Gwalior : सारी व्यवस्थाएं बिगड़ कैसे गई, काम करने में कहां समस्या है, मुझे बताओ
निगम प्रशासक ने मुख्यालय में ली अधिकारियों की बैठकRaj Express

Gwalior : सारी व्यवस्थाएं बिगड़ कैसे गई, काम करने में कहां समस्या है, मुझे बताओ

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : नगर निगम द्वारा दी जाने वाली मूत भूत सुविधाएं फूरी तरह फैल हो गई हैं। लोग सीएम हेल्प लाईन पर सफाई, सड़क के गढ्डे एवं कचरे को लेकर शिकायत कर रहे हैं।

हाइलाइट्स :

  • निगम प्रशासक ने मुख्यालय में ली अधिकारियों की बैठक

  • सफाई व्यवस्था, पेंच रिपेयरिंग, स्ट्रीट लाईट एवं पानी पर रहा फोकस

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। नगर निगम द्वारा दी जाने वाली मूत भूत सुविधाएं पूरी तरह फैल हो गई हैं। लोग सीएम हेल्प लाईन पर सफाई, सड़क के गढ्डे एवं कचरे को लेकर शिकायत कर रहे हैं। प्रभारी मंत्री भी फटकार लगा चुके हैं इसके बावजूद कोई सुधार नहीं है। गुरूवार को निगम प्रशासक आशीष सक्सेना ने निगम अधिकारियों की बैठक लेकर नाराजगी जाहिर की। निगम प्रशासन ने अधिकारियों से पूछा कि व्यस्थाएं बिगड़ क्यों गईं आखिर काम करने में कहां परेशानी आ रही है। अधिकारियों ने अपनी-अपनी समस्याएं बताई जिन्हें हल करने के विषय में चर्चा की गई।

निगम मुख्यालय में शाम 4 बजे बैठक आयोजित होना था। निगम प्रशासक समय पर पहुंच तो गए लेकिन बैठक हॉल में वह 5 बजे आए। एक घंटे तक वह निगमायुक्त कार्यालय में बैठकर प्रभारी निगमायुक्त आशीष तिवारी के साथ विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते रहे। बैठक में पहुंचने पर निगम प्रशासक ने पूछा कि आखिर आप लोगों को काम करने में कहां समस्या आ रही है। मुझे बताएं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के उपायुक्त सत्यपाल सिंह चौहान से जानकारी मांगी। उपायुक्त ने बताया कि हमारे यहां पर्याप्त अमला है बस सामान की कमी है जिसके चलते बहुत से काम अटक जाते हैं। इस पर निगम प्रशासक ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी, डब्लूएचओ एवं दरोगा को 10-10 हजार रुपय एडंवास के रूप में दिए जाएं और इस पैसे से वह छोटे-छोटे काम करा लें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कचरा ट्रांसफर स्टेशनों पर जो भी व्यवस्थाएं होनी है, उन्हें शीघ्र पूर्ण कर उन्हें प्रारंभ किया जाए तथा सफाई कर्मचारियों का वेतन हर हाल में 1 तारीख को उनके खातों में पहुंच जाए यह अधिकारी सुनिश्चित करें। इसके साथ ही रोड स्वीपिंग का कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ कराएं। बैठक में नगर निगम आयुक्त आशीष तिवारी, अपर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव, मुकुल गुप्ता, आरके श्रीवास्तव, अपर आयुक्त वित्त देवेंद्र पालिया सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

हमारी 13 में से 10 सड़कें ठीक हो चुकी हैं :

बैठक में अमृत योजना की समीक्षा की गई। निगम प्रशासक ने पूछा कि अमृत योजना के तहत जो सड़कें खोदी गईं थीं उनकी रिपयेरिंग क्यों नहीं हो रही। इसके जबाव में अमृत योजना के अधीक्षण यंत्री आरएलएस मौर्य ने कहा कि 13 सड़कों में से 10 ठीक हो चुकी हैं और 3 बाकी हैं। उन पर काम हो रहा है। इस पर निगम प्रशासक ने कहा कि 13 नहीं आपकी तो बहुत ज्यादा सड़कें खुदी पड़ी है। इसके जबाव में आरएलएस मौर्य ने कहा कि यह मुख्य सड़के हैं बाकी तो सैकड़ों गलियां अभी खुदी पड़ी हैं जिनकी पेंच रिपेयरिंग बाकी है।

आप पेच रिपेयरिंग का सामान क्यों नहीं खदीरते :

चर्चा के दौरान पेंच रिपेयरिंग की थी समीक्षा की गई। निगम प्रशासक ने प्रेच रिपयेरिंग प्रभारी प्रेम पचौरी से पूछा कि कार्य में कहां परेशानी है। इसके जबाव में प्रेम पचौरी ने कहा कि हमारे पास सामान की कमी है। गिट्टी और डाम्बर नाम मात्र को है। इस पर निगम प्रशासक ने कहा कि आप टेण्डर करके सामान क्यों नहीं खरीदते। आखिर काम तो होना ही है, यह खरीददारी पहले ही कर लेनी चाहिए थे।

यह निर्देश भी दिए :

  • सभी सड़कें मोटरेबल करें तथा जहां भी आवश्यक हो पैच वर्क करें।

  • अमृत योजना के तहत सड़कों का रेस्टोरेशन होना है उनमें संबंधित ठेकेदार से कार्य कराएं।

  • पीडब्ल्यूडी की एवं गारंटी की सड़कों पर संबंधित ठेकेदार से कार्य करायें।

  • पैच वर्क के कार्य का प्रतिदिन रिव्यू किया जाए।

  • जहां भी स्ट्रीट लाइट खराब है, उन्हें तत्काल ठीक करें तथा जो भी अन्य व्यवस्था करनी है उन्हें तत्काल पूर्ण करें।

  • जल प्रदाय के समय निरीक्षण करें और गंदे पानी की समस्या का तत्काल हल करें।

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