Gwalior : अब जेल में सिर्फ जेलर ही अपने साथ ले जा सकेंगे मोबाइल
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Gwalior : अब जेल में सिर्फ जेलर ही अपने साथ ले जा सकेंगे मोबाइल

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : नए जेल अधीक्षक की प्रहरियों पर पैनी निगाह। नशा अवैध सामान जेल में पाया गया तो कार्रवाई होना तय।

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। सेन्ट्रल जेल में अब सिर्फ जेलर ही अपने साथ मोबाइल ले जा सकेंगे। शेष प्रत्येक कर्मचारी को अपना मोबाइल जेल के दरवाजे पर ही रखवाना होगा। इस नियम का सेन्ट्रल जेल में सख्ती के साथ पालन किया जा रहा है। साथ ही जेल में कैदियों के साथ प्रहरियों की गतिविधियों पर भी पैनी निगाह रखी जा रही है।

उल्लेखनीय है कि सेन्ट्रल जेल में कुछ ही दिन पूर्व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक कैदी से मुलाकात करने के लिए गए थे। मुलाकात के दौरान का एक वीडिया वायरल हो गया था। इसके बाद तत्कालीन जेल अधीक्षक को सस्पेंड कर मुख्यालय अटेच कर दिया गया था। इसके बाद सेन्ट्रल जेल पर जेल अधीक्षक के रूप में विदित सिरवैया को कार्यभार सौंपा गया। नए जेल अधीक्षक ने आने के साथ ही जेल को अपने तरीके से चलाना शुरू किया। उन्होंने जेल सम्भालने के कुछ ही दिन बाद नया नियम लागू कर दिया। जिसके तहत जेल के अंदर सिर्फ डिप्टी जेलर से लेकर जेलर स्तर के अधिकारी ही अपना मोबाइल ले जा सकेंगे। जबकि इससे पूर्व जेल के कुछ प्रहरी भी जेल के अंदर मोबााइल ले जाते थे। हालांकि जो प्रहरी मोबाइल अंदर लेकर जाते थे, वह वारंट शाखा में पदस्थ अथवा अन्य ऐसी शाखा जिसमें कार्य के दौरान मोबाइल की आवश्यकता होती थी।

अवैध सामान अंदर न जाए, इसलिए प्रहरियों पर भी नजर :

जेल के अंदर अवैध सामान पहुंचाने का माध्यम जेल के प्रहरी ही रहते हैं। ऐसा कई बार पहले भी देखा जा चुका है। इसके पहले भी कई प्रहरी पकड़े जा चुके हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। इसलिए अब जेल अधिकारियों ने जेल के प्रहरियों पर भी नजर रखना शुरू कर दी है।

जेल में नशा मिला तो जिम्मेदार की खैर नहीं :

जेल के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, कि यदि सेन्ट्रल जेल के अंदर कैदियों के पास से नशीला पदार्थ बरामद होता है, तो जिम्मेदारी अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई तय है। साथ ही जेल में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आए दिन कैदियों की बैरिक की तलाशी ली जाती है। जिससे जेल में अवैध सामान के बारे में पता लग सके।

अब ऑफिस से नहीं होगी एक भी मुलाकात :

बीते करीब एक दशक से सेन्ट्रल जेल में पदस्थ रहे जेल अधीक्षक कुछ लोगों की कैदियों से मुलाकात अपने ऑफिस में करा देते थे। बताया जाता है कि जेल अधीक्षक के पास अधिकार है कि वह अपने ऑफिस में कैदी की मुलाकात करा सकता है। लेकिन वर्तमान जेल अधीक्षक विदित सिरवैया ने इस प्रकार की मुलाकातों पर रोक लगा दी है। उन्होंने अब किसी भी व्यक्ति की अपनी ऑफिस में मुलाकात करना प्रतिबंधित कर दी है। साथ ही खिड़की से होने वाली मुलाकात भी नियम के अनुसार ही हो सकेगी।

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