स्वास्थ्य विभाग की ईसागढ़ में बड़ी लापरवाही
स्वास्थ्य विभाग की ईसागढ़ में बड़ी लापरवाही|Social Media
मध्य प्रदेश

स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही: ड्यूटी किसी की टीकाकरण कर रहा कोई और

ईसागढ़, मध्यप्रदेश: आंगनवाड़ियों में टीकाकरण के नाम पर खाना पूर्ति। कई केंद्रों की महिलाओं को एक केंद्र पर बुलाकर किया जा रहा टीकाकरण, ऐ.एन.एम नदारद।

राज एक्सप्रेस

राज एक्सप्रेस

ईसागढ़, मध्यप्रदेश। स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे गैर जिम्मेदार तरीके से फर्जीवाड़ा सामने आया है। गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत ए एन एम अरुणा कुलकर्णी की बड़ी लापरवाही सामने आई है। आंगनवाड़ियों की कार्यकर्ताओं ने बताया कि कुलकर्णी मैडम की ड्यूटी केंद्रों पर टीकाकरण करने की है और वो कई महीनों से नदारद है उनकी जगह ऐ एन एम किसी और से टीकाकरण कराती हैं। वो भी कई सारे केंद्रों की एक ही केन्द्र पर बुलाकर आधा अधूरा टीकाकरण करके खाना पूर्ति की जा रही है। इससे वार्ड की महिलाओं को बहुत दूर दूसरे केंद्रों पर चलकर जाना पड़ता है जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है वहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी कागजी कार्यवाही करने से वंचित रह जाती हैं।

इस बात की शिकायत करने पर भी स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे टीकाकरण होता रहा। टीकाकरण कराने आई महिलाओं से जब पूछा गया कि आप कौन से वार्ड से आईं है तो सभी ने अलग अलग वार्ड बताये और मालूम हुआ कि 3, 4 केंद्रों की महिलाओं को ए एन एम अरुणा कुलकर्णी ने फोन करके एक ही जगह आकर टीका लगवाने के लिए दवाब डाला गया है। मौके पर आंगनबाड़ी केंद्र पर टीकाकरण कर रही निधि श्रीवास्तव से जब पूछा कि क्या आपकी ड्यूटी है टीकाकरण में तो उन्होंने साफ मना कर दिया बोली मुझे तो कुछ भी पता नहीं है न यह पता है कि किस किस वार्ड की महिलाओं का टीकाकरण होना है न ये पता के यह कौन सा वार्ड है मुझे तो अरुणा कुलकर्णी ने भेजा है इससे ज्यादा मुझे कुछ नहीं पता।

इस बारे में जब स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घनश्याम सेन से जब पूरे मामले के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि ड्यूटी अरुणा कुलकर्णी की ही है ये गलत तरीके से टीकाकरण कर रहे हैं। इस बारे में जब बीएमओ धाकड़ से बात की गई तो उन्होंने मौके पर ही टीम को भेजा जिससे सबकुछ मौके पर ही साफ हो गया। इस मामले के लिए अस्पताल में जब बीएमओ से बात की तो उन्होंने मौके पर अरुणा कुलकर्णी के लड़के जो कि शासकीय शिक्षक सौरभ कुलकर्णी को बुलाया और उनसे सब बात अस्पताल में ही पूछी जिससे यह स्पष्ट हो गया कि अरुणा कुलकर्णी के सारे कार्य सौरभ कुलकर्णी ही देखते है। यह बात निधि श्रीवास्तव समेत सभी अस्पताल में कार्यरत स्टाफ ने भी कबूली। हालांकि सीएमएचओ जे ऐस त्रिवेदि ने कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। वहीं बीएमओ ने भी कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है पर वो ये भी बोले कि जब सौरभ कुलकर्णी द्वारा सभी कार्य किया जा रहा है तो दिक्कत क्या है? काम तो हो रहा है कोई करे।

इससे स्वास्थ्य विभाग की पोल खुल गई है अगर कोई दुर्घटना होती है तो जिम्मेदार कौन यह पूरा मामला कोई 1-2 माह का नही है बल्कि लगभग डेढ़ साल से चल रहा है यह प्रश्न भी सामने आने लगा है कि यदि कुछ गलत घटना होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि जब से आंगनवाड़ी प्रारंभ हुईं है टीकाकरण सम्मलित एक ही केंद्र पर अरुणा कुलकर्णी द्वारा कराया जाता रहा है।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

Raj Express
www.rajexpress.co