Gwalior : कीचड़ हुआ पानी, लगातार मर रहीं मछलियां, बदबू से परेशान हुए सैलानी
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Gwalior : कीचड़ हुआ पानी, लगातार मर रहीं मछलियां, बदबू से परेशान हुए सैलानी

जल विहार की स्थिति में सुधार के लिए निगम अधिकारी कोई प्रयास नहीं कर रहे। यहां दो महीने तक फव्वारें बंद रहने से पानी कीचड़ जैसा हो गया है। आक्सीजन की कमी के कारण लगातार मछलियां मर रही हैं।

हाइलाइट्स :

  • जलविहार में फव्वारें बंद रहने से पैदा हुई मुसीबत

  • चार साल से नहीं बदला गया है पानी

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। जल विहार की स्थिति में सुधार के लिए निगम अधिकारी कोई प्रयास नहीं कर रहे। यहां दो महीने तक फव्वारें बंद रहने से पानी कीचड़ जैसा हो गया है। आक्सीजन की कमी के कारण लगातार मछलियां मर रही हैं। हालात यह है कि मरी हुई मछलियां नालियों तक में पड़ी हैं जिससे भयानक दुर्गंध आ रही है। जल विहार घूमने वाले सैलानी नाक बंद करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद निगम अधिकारी पानी की सफाई नहीं करा रहे। चार साल से पानी नहीं बदला है जिससे स्थिति गंभीर हो गई है।

नगर निगम के पार्क विभाग द्वारा जल विहार की देख रेख की जाती है। पहले जल विहार के फव्वारें का मेंटीनेंस भी पार्क विभाग के जिम्मे था जिसके चलते फव्वारें अनवरत चलते रहते थे। जैसे ही फव्वारों की मोटर खराब होती थी तो तत्काल दूसरी मोटर आकर लगा दी जाती। लेकिन पीएचई विभाग द्वारा मोटर पंप संधारण का विधानसभा बार ठेका किया गया। जलविहार क्षेत्र का ठेका नवल बंसल को मिला है और ठेकेदार द्वारा पंप संधारण कार्य में रूचि नहीं ली गई। दो महीने से अधिक समय तक जलविहार के फव्वारें बंद रहे जिससे पानी में आक्सीजन की कमी हो गई। साथ ही पानी में कीचड़ जैसा हो गया। पानी में आक्सीजन की कमी के कारण लगातार मछलियां मर रही हैं। हालात यह है कि जल विहार में मरी ही मछलियों से भयानक दुर्गंध उठ रही है और सैलानी बैठ तक नहीं पा रहे। प्रतिदिन सैकड़ों लोग शिकायत कर रहे हैं लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे।

दूसरा पानी भरना ही अंतिम विकल्प :

जलविहार के दोनों तालों में भरा पानी कीचड़ जैसा हो गया है। इस पानी को बदलना ही अंतिम विकल्प है। चार साल पहले पानी बदला गया था और पानी साफ करने के लिए केमिकल भी नहीं डाला गया। यही वजह है कि मछलियों की मौत लगातार हो रही है। अगर समय रहते पानी की सफाई नहीं कराई गई और चारों फव्वारें नियमित नहीं चले तो जल विहार का ताल मरी हुई मछलियों से भर जायेगा।

दो फव्वारें किए चालू :

लगातार शिकायत आने एवं समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित होने के बाद ठेकेदार ने मात्र दो फव्वारें चालू कराए हैं। दो फव्वारें अब भी बंद हैं। यह फव्वारें भी कुछ समय के लिए चालू होते हैं। इससे व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही। जल विहार में फव्वारें नियमित चालू रहे इसके लिए अतिरिक्त मोटरों की व्यवस्था करने रखनी होगी ताकि मोटर खराब होते ही तत्काल उसे बदलकर दूसरी मोटर लगा दी जाए।

इनका कहना है :

जलविहार के फव्वारें अधिक दिनों तक बंद थे इसलिए पानी गंदा हो गया है। इस पानी की सफाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से दिशा निर्देश लिए जायंगे। अगर आवश्यकता हुई तो पानी को बदलेंगे।

मुकेश बंसल, पार्क अधीक्षक, नगर निगम

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