Gwalior : कोरोना, वायरल के बाद डेंगू बना नई मुसीबत, दो दिन में 18 मरीज मिले

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में शहर के 8 लोगों को डेंगू होने की पुष्टि। डेंगू के बढ़ते मामले खोल रहे मलेरिया विभाग के कार्य की पोल।
Gwalior : कोरोना, वायरल के बाद डेंगू बना नई मुसीबत, दो दिन में 18 मरीज मिले
दो दिन में मिले डेंगू के 10 मामले, कुल मरीजों की संख्या पहुंची 73सांकेतिक चित्र

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। कोराना, वायरल के बाद डेंगू नई मुसीबत बनकर सामने आया है। शहर में दो दिन में डेंगू के 18 मरीज मिले हैं। शुक्रवार को जीआरएमसी द्वारा जारी जांच रिपोर्ट में 8 लोगों को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। डेंगू के बढ़ती मरीजों की संख्या ने मलेरिया विभाग के दावों की पोल खोल दी है।

गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा शुक्रवार को जारी जांच रिपोर्ट में शहर के आठ लोगों को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। वहीं एक-एक मरीज डबरा और मुरैना में मिले हैं। डेंगू के बड़ते मरीजों की संख्या ने मलेरिया विभाग के दावों की पोल खोल दी है, क्योंकि कलेक्टर जब भी डेंगू से निपटने की तैयारियों की समीक्षा करते तो विभाग द्वारा उन्हें आश्वासन दिया जाता था। कि विभाग ने प्रतिदिन सर्वे कर लार्वा नष्टीकरण की कार्रवाई की जा रही है। लेकिन डेंगू के मरीजों की संख्या में वृद्धि से यह स्पष्ट होता है कि विभाग द्वारा यह कार्रवाई सिर्फ फाइलों में की जा रही थी।

यहां बता दें कि गुरूवार को डेंगू के 10 नए मरीज मिले थे। जिनकी संख्या अब प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

इन क्षेत्रों में मिले संक्रमित :

सिकंदर कम्पू, पिंटों पार्क, कुंज बिहार, डीडी नगर, आदित्यपुरम, दर्पण कॉलोनी थाटीपुर, न्यू दर्पण कॉलोनी थाटीपुर सहित एक-एक मरीज मुरैना और डबरा में मिले हैं।

डेंगू से बचाव के लिए यह बरतें सावधानियां :

  • डेंगू के बचाव के लिए मच्छरों को पैदा होने से रोकें और खुद को काटने से भी बचाएं।

  • कहीं भी खुले में पानी जमा न होने दें। साफ पानी भी गंदे पानी जितना ही खतरनाक है।

  • पानी पूरी तरह ढककर रखें, कूलर, बाथरूम, किचन आदि में जहां पानी रुका रहता है वहां दिन में एक बार मिट्टी का तेल डाल दें।

  • विंडो एसी के बाहर वाले हिस्से के नीचे पानी टपकने से रोकने के लिए ट्रे लगी हुई है तो उसे रोज खाली करना न भूलें। उसमें भी ब्लीचिंग पाउडर डाल कर रख सकते हैं।

  • कूलर का इस्तेमाल बंद कर दें। अगर नहीं कर सकते तो उसका पानी रोज बदलें और उसमें ब्लीचिंग पाउडर या बोरिक एसिड जरूर डालें।

  • गमले चाहे घर के भीतर हों या बाहर, इनमें पानी जमा न होने दें। गमलों के नीचे रखी ट्रे भी खाली करना न भूलें।

  • छत पर टूटे-फूटे डिब्बे, टायर, बर्तन, बोतलें आदि न रखें या उलटा करके रखें। - पानी की टंकी को अच्छी तरह बंद करके रखें। पक्षियों को दाना-पानी देने के बर्तन को रोज पूरी तरह से खाली करके साफ करने के बाद पानी भरें।

  • घर के अंदर सभी जगहों में हफ्ते में एक बार म'छरनाशक दवाई का छिड़काव जरूर करें। डाइनिंग टेबल में सजाने के लिए रखे फूलों या फूलों के बर्तन का पानी रोज बदलें।

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