कलेक्टर ने सुबह से रात तक ली अफसरों की क्लास, बोले सुधर जाओ नहीं तो खैर नहीं
कलेक्टर ने सुबह से रात तक ली अफसरों की क्लासRaj Express

कलेक्टर ने सुबह से रात तक ली अफसरों की क्लास, बोले सुधर जाओ नहीं तो खैर नहीं

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने सोमवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर सीएम हेल्पलाइन, समय-सीमा एवं जन-सुनवाई में आईं जन शिकायतों के निराकरण की विभागवार विस्तार से समीक्षा की।

अपर आयुक्त नगर निगम एवं सीएमएचओ को कारण बताओ नोटिस और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के दिए निर्देश। मैराथन बैठक लेकर की सीएम हेल्पलाइन, टीएल, जनसुनवाई एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त जन शिकायतों के निराकरण की समीक्षा।

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। जन शिकायतों के निराकरण में ढिलाई कदापि बर्दाश्त नहीं होगी। जो अधिकारी-कर्मचारी जन शिकायतों के निराकरण में रुचि नहीं ले रहे हैं। उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। यह बात कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने अधिकारियों को आगाह करते हुए कही। उन्होंने सोमवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर सीएम हेल्पलाइन, समय-सीमा एवं जन-सुनवाई में आईं जन शिकायतों के निराकरण की विभागवार विस्तार से समीक्षा की। साथ ही शासन स्तर, विभिन्न आयोग एवं जनप्रतिनिधिगणों द्वारा लिखे गए पत्रों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा भी बैठक में की। बैठक सुबह के करीब 11 बजे आरंभ होकर देर रात तक जारी रही।

एक हफ्ते में निपटाएं बीते दिसम्बर 2020 की श्किायतें :

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि दिसम्बर 2020 तक की सीएम हेल्पलाइन व टीएल सहित अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के निराकरण में एक हफ्ते में करें। इसके बाद अगले हफ्ते में इस वर्ष की सभी शिकायतों का निराकरण करें। कलेक्टर ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं होता है अधिकारियों की खैर नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभागों के अधिकारी अपने कार्यालय में हर दिन जन शिकायतों के निराकरण की समीक्षा करें और एक-एक आवेदन को स्वयं देखें। कलेक्टर ने कहा कि निराकरण ऐसा हो, जिससे आवेदक को संतुष्टि मिले। बैठक में अपर कलेक्टर आशीष तिवारी व रिंकेश वैश्य सहित जिले के सभी एसडीएम एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

अपर आयुक्त से कहा आपकी सर्विस ब्रेक हो जाएगी :

नगर निगम के अपर आयुक्त मुकुल गुप्ता को कलेक्टर बैठक के दौरान कई बार फटकारा। उन्होंने सीएम हेल्प लाइन के निराकरण को लेकर गुप्ता को खासा फटकारा। चूंकि नगर निगम में सीएम हेल्प लाइन पिछले वर्ष तक की पेंडिंग पड़ी हुईं हैं। उन्होंने अपर आयुक्त गुप्ता को चेतावनी दी कि यदि एक हफ्ते में पेंडिंग पड़ी शिकायतों का निराकरण नहीं होता है, तब वह उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। उन्होंने गुप्ता से यहां तक कह दिया कि वह सर्विसबुक में ऐसी सीआर लिख देंगे कि जिस वजह से उनकी नौकरी ब्रेक हो जाएगी अथवा प्रमोशन रुक जाएंगे।

हर बार नहीं चलेगी बहानेबाजी :

विभागवार समीक्षा के दौरान समय-सीमा वाले पत्रों सहित अन्य जन शिकायतों के निराकरण में लापरवाही व ढि़लाई सामने आने पर कलेक्टर सिंह ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा की जमकर क्लास ली। कलेक्टर ने उनसे कहा कि हर बार बहानेबाजी नहीं चलेगी। टीएल, सीएम हेल्प लाइन, कोरोना की तीसरी लहर की तैयारियों में बरती जा रही लापरवाही को लेकर कलेक्टर ने शर्मा को फटकारा और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

पेंशन और पगार से की जाए भरपाई :

नगर निगम के संबंधित अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन उन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए, जिनकी लापरवाही की वजह से जन शिकायतों के निराकरण में देरी हुई है। ऐसे अधिकारियों की पेंशन व पगार से शिकायकर्ता को हुई हानि की भरपाई की जाए।

वेतनवृद्धि रोकने के दिए निर्देश, प्रशासनिक पद पर नहीं होगी पदस्थापना :

कलेक्टर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के समय-सीमा वाले पत्रों के निराकरण में लापरवाही सामने आने पर डॉ. सचिन श्रीवास्तव की एक वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि इनकी पदस्थापना प्रशासनिक पद पर न की जाए।

दोषी कर्मचारियों के वेतन काटने के निर्देश :

उन्होंने टीएल के निराकरण में देरी के लिए जिम्मेदार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में पदस्थ सहायक वर्ग-3 संजय जोशी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने की हिदायत भी दी। स्वास्थ्य विभाग की एक शिकायत के निराकरण में लापरवाही सामने आने पर शिकायत का निराकरण होने तक जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कौरव का वेतन रोकने के निर्देश भी बैठक में दिए। इसी तरह एनआरसी में पदस्थ एक कर्मचारी का बिना कारण वेतन रोककर रखने के लिए दोषी कर्मचारियों का वेतन काटने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए हैं।

अवैध कॉलोनी बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें :

कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध कॉलोनी बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। साथ ही शासन के प्रावधानों के तहत अवैध कॉलोनियों को वैध करने की कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने कहा संबंधित राजस्व अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों को कदापि विकसित न होने दें।

विशेष ग्राम सभाओं में फसल सर्वे की सूची का वाचन कराएं :

बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागो के जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा कि राज्य शासन के निर्देश पर 15 सितम्बर को जिले की हर ग्राम पंचायत में 15 सितम्बर को ग्राम सभाओं का आयोजन होगा। जिला स्तरीय अधिकारी इन ग्राम सभाओं में पहुंचकर अतिवृष्टि व बाढ़ से प्रभावित लोगों की सूची पढ़कर सुनाएं। साथ ही राहत वितरण के बारे में भी जानकारी दें। फसल क्षति की सूची चस्पा कर उसका वाचन अवश्य कराया जाए।

नोडल अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी :

इसके अलावा शेष लोगों का टीकाकरण, डेंगू एवं अन्य म'छर जनित बीमारियों से बचाव और उपचार के उपाय, आजादी के अमृत महोत्सव की गतिविधियों इत्यादि के बारे में भी जानकारी दें। कलेक्टर ने जिला स्तरीय अधिकारियों को ग्राम सभाओं को सुनियोजित ढंग से आयोजित करने के लिए जिला स्तरीय नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी है।

कलेक्ट्रेट में ही हुआ दोपहर का खाना :

कलेक्टर ने अधिकारियों की मीटिंग दोपहर के 11 बजे से शुरु कर दी थी। जब बैठक को चलते- चलते तीन से चार घण्टे बीत गए तो कई अधिकारी भूख की वजह से परेशान होते नजर आए। यह देख कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट में ही सभी अधिकारियों के भोजन का इंतजाम कराया। सुबह से आरंभ हुई बैठक देर रात तक जारी रही।

टॉयलेट जाने के लिए भी दी गई निश्चित समय अवधि :

लम्बे समय तक बैठक को चलता देख कई अधिकारी वहां से टॉयलेट के बहाने से निकलने लगे। जब एक दो अधिकारियों ने टॉयलेट आने में देरी लगाई तो कलेक्टर ने उसका भी समय निश्चित कर दिया। जब भी कोई अधिकारी टॉयलेट के लिए खड़ा हुआ तो उन्होंने कहा कि वह कलेक्टर केबिन के पास स्थित टॉयलेट का उपयोग कर जल्द ही वापस बैठक में शामिल हों।

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