फर्जीवाड़ा करने वाले चारों कॉलेजों की मान्यता होगी समाप्त
फर्जीवाड़ा करने वाले चारों कॉलेजों की मान्यता होगी समाप्तManish Sharma

Gwalior : फर्जीवाड़ा करने वाले चारों कॉलेजों की मान्यता होगी समाप्त, एससी में फैसला

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : लिंग परिवर्तन कराकर मार्कशीटों में नाम बदलने वाले प्रकरण पर हुआ विचार। जीवाजी विवि में गुरूवार को हुई स्थाई समिति की विशेष बैठक।

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। फर्जीवाड़ा कर संचालित होने वाले चारों कॉलेजों की मान्यता समाप्त की जाएगी। लिंग परिवर्तन कराकर मार्कशीटों में नाम नहीं बदला जाएगा। यह फैसला गुरूवार को जीवाजी विश्वविद्यालय में हुई स्थाई समिति की विशेष बैठक में लिए गए। इसके साथ ही अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

जीवाजी विश्वविद्यालय में गुरूवार को स्थाई समिति की विशेष बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो.अविनाश तिवारी ने की। इसमें कुलपति प्रो.अविनाश तिवारी ने सदस्यों के समक्ष फर्जीवाड़ा कर संचालित होने वाले बरौहा के कराहल एजुकेशन कॉलेज, भिण्ड के मेहगांव स्थित जरपुरा के प्राइवेट आइडियल कॉलेज, दतिया के चिटुआ स्थित राधाकृष्ण कॉलेज और दतिया के श्री रामराजा शिक्षा महाविद्यालय की लीगल रिपोर्ट रखी। रिपोर्ट और शासन के आदेश के आधार पर चारो महाविद्यालयों की मान्यता समाप्त करने की सहमति सदस्यों ने दी। वहीं कहा कि महाविद्यालयों में अध्ययन कर रहे बच्चों को शासकीय महाविद्यालयों/ पास के कॉलेज में ट्रांसफर किये जाएं और एनसीटी को भी अवगत कराया जाए। वहीं बैठक में प्रकरण आया कि एक आवेदन आया है, इसमें लिंग परिवर्तन होने के कारण अंकसूचियों में नाम परिवर्तन किये जाने का आग्रह किया है। इस पर सहमति बनी की लिंग परिवर्तन कराने वाले का पिछली मार्कशीटों में नाम परिर्वतन नहीं किया जा सकता। आगे जो डिग्री होगी उसमें वह अपना नाम लिखा लिखवा सकते हैं।

यहां बता दें कि यह बैठक 9 नवम्बर को होनी थी, लेकिन किन्हीं कारणों से बैठक को टालना पड़ा और गुरूवार यानी आज यह बैठक हुई।

इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा :

  • जेयू में आने वाले विशिष्ट अभ्यागत विद्वानों को 5 हजार रूपए प्रति घंटे की दर से देने पर सहमति बनी।

  • छात्र कैशलेन्द्र सिंह का प्रकरण परीक्षा समिति की ओर भेजा।

  • पीएचडी शोधार्थी छात्र थान सिंह मावई ने फीस माफ करने एवं शोध प्रबंध जमा करने के लिए आग्रह किया था। छात्र के इस प्रस्ताव को समिति ने अमान्य कर दिया।

  • पीएचडी शोधार्थी छात्र भूपेन्द्र कुशवाह ने शोध प्रबंध जमा कराये जाने की अनुमति मांगी थी। इस प्रकरण को समिति सदस्यों ने आरएसी की ओर भेज दिया।

  • पीएचडी शोधार्थी लीन दीक्षित ने संशोधित रूपरेखा जमा करने की अनमति मांगी थी। जिसे बैठक ने अमान्य कर दिया।

  • स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए पेपर्स सेटर्स के रूप में विवि के सेवारत अतिथि शिक्षकों को नामित किये जाने का प्रस्ताव रखा गया। जिसे समिति सदस्यों ने स्थिगित कर दिया।

  • बीव्हीएम कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट ऐज्युकेशन, दर्पण कॉलोनी ने प्रबंध पाठ्क्रम के लिए शोध के्रन्द बनाने के लिए निवेदन किया था। इस पर फैसला हुआ कि नई समिति निरीक्षण करेगी, उसकी रिपोर्ट के आधार विचार किया जाएगा।

बैठक में इन्होंने लिया भाग :

बैठक में स्थाई समिति के सदस्य प्रो.एसके सिंह, प्रो.योगेश उपाध्याय, प्रो.एके सिंह, प्रो.ओपी मिश्रा, प्रो.आईके पात्रो, प्रो.विवेक वापट, प्रो.केएस गुर्जर सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।

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