दी एक्सप्रेस की चपेट में आया ऊंट, 2 घंटे थमी रही ट्रेन
शताब्दी एक्सप्रेस की चपेट में आया ऊंट, 2 घंटे थमी रही ट्रेनRaj Express

Gwalior : शताब्दी एक्सप्रेस की चपेट में आया ऊंट, 2 घंटे थमी रही ट्रेन

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। उस समय एक बड़ा हादसा होने से बच गया जब नई दिल्ली-भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस से चम्बल के बीहड़ों से निकला एक ऊंट टकरा गया।

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। उस समय एक बड़ा हादसा होने से बच गया जब नई दिल्ली-भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस से चम्बल के बीहड़ों से निकला एक ऊंट टकरा गया। चालक ने गाड़ी का हार्न बजाकर रेलवे लाइन से इस ऊंट को हटाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली, हालांकि चालक के प्रयासों से शताब्दी एक्सप्रेस बड़ी दुर्घटना का शिकार होते-होते बच गई। गाड़ी का इंजन ऊंट के ऊपर से निकल गया। ऊंट इंजन के पीछे के जनरेटर व ब्रेकयान के पहियों में फंस गया। जिसे काट-काटकर बाहर निकाला गया। घटना की जानकारी मिलते ही सरायछोला थाना पुलिस, रेल पुलिस सहित रेल विभाग का अमला मौके पर पहुंच गया था। इस घटना के कारण इंजन में खराबी आ गई। ग्वालियर से नया इंजन भेजा गया तब गाड़ी घटना स्थल से रवाना हो सकी। इस दौरान दो घंटे तक यात्री गाड़ी में बैठे-बैठे परेशान होते रहे। इस घटना का प्रभाव लम्बी दूरी की पांच बड़ी गाडिय़ों पर भी देखा गया।

शताब्दी एक्सप्रेस शनिवार सुबह नई दिल्ली से भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के लिये रवाना हुई। यह गाड़ी धौलपुर स्टेशन से निर्धारित समय पर चलने के बाद चम्बल रेल पुल पार करती हुई चम्बल के बीहड़ों से गुजर रही थी। उसी समय बीहड़ों से निकला एक ऊंट रेल लाइन पर आ गया। चालक ने ऊंट को हटाने का प्रयास गाड़ी के तेज हॉर्न बजाकर किया, इसके बावजूद ऊंट टस से मस नहीं हुआ, अंतत: शताब्दी एक्सप्रेस का इंजन ऊंट से टकरा गया। इंजन ऊंट के ऊपर से निकल गया और पीछे के जनरेटर व ब्रेकयान के पहियों में फंस गया। चालक ने अपने प्रयासों से रेल गाड़ी को कन्ट्रोल कर बड़ी दुर्घटना होने से बचा लिया। यह घटना चम्बल रेलपुल और हेतमपुर रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे के 1279 किलोमीटर पर हुई। शताब्दी एक्सप्रेस से दुर्घटना होने की जानकारी मिलते ही पुलिस व रेल अमला मौके पर पहुंचा और ऊंट को निकालने का प्रयास किया गया। पहियों में बुरी तरह से फसे ऊंट के शरीर के हिस्सों को रेल अमले ने काट-काटकर निकाला। रेल लाइन से ऊंट के शव को बाहर निकालने के बाद इंजन में आई खराबी का पता चला। ग्वालियर से दूसरा इंजन भेजा गया। इसके बाद घटना स्थल से शताब्दी एक्सप्रेस को मुरैना रेलवे स्टेशन के लिये रवाना किया गया।

यह ट्रेन पहुंची देरी से :

शताब्दी एक्सप्रेस से दुर्घटना होने के कारण अपट्रेक पर आवागमन बंद हो गया था। इस कारण पंजाबमेल एक्सप्रेस 4 घंटे 50 मिनट, मंगला एक्सप्रेस 2 घंटे, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस 1 घंटे 20 मिनट तथा ताज व खजुराहो इंटरसिटी रेल गाड़ियां एक-एक घंटे की देरी से मुरैना पहुंची। दोपहर बाद तक अपट्रेक की स्थिति सामान्य हो पाई।

पुलिस बल कर रहा जांच :

पुलिस बल यह जांच कर रहा है कि यह ऊंट किसका था और बीहड़ों में कैसे आया। इस घटना के कारण आगरा से लेकर ग्वालियर तक रेल विभाग में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इसका मुख्य कारण यह था कि आज छोटी रेल लाइन से बड़ी रेल लाइन में परिवर्तित हो रहे ग्वालियर-श्योपुर रेलवे ट्रेक का निरीक्षण करने के लिये उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक सहित रेल विभाग का सम्पूर्ण अमला मुरैना में ही मौजूद था।

बड़ा हादसा टला :

शताब्दी से ऊंट के टकराने से बड़ी घटना हो सकती थी। लेकिन लोको पायलट की सूझबूझ से घटना को टाल दिया गया। अन्यथा मौके पर कुछ भी हो सकता था। यहां बता दें कि हेतमपुर का यह वही क्षेत्र हैं जहां पर पहले भी राजधानी सहित अन्य दो ट्रेनों में आग लग चुकी है।

यात्री हुए परेशान :

दुर्घटना के बाद ट्रेन के रुक जाने व इंजन खराब होने से ट्रेन करीब एक घंटे तक हेतमपुर स्टेशन के पास ही खड़ी रही। ऐसे में यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। शताब्दी के मैन ट्रेक पर खड़े होने से पीछे से आने वाली अन्य ट्रेन भी लेट हो गईं।

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