Gwalior : यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए 12 नए फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव
यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए 12 नए फ्लाईओवर बनाने का प्रस्तावसांकेतिक चित्र

Gwalior : यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए 12 नए फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : केन्द्र सरकार ने सेतू बंधन योजना के तहत मांगे प्रस्ताव। सेतू संभाग एवं नगर निगम ने बनाकर दी जानकारी। 12 नए फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव दिया।

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। शहर की सकरी सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। इसे देखते हुए केन्द्र शासन द्वारा महानगरों में सेतू बंधन योजना लागू करने जा रही है। इस योजना के तहत नए व्यस्त सड़कों के ऊपर नए फ्लाईओवर बनाने की पहल की जाएगी। इसके लिए सभी महानगरों से प्रस्ताव मांगे गए थे। ग्वालियर में सेतू संभाग एवं नगर निगम द्वारा 12 नए फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव दिया गया है।

सड़कों पर लगने वाले जाम के कारण प्रदूषण भी बढ़ रहा है। जाम में खड़े वाहन चालू रहते हैं जिससे डीजल, पेट्रोल एवं सीएनजी की खपत भी बढ़ रही है। इस समस्या का मुख्य समाधान महानगरों में लगने वाले जाम को हटाना है। केन्द्र शासन द्वारा इस दिशा में काम करते हुए महानगरों में सेतू बंधन योजना लागू करने की कवायद की जा रही है। विशेषज्ञों द्वारा दिए गए सुझावों के अनुसार व्यस्त इलाकों से वाहनों को सुगमता से निकालने के लिए फ्लाईओवर बनाना आवश्यक है। इस योजना के तहत ग्वालियर में भी फ्लाईओवर बनाने के प्रस्ताव मांगे गए थे। नगर निगम एवं सेतू संभाग विभाग द्वारा 12 व्यस्त मांगों पर फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव पर अगर मोहर लगी तो शहर का यातायात सुगम हो जाएगा।

पहले भी बन चुका है प्रस्ताव :

यह पहला मौका नहीं है जब इस तरह का प्रस्ताव बनाया गया हो। इससे पहले केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की पहल पर शहर में 9 आरओबी एवं फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ था। इसमें से चार ओवर ब्रिज बनाने की स्वीकृति मिली थी। लेकिन अन्य ब्रिज तैयार नहीं हो सके। अब एक बार से नए ब्रिजों के लिए प्रस्ताव मांगा गया है। यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है तो शहर वासियों को जाम से मुक्ति मिलेगी।

इन जगहों पर फ्लाईओवर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव :

  • कम्पू बस स्टेण्ड से गोरखी महाराज बाड़े तक, लंबाई 1000 मीटर।

  • चौहान प्याऊ से बरादरी होते हुए 7 नंबर चौराहे तक, लंबाई 2000 मीटर।

  • हजीरा से चार शहर के नाके तक, लंबाई 1000 मीटर।

  • श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया उद्यान मेला ग्राउण्ड से गोला का मंदिर होते हुए पुरूषोत्तम विहार तक, लंबाई 2000 मीटर।

  • ऊंट पुल से नई सड़क होते हुए एबी रोड तक, लंबाई 2000 मीटर।

  • पिंटो पार्क तिराहे से बिरला हॉस्पिटल होते हुए टिंको हाउस तक, लंबाई 3000 मीटर।

  • छप्पर वाले पुल से जनक हॉस्पिटल जिंसी नाला तक, लंबाई 2000 मीटर।

  • गोल पहाड़िया से बहोडपुर तक, लंबाई 5000 मीटर।

  • अलंकार होटल से रोशनी घर पार्क तक, लंबाई 900 मीटर।

  • चिरवाई नाका महादजी नगर से एसएएफ ग्राउण्ड कम्पू तक, 5000 मीटर।

  • शीतला सहाय चौराहे से हुजरात चौराहे तक, लंबाई 1300 मीटर।

  • नदी गेट से शिंदे की छावनी से रामदास घाटी तक, लंबाई 1400 मीटर।

इनका कहना है :

शहर में नए फ्लाईओवर ब्रिज बनाने के लिए केन्द्र शासन ने प्रस्ताव मांगा था। यह प्रस्ताव सेतू संभाग विभाग एवं नगर निगम द्वारा बनाकर दिया जा रहा है। हमने शहर मे 12 नए ओवर ब्रिज बनाने की आवश्यकता जताई है। अगर इन फ्लाईओवरों को बनाने की स्वीकृति मिलती है तो काफी हद तक लोगों को सड़कों पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिल जाएगी।

किशोर कन्याल, निगमायुक्त

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