Gwalior : निगमायुक्त के आदेश ताक पर, बिना स्वीकृति खोला सील पंप हाउस
पंप सील करते निगम अधिकारी, पंप से सामान निकालते दुकानदारRaj Express

Gwalior : निगमायुक्त के आदेश ताक पर, बिना स्वीकृति खोला सील पंप हाउस

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : सील पंप हाउस को खोलकर गोदाम बना दिया गया। बिना निगमायुक्त की स्वीकृति के चाबी कैसे दूसरे लोगों के पास पहुंची यह बड़ा सवाल है।

हाइलाइट्स :

  • मामला, महाराज बाड़े के सुभाष मार्केट में बने पंप हाउस का

  • निगमायुक्त के आदेश पर 27 जुलाई 2021 को सील हुआ था सुभाष मार्केट का पंप हाउस।

  • दादाजी धाम ट्रस्ट के पदाधिकारी पंप हाउस को दुकान बनाकर बेचने की लगा रहे हैं जुगत।

  • राजस्व विभाग के पदाधिकारियों पर मिली भगत के लगे आरोप।

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। नगर निगम के राजस्व विभाग में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार चल रहा है। यहां निगम स्वामित्व की दुकानों का नियम विरूद्ध तरीके से बंदर वाट किया जा रहा है। सुभाष मार्केट की दुकानों को दुकानदार आपस में बेच रहे हैं जिससे निगम को राजस्व हानि हो रही है। वहीं ताजा मामला निगमायुक्त के आदेश की अनदेखी का है। सुभाष मार्केट के पास बना पंप हाउस निगम स्वामित्व का है और इसे दुकान बनाकर 80 लाख रुपय में बेचने की कोशिश की जा रही है। जुलाई 2021 में निगमायुक्त के आदेश पर राजस्व अधिकारियों ने पंप हाउस को सील किया था और अब फिर से पंप हाउस को खोलकर गोदाम बना दिया गया है। बिना निगमायुक्त की स्वीकृति के चाबी कैसे दूसरे लोगों के पास पहुंची यह बड़ा सवाल है।

महाराज बाड़े पर स्थित सुभाष मार्केट में दादाजी धाम ट्रस्ट बना हुआ है। इस ट्रस्ट के पास नगर निगम स्वामित्व का पंप हाउस बना हुआ है। इस पंप हाउस को दुकान बनाकर बेचने का षडय़ंत्र किया जा रहा है। दुकान सिंधी समाज के दुकानदार को देने की बात चल रही थी और इसमें दादाजी धाम के एक पदाधिकारी पर आरोप लगे। पदाधिकारी ने पंप हाउस में शटर लगाने का काम शुरू करा दिया था। इस संबंध में जुलाई 2021 में समाचार प्रकाशित हुए और मामला संज्ञान में आने के बाद तत्कालीन निगमायुक्त ने पंप को सील करा दिया। नगर निगम राजस्व अधिकारी लोकेन्द्र चौहान, मदाखलत अधिकारी सतेन्द्र भदौरिया एवं शैलेन्द्र चौहान सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में 21 जुलाई 2021 को पंप हाउस सील किया गया। साथ ही निगमायुक्त ने यह निर्देश दिए कि बिना स्वीकृति लिए यह पंप हाउस नहीं खोला जाए। लेकिन वर्तमान में फिर से पंप हाउस की चाबी षडयंत्र करते हुए संबंधित लोगों के पास पहुंचा दी गई है और दुकान को गोदाम बनाकर 20 हजार रुपय में किराए पर दिया गया है। यहां शाम को सामान रखा जाता है और सुबह सामान निकाल लिया जाता है। इसके वीडियो और फोटो भी शोसल मीडिया के जरिया निगमायुक्त किशोर कन्याल एवं अपर आयुक्त राजस्व अतेन्द्र सिंह गुर्जर को भेजे गए। लेकिन गुरूवार को अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। सिर्फ टीसी दिनेश जाटव को मौके पर भेजकर चैक कराया गया। टीसी ने अपर आयुक्त को खाली पंप हाउस के फोटो भेज दिए। चूंकि माल रखने वालों को पहले जानकारी मिल गई थी इसलिए उन्होंने पूरा सामान निकाल लिया। इस गंभीर मामले की जांच कर कार्यवाही की आवश्यकता है।

फोटो और वीडियो के आधार पर दर्ज कराएं एफआईआर :

निगम स्वामित्व के पंप हाउस पर कब्जे को लेकर पिछले दो साल से प्रयास चल रहे हैं। पहले भी पंप हाउस को कब्जाने की कोशिश की गई थी और इसे दुकान बनाकर 80 लाख रुपय में बेचने का षडयंत्र भी रचा गया। लेकिन समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने पर मामला ठण्डा पड़ गया और निगम अमले ने पंप हाउस को सील कर दिया। अब चाबी कैसे दूसरे लोगों के पास पहुंची यह जांच का विषय है।

इनका कहना है :

मैं मार्च 2021 में सेवा निवृत हो गया था और मैंने चार्ज देते समय पंप हाउस की चाबी अशोक सेन को सौंपी थी। इसके बाद क्या हुआ मुझे जानकारी नहीं है।

मुन्नालाल श्रीवास (सेन), सेवा निवृत टीसी, राजस्व विभाग, नगर निगम

मुझे कुछ समय के लिए ही चार्ज मिला था और मैंने चाबी सहित अन्य सामान टीसी दिनेश जाटव को सौंप दिया है। इस बारे में वही जानकारी दे सकते हैं।

अशोक सेन, टीसी, राजस्व विभाग, नगर निगम

मुझे चार्ज लेते समय एक ही चाबी दी गई थी। अब कौन दूसरी चाबी का इस्तेमाल कर रहा है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। मैं कल दूसरा ताला लगवाता हूं और फिर से पंप को सील कर दूंगा।

दिनेश जाटव, टीसी, राजस्व विभाग, महाराज बाड़ा, नगर निगम

इस मामले में टीसी को निर्देश दिए थे। उसने मौके पर पहुंचकर फोटो बनाकर भेजे हैं। हम मामले की जांच करा रहे हैं। जल्द ही मैं भी मौके का निरीक्षण करूंगा।

अतेन्द्र सिंह गुर्जर, अपर आयुक्त राजस्व विभाग, नगर निगम

यह गंभीर मामला है। जब पंप हाउस सील था तो उसे बिना स्वीकृति के कैसे खोला गया। मैंने अपर आयुक्त को जांच के निर्देश दिए हैं। जो भी अधिकारी मिली भगत कर राजस्व को हानि पहुंचा रहे हैं उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।

किशोर कन्याल, निगमायुक्त

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