शिकायतों के निराकरण के लिए समिति गठित
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Gwalior : शिकायतों के निराकरण के लिए समिति गठित, जांच कर सौंपेगी रिपोर्ट

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : प्रभारी अधीक्षक ने तैयार की सात सदस्यीय जांच समिति। समिति ही शिकायतों की गहन जांच करेगी और रिपोर्ट सौंपेगी।

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। जयारोग्य व कमालाराजा अस्पताल से संबंधित आने वाली शिकायतों की जांच के लिए प्रभारी अधीक्षक ने एक समिति गठित की है। समिति ही शिकायतों की गहन जांच करेगी और उसका प्रतिवेदन अपने अभिमत एवं अनुशंसा सहित कार्यालय को प्रस्तुत करेगी।

जयारोग्य अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. देवेन्द्र सिंह कुशवाह ने18 नवम्बर को एक आदेश जारी किया। आदेश में उन्होंने लिखा है कि शिकायतकर्ताओं, न्यूजपेपरों और अन्य विभिन्न माध्यमों के द्वारा संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक कार्यालय में प्राप्त होने वाली शिकायतों की सूक्ष्म एवं गहन जांच किये जाने के लिए शिकायत प्रकोष्ठ समिति का गठन किया जाता है। समिति प्राप्त शिकायतों की विस्तृत एवं गहन जांच कर जांच प्रतिवेदन अपने अभिमत एवं अनुशंसा सहित कार्यालय में प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित करेंगे।

समिति में यह सदस्य है शामिल :

  • डॉ. डीके शाक्य, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष नेत्र विज्ञान विभाग।

  • डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष सर्जरी विभाग।

  • डॉ. योगेन्द्र पहाड़िया, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष दंत चिकित्सा विभाग।

  • डॉ. देवेन्द्र सिंह कुशवाह, प्राध्यापक फार्माकोलॉजी विभाग एवं अध्यक्ष शिकायत प्रकोष्ठ।

  • प्रशासकीय अधिकारी जेएएच।

  • डॉ. अनिल मेवाफरोश, अस्पताल प्रबंधक।

  • डॉ. बालेन शर्मा, अस्पताल सहायक प्रबंधक।

छात्र की मृत्यु की जांच अभी तक नहीं हुई पूरी :

जीआर मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र अजय प्रताप सिंह को जयारोग्य अस्पताल में उपचार मिला या नहीं? या निजी अस्पताल संचालकों की लापरवाही से छात्र की मौत हुई है। कारण दो महीने बाद भी स्पष्ट नहीं हो पाया है, क्योंकि जांच में जुटी समिति दो महीने बाद भी अपनी जांच रिपोर्ट अधिष्ठाता डॉ.अक्षय निगम को नहीं सौंप पाई है। जबकि समिति को 7 दिवस के अंदर अपनी रिपोर्ट जीआर मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ.अक्षय निगम को सौंपनी थी। साथ ही अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि समिति कब तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। जबकि अधिष्ठाता डॉ. निगम द्वारा 10 अक्टूबर 2022 को जारी आदेश में उन्होंने स्पष्ट लिखा था कि छात्र डॉ. अजय प्रताप सिंह की मृत्यु से संबंधित जांच के लिए समिति का गठन किया जाता है। जिसके अनुसार समिति 7 दिवस में जांच कर अपनी रिपोर्ट अधिष्ठाता को प्रस्तुत करें। उसके बाद भी यह रिपोर्ट एक महीने बाद भी समिति प्रस्तुत नहीं कर पाई है। इससे अब नई समिति पर भी सवाल उठने लगे हैं कि क्या सात सदस्यीय समिति कुछ जांच करेगी या इस समिति का गठन भी सिर्फ खानापूर्ति करने के लिए किया गया है।

इनका कहना है :

शिकायतों के निराकरण के लिए एक समिति का गठन किया गया है। इससे आने वाली शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण हो सके। समिति में सात सदस्यों को शामिल किया गया है।

डॉ.देवेन्द्र सिंह कुशवाह, जनसम्पर्क अधिकारी, जयारोग्य चिकित्सालय समूह

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