Gwalior : रात 10 बजे के बाद प्रसूति गृह में पुरुषों की एंट्री बंद

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : अस्पताल प्रबंधन ने रात के 10 बजे के बाद प्रसूति गृह में पुरुषों की एंट्री पर रोक लगा दी है। प्रसूताओं के साथ आने वाले पुरुष अटेंडर प्रसूति गृह में फरमाते थे आराम।
रात 10 बजे के बाद प्रसूति गृह में पुरुषों की एंट्री बंद
रात 10 बजे के बाद प्रसूति गृह में पुरुषों की एंट्री बंदRaj Express

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। जिला अस्पताल मुरार में भले ही मरीजों को उपचार के लिए बेड नहीं मिल रहे हो, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने रात के 10 बजे के बाद प्रसूति गृह में पुरुषों की एंट्री पर रोक लगा दी है। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉक्टर आर.के शर्मा ने आदेश भी जारी कर दिया है। आदेश के अनुसार प्रसूति गृह में अब रात 10 बजे से किसी भी पुरुष की एंट्री नहीं होगी। इसके अलावा अगर कोई पुरुष प्रसूति गृह के किसी भी वार्ड में पहले से है तो उसे भी बाहर निकाल दिया जाएगा। प्रबंधन का कहना है कि रात के समय प्रसूताओं के साथ आने वाले पुरुष अटेंडर भी प्रसूति गृह में एंट्री करके वार्डों में बैठ जाते है। जबकि कई पुरुष अटेंडर प्रसूताओं को भर्ती किए जाने वाले खाली पंलगों पर लेट जाते है। इस कारण वार्ड में भर्ती अन्य प्रसूताएं अपने बच्चों को फीडिंग कराने में असहज हो जाती है। लिहाजा प्रसूति गृह में भर्ती प्रसूताओं की इसी परेशानी को देखते हुए यह आदेश पारित किया गया है।

दरअसल 20 जुलाई की रात को सिविल सर्जन डॉ. शर्मा ने प्रसूति गृह मुरार का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रसूताओं के पास पुरुष अटेंडर बैठे मिले। जबकि कई पुरुष अटेंडर पलंगों पर सोते हुए भी मिले। इस अव्यवस्था से प्रसूताए फीडिंग कराने व अन्य कार्यों में असहज होती हैं। लिहाजा इस अव्यवस्था से नाराज सिविल सर्जन ने प्रसूति गृह के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी लिखित निर्देश देते हुए रात 10 बजे के बाद किसी भी पुरुष अटेंडर को प्रवेश नहीं देने के लिए कहा है।

प्रसूताओं को अटेंडर पुरुष रुकेंगे रैन बसेरा में :

महिला मरीजों की परेशानी को देखते हुए जिला अस्पताल मुरार प्रबंधन ने एक नई व्यवस्था प्रारंभ कर दी है। इसके तहत रात के दस बजे के बाद प्रसूति गृह जच्चा खाना मुरार में पुरूषों को एंट्री पर रोक लगा दी है। आरएमओ डॉक्टर आलोक पुरोहित हर रोज निरीक्षण कर दस बजे के बाद वार्ड में मौजूद पुरुषों को बहार करा देते हैं। डॉक्टर पुरोहित ने बताया कि जिस पुरुषों की महिला मरीज अस्पताल में भर्ती रहते हैं वह रात को दस बजे के बाद रैन बसेरा में रुक सकते हैं। इसके लिए प्रबंधन द्वारा व्यवस्था करा दी गई है।

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