लबालब डेम, फिर भी पानी के लिए तरस रहे किसान
लबालब डेम, फिर भी पानी के लिए तरस रहे किसानRaj Express

Gwalior : लबालब डेम, फिर भी पानी के लिए तरस रहे किसान

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : मढ़ीखेड़ा, मोहनी सागर, हरसी डेम में है पर्याप्त पानी। जौरासी के आगे करीब 25 हजार हेक्टेयर में नहीं पहुंचा पानी।

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। इस बार हुई पर्याप्त बारिश के चलते अंचल के डेम तो लबालब हो गए हैं, लेकिन इसके बाद भी किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण जल संसाधन विभाग के अधिकारियों द्वारा बरती गई लापरवाही है। अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा अब किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

कुछ ही वर्ष पहले उटीला, हस्तिनापुर व बेहट इलाके में पहुंची हरसी नहर किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। किसान नहर आने की वजह से खरीफ के मौसम में ज्वार, बाजरा, धान, उड़द, मूंग आदि फसलें पैदा करने लगे हैं। वहीं रवि के मौसम में सरसों, गेहूं, चना, मटर आदि फसल पैदा कर रहे हैं। चूंकि इलाके में बीते कुछ वर्षों से नहर का पानी पर्याप्त और सही समय पर मिल जाता है। इसलिए किसानों ने वर्ष में दो फसल पैदा करना शुरू किया है। लेकिन इस बार किसान खरीफ की फसल पैदा करने के बाद रवि की फसल को बोने के लिए पानी का इंतजार कर रहे हैं। क्योंकि इलाके में 22 नवम्बर तक नहर से पानी पहुंचा ही नहीं है। अब किसानों के पास नहर के पानी का इंतजार करने के अलावा कुछ भी शेष नहीं बचा है। उधर पानी में हो रही देरी से फसलें भी पिछड़ जाएंगी।

25 हजार हेक्टेयर जमीन की सिंचाई अधर में :

हरसी नहर से आने वाले पानी जोरासी को पार करने के बाद आगे के रोरा, बस्तरी, कुई भटपुरा, गुर्री, बंधोली, केमपुरा, बहांगी कला, बहांगी खुर्द, अली नगर, टिहोली, टांकोली, निड़ावली, काशीपुर, गोसपुरा, बड़ेरा, केमपुरा, उटीला, मानपुरा, अर्रोली, आरोली, हस्तिनापुर, उदयपुर, खेरा सहित दर्जनों गांवों की कुल 25 हजार हेक्टेयर जमीन को नहर से पानी मिलता है। लेकिन इस बार एक भी बार पानी नहर में इन गांवों तक नहीं पहुंचा है। नतीजतन किसान पानी के लिए परेशान हो रहे हैं।

चीनोर, करहिया इलाके के किसान रोक रहे ज्यादा पानी :

चूंकि नहर हरसी डेम से निकली है। इसलिए नहर में करहिया, चीनोर इलाके में सबसे पहले पहुंचता है। चीनोर और करहिया इलाके के किसानों ने नहर से निकलने वाला लगभग 100 प्रतिशत पानी को रोक लिया है। जबकि नियम के अनुसार पूरा पानी नहीं रोका जा सकता है। जबकि किसान खेत में पानी जल्द से जल्द देने के चक्कर में नहर का अधिक से अधिक पानी रोक लेते हैं। जिससे आगे वाले किसानों के पास पानी नहीं पहुंच पा रहा है।

इनका कहना :

मामला मेरे संज्ञान में है, मैं इस संबंध में अधिकारियों से बात कर समस्या का समाधान कराने के लिए निर्देश देता हूं।

भारत सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्रत प्रभार)

मैं विभागीय अधिकारियों से बात करुंगा। मैं इस संबंध में जल संसाधन विभाग से बात करुंगा। जो भी समस्या है। उसे जल्द खत्म किया जाएगा।

दीपक सिंह, संभागायुक्त

इन्होंने बताया :

मैं इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग के लिए जिला पंचायत सीईओ शिवम वर्मा को बोल रहा हूं। इस संबंध में मैं कल अपडेट लेता हूं। इसके बाद बात करुंगा।

कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, कलेक्टर

चीफ इंजीनियर ने बताया :

आज ही मैंने नहर को फुल डिस्चार्ज पर खोलने के लिए आदेश दिया है। हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द आगे के गांवों में पानी पहुंचे।

आरपी झा, चीफ इंजीनियर जल संसाधन

एडीएम ने कहा :

मैं भी इस संबंध में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से बात करता हूं।

एचबी शर्मा, एडीएम

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