अस्तित्व बचाने सिसक रहा है प्रदेश का प्रगति मैदान
अस्तित्व बचाने सिसक रहा है प्रदेश का प्रगति मैदानRaj Express

Gwalior : अस्तित्व बचाने सिसक रहा है प्रदेश का प्रगति मैदान

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : तीन साल कोरोना की भेंट चढ़ा, अब तक नहीं हो सकी तारीख घोषित। तैयारी कर चुके मेला दुकानदारों को बेसब्री से मेला तिथि घोषित होने का इंतजार।

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। प्रदेश का प्रगति मैदान कहा जाने वाला श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। तीन वर्ष से कोरोना संक्रमण की वजह से मेला का आयोजन नहीं हो सका है, जिससे सैलानियों में तो निराशा है ही, साथ ही इस मेले से जुड़े 2 हजार दुकादार और उनसे जुड़े 5 हजार परिवार सिसक रहे हैं। मेला अवधि 25 दिसम्बर से 10 फरवरी तक रहती है, लेकिन आज यदि मेले की तिथि घोषित कर दी जाए, तो भी 25 दिसम्बर तक मेला शुरू होना असंभव नजर आ रहा है।

एक शताब्दी पूरी कर चुका ग्वालियर मेला दिल्ली के प्रगति मैदान के बाद दूसरा ऐसा मेला है जिसके पास खुद की आधारभूत संरचना है। ग्वालियर मेला में 2 हजार पक्की दुकानें हैं, जिन पर सुई से लेकर ट्रक तक उपलब्ध हो जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षो में मेला ख्याति के अनुरूप आयोजित नहीं हो सका है। मेला छूट बंद होने की वजह से ऑटोमोबाइल सेक्टर मेला से नदारद हो गया था, दो साल पहले जब मेला छूट आरंभ हुई तो कोरोना ने बीच में ही मेले पर ब्रेक लगा दिया। इस बार भी बताया जा रहा है कि परिवहन विभाग ने तो छूट देने की तैयारी कर ली है, लेकिन अभी भी इस बात को लेकर असमंजस है कि ग्वालियर व्यापार मेला कब से लगेगा? सूत्रों की यदि माने तो सोमवार अथवा मंगलवार को उद्योग मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा मेला प्राधिकरण की बैठक भोपाल या ग्वालियर में ले सकते हैं। अगर भोपाल में बैठक होती है तो यह भी अपने आप में अनूठी बात होगी, क्योंकि मेला प्राधिककरण की बैठक अब तक मेला के कॉन्फ्रेंस हॉल में ही आयोजित होती आई है।

इनका कहना है :

मेला आयोजन को लेकर इस बार किसी को चिंतित होने की जरूरत नहीं हैं। सोमवार को बोर्ड की बैठक आयोजित कर मेला की तारीख घोषित कर तैयारियां प्रारंभ कर दी जाएंगी।

ओमप्रकाश सखलेचा, उद्योग मंत्री प्रदेश सरकार

मेला की तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है। अगले सप्ताह बोर्ड की मीटिंग होगी, जिसमें मेला की तारीख तय होने की पूरी संभावाना है। समय पर मेला की तैयारियां पूरी कर निर्धारित तिथि तक मेला का आयोजन प्रारंभ कर दिया जाएगा।

निरंजन श्रीवास्तव, मेला सचिव

क्या कहते हैं व्यापारी :

तीन साल से ग्वालियर मेला नहीं लगने से व्यापारियों की जहां कमर टूट गई है, वहीं उनसे जुड़े सैकड़ों कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं। इस बार मेला नहीं लगने का कोई कारण नहीं हैं,इसलिए शासन से अपेक्षा है कि अविलंब मेला की तारीख घोषित कर तैयारियां प्रारंभ करें।

महेंद्र भदकारिया, अध्यक्ष मेला व्यापारी संघ

मेला आयोजित नहीं होने का इस बार कोई कारण नहीं हैं। पिछले तीन वर्ष कोरोना की वजह से ग्वालियर व्यापार मेला का आयोजन नहीं हुआ। यह सही है कि मेला की तारीख घोषित नहीं होने से तैयारियां शुरू नहीं हुई है, जिससे मेला इस बार लेट लग पाएगा।

प्रवीण अग्रवाल, मानसेवी सचिव चेंबर ऑफ कॉमर्स व पूर्व मेला उपाध्यक्ष

मेला आयोजन को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित अनेक जिम्मेदारों लोगों से पत्र व्यवहार कर चुका हूं। मुझे भरोसा है कि इस बार मेला जरूर लगेगा। मेला को खूबसूरत बनाने के लिए मैंने तैयाारियां भी आरंभ कर दी हैं और मेला में इस बार कुछ ऐसा देने का प्रयास होगा जो पहले कभी नहीं देखा गया।

राजू राठौर, डेकोरेटर

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