सुबह और रात को होने लगा ठंड का अहसास, लोग हो रहे बीमार
सुबह और रात को होने लगा ठंड का अहसास, लोग हो रहे बीमारRaj Express

Gwalior : सुबह और रात को होने लगा ठंड का अहसास, लोग हो रहे बीमार

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : अगर आप सुबह टहलने जाते हैं तो जरा संभल कर साथ ही रोजाना बदलते मौसम को देखकर ही घर से बाहर कदम रखें, क्योंकि आपके द्वारा बरती गई लापरवाही आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है।

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। अगर आप सुबह टहलने जाते हैं तो जरा संभल कर साथ ही रोजाना बदलते मौसम को देखकर ही घर से बाहर कदम रखें, क्योंकि आपके द्वारा बरती गई लापरवाही आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। अंचल में मौसम तेजी से बदलने के साथ ही वातावरण में पर्याप्त नमी होने के चलते सुबह और रात को ठंड का अहसास होने लगा है।

एक सप्ताह से सुबह का न्यूनतम तापमान 17-18 डिग्री के करीब चल रहा है, वहीं अधिकतम पारा 32 से 33 के बीच है। ऐसे में बदलते हुए मौसम में सुबह फुरफुरी छूट रही है और दोपहर में शरीर से पसीना बह रहा है। मौसम वैज्ञानिक सीके उपाध्याय ने बताया कि तेज धूप के चलते भले ही अधिकतम तापमान 32-33 डिग्री से अधिक पहुंच गया हो, लेकिन वातावरण में नमी होने के चलते गुलाबी ठंडक रात से सुबह तक पड़ रही है। उपाध्याय के अनुसार आगामी 24 घंटे में अंचल के मौसम में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। रात में पारा एक डिग्री कम होगा वहीं दिन का पारा स्थिर रह सकता है।

मौसम का असर पड़ रहा लोगों की सेहत पर : डॉ. अजय सिंह पाल

जीआर मेडिकल कॉलेज के मेडिसन विभाग में पदस्थ प्रोफेसर डॉ. अजय सिंह पाल का कहना है कि वर्तमान में अधिकतम व न्यूनतम पारे में 13 से 14 डिग्री का लंबा अंतर होने का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। जहां दिन में गर्मी होने के साथ रात में ठंड सीधे बॉडी पर अटैक कर रही है। जिससे लोग खांसी-जुकाम व वायरल से पीड़ित होकर इलाज कराने अस्पतालों में पहुंच रहे है। डॉ. सिंह का कहना कि बीते चार दिनों में ही ओपीडी में खांसी-जुकाम व बुखार से पीडि़त मरीजों की संख्या तीस फीसदी बढ़ गई है। बदलते मौसम में स्वयं को बचाने की जरुरत है। बीमारी से बचाव के लिए फ्रिज का पानी कतई नहीं पिएं, रात में एसी में नहीं सोएं। साथ ही पीने का पानी उबालकर दिन में तीन लीटर से अधिक पीने के साथ गरिष्ठ भोजन से परहेज कर स्वस्थ रहें।

बच्चों को पूरे कपड़े पहनाएं : डॉ. अजय गौड़

जीआर मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ व विभागाध्यक्ष डॉ.अजय गौड़ ने बताया कि इस मौसम में खासतौर पर ठंड से बचना चाहिए। बच्चों को ठंडे और पैक्ड फूड न खाने दें। उन्हें ज्यादा देर तक पानी में रहने से बचाएं। उन्हें फुल कपड़े पहनाएं, ताकि मच्छर आदि न काट पाएं। ताजा और मौसम के बदलाव के अनुसार खाना दें। रात को सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।

बीपी के रोगी रहें सर्तक : डॉ. गौरवकवि भार्गव

जीआरएमसी के वरिष्ठ ह्दय रोग विशेष डॉ.गौरवकवि भार्गव ने बताया कि सर्दी के मौसम में हृदय रोगियों का बीपी बढ़ जाता है और खून भी गाढ़ा हो जाता है। ऐसे में उन्हें अधिक सर्तक रहने की जरूरत है। वहीं सांस के मरीजों के लिए भी ठंड का मौसम परेशान करने वाला हैै। ठंड में सर्दी, जुकाम और जोड़ों में दर्द के साथ-साथ सांस की परेशानी का बढ़ऩा बहुत आम बात है। ऐसे में अस्थमा के मरीजों को इस मौसम में बेहद सतर्क और सावधान रहने की जरुरत है।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

Related Stories

No stories found.
| Raj Express | Top Hindi News, Trending, Latest Viral News, Breaking News
www.rajexpress.co