Gwalior : महिलाओं के खिलाफ बयान पर नाराज क्षत्रिय व ब्राह्मण समाज, दिया धरना
महिलाओं के खिलाफ बयान पर नाराज क्षत्रिय व ब्राह्मण समाज, दिया धरनाराज एक्सप्रेस, संवाददाता

Gwalior : महिलाओं के खिलाफ बयान पर नाराज क्षत्रिय व ब्राह्मण समाज, दिया धरना

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : प्रदर्शनकारी बोले- बर्खास्त नहीं किया तो साल 2018 की तरह चुनाव में बताएंगे। गोला का मंदिर पर तंबू लगाकर दिया धरना।

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। प्रदेश सरकार के मंत्री बिसाहूलाल सिंह के सवर्ण समाज की महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा और बयान का विरोध हर शहर में हो रहा है। ग्वालियर में क्षत्रिय महासभा, ब्राह्मण महासभा सहित सवर्ण समाज में भी नाराजगी है। शनिवार दोपहर गोला का मंदिर में संयुक्त रूप से धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदेश सरकार से मंत्री बिसाहूलाल सिंह को बर्खास्त करने की मांग की गई है। मांग पूरी नहीं होने पर आक्रामक आंदोलन की चेतावनी दी है। साथ ही साल 2018 की तरह भाजपा सरकार को चुनाव में नसीहत देने की बात भी कही है।

गोला का मंदिर चौराहा पर क्षत्रिय महासभा एवं ब्राह्मण महासभा के साथ ही सवर्ण समाज ने प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहूलाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शनिवार को धरना दिया है। अनूपपुर में एक महिला सम्मान समारोह में 4 दिन पहले श्री सिंह ने सवर्ण समाज की महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था। इसे लेकर सवर्ण समाज के लोग आक्रोश में है। प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि यदि उन्होंने बिसाहूलाल सिंह को जल्द ही अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त नहीं किया तो यह धरना आंदोलन देश भर में चलाया जाएगा। क्षत्रिय महासभा के आव्हान पर फिलहाल यह आंदोलन प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर किया गया है। गोला का मंदिर चौराहा पर लोगों ने 2 से 4 बजे तक धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान बिसाहूलाल सिंह के खिलाफ नारे भी लगाए गए और सवर्ण समाज की एकता के भी नारे लगे ।इससे पहले सवर्ण समाज ने शुक्रवार दोपहर में स्थानीय फूलबाग चौराहे पर खाद्य मंत्री बिसाहूलाल सिंह का पुतला जलाया था।

यह भी दी चेतावनी :

वहीं क्षत्रिय समाज की ओर से अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रामकुमार सिंह सिकरवार ने शिवराज सरकार को चेतावनी दी है कि यदि बिसाहूलाल सिंह को तुरंत ही बर्खास्त नहीं किया गया तो 2018 का इतिहास दोबारा दोहराया जाएगा। बीजेपी को किसी भी कीमत पर सत्ता में नहीं आने दिया जाएगा, क्योंकि आदिवासी समाज के उक्त मंत्री ने बार-बार इसी तरह की अभद्र भाषा बोली है और हर बार माफी मांग ली है। इससे उनका अपराध कम नहीं हो जाता।

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