ग्वालियर : एक फरवरी से आयोजित हो सकता है ग्वालियर मेला
एक फरवरी से आयोजित हो सकता है ग्वालियर मेलासांकेतिक चित्र

ग्वालियर : एक फरवरी से आयोजित हो सकता है ग्वालियर मेला

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : 116 साल से 106 एकड़ के परिसर में निरन्तर होता आ रहा है आयोजन, कोविड-19 की वजह से हो रही है निर्णय लेनी में देरी, आयोजन की मांग को लेकर धरना दे चुके हैं मेला दुकानदार।

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। 116 साल से 106 एकड़ के विशाल परिसर में निरन्तर आयोजित होते आ रहे ग्वालियर मेला के लिए दिसम्बर माह में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच जाती थीं। शायद ही कभी ऐसा हुआ हो जब मेला का आयोजन नहीं हुआ हो, लेकिन इस बार कोरोना बीमारी की वजह से अब तक मेला स्थिति साफ नहीं हो सकी है कि मेला लगेगा अथवा नहीं, लेकिन ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि इस बार देर से ही सही मेला का आयोजन किया जाएगा। मेला सूत्रों की मानें तो एक फरवरी से मेला का शुभारंभ हो सकता है।

अनलॉक की प्रक्रिया में जब धीरे धीरे सब कुछ ओपन होता जा रहा है, ऐसे में ग्वालियर मेले पर अभी भी संकट के बादल छाए हुए हैं, क्योंकि प्रदेश के प्रगति मैदान कहे जाने वाले विश्वविख्यात ग्वालियर मेला में हजारों नहीं लाखों की संख्या में सैलानी पहुंचते हैं, ऐसे में कोविड-19 नियमों का पालन और सोशल डिस्टेसिंग का पालन सबसे बड़ी चुनौती है। नियमों का पालन करते हुए सभी एहतियात बरतते हुए मेले का आयोजन कठिन काम हैं। कठिन है लेकिन असंभव नहीं। मेला आयोजन समित को इसके लिए मेला व्यापारियों के साथ बैठक कर रास्ता निकालना होगा। सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए कितनी दुकानें लगाई जाएं। एक बार में कितने लोगों को मेला परिसर में प्रवेश दिया जाए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान भी सोशल डिस्टेसिंग कायम रखने के लिए पास जारी किए जाएं। मेला प्रवेश के लिए भी सशुल्क एंट्री कार्ड एक सुरक्षित और बेहतर विकल्प हो सकते हैं, जिसकी वजह से चुनिंदा लोग मेला में पहुंचेंगे और व्यापार की उम्मीद से मेला आने वाले व्यवसायियों की मंशा भी पूरी हो सकेगी।

यहां बता दें कि मेला व्यापारी संघ ने 7 दिसम्बर को मेला के प्रशासनिक भवन के बाहर धरना देकर 10 जनवरी से मेला शुरू करने की मांग की थी, लेकिन 10 जनवरी से किसी भी स्थिति में मेला का शुभारंभ संभव नजर नहीं आता। अंदरखाने की खबर यह है कि व्यापारी संघ की उर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर से बात हो चुकी है और वे व्यापारियों को एक फरवरी से मेला आयोजन का आश्वासन दे चुके हैं। इस संबध में प्रशासन जल्द ही निर्णय कर मेला की तिथि घोषित कर सकता है।

मिल सकती है रोड टैक्स में छूट :

पिछली बार मेला आयोजन के वक्त कांग्रेस की सरकार थी और उसने वाहनों की खरीद पर रोडटैक्स मेें 50 फीसदी की छूट दी थी, ऐसे में यदि मेला का आयोजन हुआ था भाजपा सरकार पर भी यह छूट देने के लिए दबाव होगा। यह मेला स्व. माधवराव सिंधिया के नाम पर है। उनके पुत्र सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया मेला आयोजन के वक्त पिछले वर्ष कांग्रेस में थे तब कांग्रेस की सरकार थी और इस बार वे भाजपा में है तो भाजपा की सरकार है, ऐसे में मेला आयोजन की स्थिति में रोडटैक्स मेें छूट मिलने की पूरी संभावना है।

इनका कहना है :

ग्वालियर मेला में शहर ही नहीं बल्कि देशभर के व्यापारी और सैलानी आते हैं, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलता है और लाखों लोग यहां आकर मनोरंजन और खरीदारी करते हैं। हमें शासन-प्रशासन पर पूरा भरोसा है कि जनभावनाओं के अनुरूप ही मेला आयोजन को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

महेंद्र भदकारिया, अध्यक्ष ग्वालियर मेला व्यापार संघ

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