ग्वालियर : बालाजी हॉस्पिटल में नर्सिंग स्टूडेंट करते हैं मरीजों का इलाज
बालाजी हॉस्पिटल में नर्सिंग स्टूडेंट करते हैं मरीजों का इलाजSocial Media

ग्वालियर : बालाजी हॉस्पिटल में नर्सिंग स्टूडेंट करते हैं मरीजों का इलाज

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : डॉक्टर तो रखे हैं पर नहीं रहते मौजूद। सीएमएचओ के निर्देश पर नोडल अधिकारी ने की हॉस्पिटल पर कार्रवाई। कई तरह की खामियां मिलने पर हॉस्पिटल संचालक को होगा नोटिस जारी।

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। हॉस्पिटल रोड ललितपुर कॉलोनी स्थित बालाजी हॉस्पिटल में डॉक्टर और ट्रेंड स्टाफ नहीं रहता। नर्सिंग स्टूडेंट ही मरीजों का उपचार करते हैं। इसका खुलासा सोमवार को बालाजी हॉस्पिटल में पहुंची टीम के समक्ष हुआ। जब नर्सिंग होम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रतीक दुबे ने मरीजों का उपचार कर रहे नर्सिंग स्टूडेंट से पूछा कि आप मरीजों का उपचार कैसे करते हैं। छात्रों ने जबाव देते हुए कहा कि डॉक्टर से फोन पर चर्चा कर हम मरीजों को उपचार देते हैं। यह सुन नोडल अधिकारी भी हैरत में पड़ गए।

कार्रवाई करते नोडल अधिकारी
कार्रवाई करते नोडल अधिकारीRaj Express

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा के निर्देश पर सोमवार को नर्सिंग होम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रतीक दुबे और शाखा प्रभारी अखिलेश जैन की टीम हॉस्पिटल रोड ललितपुर कॉलोनी स्थित बालाजी हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण करने पहुंची। टीम ने सबसे पहले जनरल वार्ड को देखा वहां उन्हें 5 मरीज भर्ती मिले। उनकी देखरेख करने वाला न कोई चिकित्सक था और न ही नर्सिंग स्टाफ। यहां से टीम दूसरी मंजिल पर बने आईसीयू में पहुंची तो टीम को देख वहां मौजूद स्टाफ के छक्के छूट गए, क्योंकि आईसीयू में 4 मरीज भर्ती थे। लेकिन चिकित्सक एक भी मौजूद नहीं था। जब टीम ने मरीजों का उपचार कर रहे स्टाफ से जानकारी मांगी तो पता चला कि वह शहर के निजी महाविद्यालयों से नर्सिंग करने वाले छात्र हैं।

आईसीयू में भर्ती मरीज
आईसीयू में भर्ती मरीजRaj Express

नोडल अधिकारी डॉ. प्रतीक दुबे ने मरीजों का उपचार कर रहे नर्सिंग छात्रों से पूछा कि आप मरीजों को उपचार कैसे देते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि हम चिकित्सक को फोन लगा लेते हैं, वह हमें बता देते हैं कि मरीज को क्या उपचार देना है, क्या नहीं। इतना ही नहीं जब मरीजों की केस शीट दिखाने के लिए कहा तो मरीज की केस शीट ही नहीं बनी थी। जिन मरीजों की केस शीट स्टाफ ने उपलब्ध कराई तो वह भी अपूर्ण मिली। ओपीडी और आईपीडी रजिस्टर भी अपडेट नहीं मिला।

मरीज की जिदंगी से खिलवाड़ करने वालों पर भी हो कार्रवाई :

शहर में सैकड़ों की संख्या में हॉस्पिटल संचालित हो रहे हैं। इनके पास न चिकित्सक हैं और न ही नर्सिंग स्टाफ। यह जानते हुए भी हॉस्पिटल संचालक मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करते हैं। ऐसे हॉस्पिटलों के साथ उन्हें संचालित करने वाले संचालकों पर भी सख्त से सख्त कार्रवाई होना चाहिए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को पूरी तहकीकात करने के बाद ही हॉस्पिटलों को खोलने की परमिशन देना चाहिए और समय-समय पर इनका निरीक्षण करते रहना चाहिए। तभी लोगों की जान से खिलवाड़ बंद हो सकता है।

इनका कहना है :

टीम को मौके पर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ नहीं मिला, केस सीट पर किसी भी चिकित्सक के हस्ताक्षर नहीं मिलेे एवं अन्य खामियां भी मिली हैं। इस पर हॉस्पिटल संचालक को स्पष्टीकरण बाबत नोटिस जारी किया जाएगा।

डॉ.मनीष शर्मा, सीएमएचओ, ग्वालियर

हॉस्पिटल रोड ललितपुर कॉलोनी स्थित बालाजी हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ नहीं मिला। नर्सिंंग छात्र मरीजोंं का फोन पर पूछ-पूछकर उपचार कर रहे थे। साथ ही अन्य खामियां भी मिली हैं।

डॉ. प्रतीक दुबे, नोडल अधिकारी नर्सिंग होम

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