Gwalior : स्मार्ट सिटी के मदद से अब शिल्पी भी बेचेंगे ऑनलाइन प्रोडेक्ट
ग्वालियर के एक कलाकार द्वारा बनाया गया हस्त शिल्प उत्पादनRaj Express

Gwalior : स्मार्ट सिटी के मदद से अब शिल्पी भी बेचेंगे ऑनलाइन प्रोडेक्ट

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : शिल्पी भी अब ऑनलाइन अपने उत्पाद बेच सकेंगे। उनके ऑनलाइन अपने व्यापार को खड़ा करने के लिए स्मार्ट सिटी मदद कर रही है।

हाइलाइट्स :

  • ग्वालियर के शिल्प को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिल सकती है पहचान।

  • ऑनलाइन व्यवसाय से शिल्पियों का आर्थिक उन्नयन के नए रास्ते खुलेंगे।

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। शिल्पी भी अब ऑनलाइन अपने उत्पाद बेच सकेंगे। उनके ऑनलाइन अपने व्यापार को खड़ा करने के लिए स्मार्ट सिटी मदद कर रही है। जिसमें उन्हें ट्रेंड करने के साथ दस्तावेजी औपचारिकताएं भी स्मार्ट सिटी के तहत पूरी कराई जा रही हैं, जिससे शिल्पियों के शिल्प को भी राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय बाजार मे पहचान मिलने का रास्ता खुल गया है।

कोरोनाकाल में वैसे तो हर व्यवसाय पर प्रतिकूल असर पड़ा है, लेकिन सबसे ज्यादा मार अपने हाथों से उत्पाद तैयार करने वाले शिल्पियों पर पड़ी है, क्योंकि ये बेचारे शिल्प मेलों में ही अपने उत्पाद बेच पाते हैं, लेकिन कोरोना गाइड लाइन की वजह से अभी शासन की ओर से मेलों आयोजन की अनुमति नहीं मिली है, जिससे फिलहाल शिल्पियों की स्थिति खराब है, लेकिन ऑनलाइन व्यवसाय से शिल्पियों का आर्थिक उन्नयन के नए रास्ते खुलेंगे।

स्मार्ट सिटी के ड्रीम हैचर इंक्युबेशन सेंटर के माध्यम से शिल्पियो को अपने उत्पादों को ऑनलाइन बेचने की विशेष ट्रेनिंग देने के बाद अब शिल्पियों के उत्पादों को विभिन्न पोर्टलों और वेबसाइट जैसे अमेजॉन, फ्लिपकार्ट, इंडियामार्ट, ट्रेड इंडिया इत्यादी पर पंजीकृत किया जा रहा है, जिसके बाद अब ग्वालियर शिल्प कला के नाम से शिल्प उत्पाद ऑनलाइन ई-कामर्स बेबसाइड बिक्री के लिए उपलब्ध है। अब तक इंडियामार्ट, ट्रेड इंडिया वेबसाइट पर प्रोडक्ट लाइव किए जा चुके हैं तथा शीघ्र ही अन्य वेबसाइट पर भी ग्वालियर के शिल्प उत्पाद उपलब्ध होंगे।

ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ जयति सिंह ने बताया कि पत्थर शिल्प के साथ अन्य शिल्प कला में ग्वालियर का नाम प्राचीन काल से प्रसिद्ध है। स्मार्ट सिटी का प्रयास है कि अंचल में शिल्पकला को निरन्तर प्रोत्साहन मिलता रहे और अंचल के शिल्पियों द्वारा रचित शिल्प उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने के साथ उनकी बेहतर मार्केटिंग हो सके। इसी क्रम में विगत दिनों इंक्युबेशन सेंटर ड्रीम हैचर के सहयोग से शिल्पियोर को डिजीटल मार्केटिंग की विशेष ट्रेनिंग दी गई थी। इस ट्रेनिंग मे शिल्पियों के उत्पादों की जानकारी एकत्रित करने के साथ-साथ उनके अनुरूप वेबसाइड का चयन कर शिल्पियों का पंजीकरण कर उत्पादों की लिस्टिंग कर ली गई है। शिल्पियों के विभिन्न शिल्प उत्पाद जैसे पत्थर, स्क्रेप, लकड़ी, टेराकोटा, फाइबर, मेटल शिल्प को ऑनलाइन पार्टल पर लिस्ट किया गया है।

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