Bhopal : डेंगू नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग का डेंगू पर प्रहार
डेंगू नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग का डेंगू पर प्रहारSyed Dabeer Hussain - RE

Bhopal : डेंगू नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग का डेंगू पर प्रहार

भोपाल, मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री 15 सितंबर को करेंगे प्रांतव्यापी अभियान का शुभारंभ। जिलों के कलेक्टर, सीएम एचओ और मलेरिया अधिकारियों को दी जिम्मेदारी।

भोपाल, मध्यप्रदेश। डेंगू पर कारगर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग 15 सितंबर से डेंगू पर प्रहार अभियान शुरू कर रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अभियान का शुभारंभ 15 सितंबर को सुबह 10 बजे करेंगे। अभियान के दोरान डेंगू नियंत्रण के लिए संचालित की जाने वाली गतिविधियों की जिम्मेदारी सभी जिलों के कलेक्टर, सीएमएचओ और मलेरिया अधिकारियों को दी गई है। इस आशय के निर्देश स्वास्थ्य आयुक्त आकाश त्रिपाठी ने शनिवार को जारी किए।

स्वास्थ्य आयुक्त द्वारा जारी निर्देश में अधिकारियों को वर्षा ऋतु शुरू होने बाद प्रदेश में मलेरिया, डेंगू एवं चिकुनगुनया जैसे वेक्टर जनित रोगों के संक्रमण काल शुरू होने पर इन रोगों से बचाव और नियंत्रण के लिए आवश्यक गतिविधियों को युद्ध स्तर पर संचालित करने निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि आमजन के सहयोग से इन रोगों पर आसानी से नियंत्रण प्राप्त किया जा सकता है।

स्वास्थ्य आयुक्त त्रिपाठी ने कहा कि वर्षाकाल में अनेक स्थानों पर जल जमाव होने के कारण, घरों में छोटे कंटेनर, टंकियों आदि में एक सप्ताह से अधिक तक जल संग्रह करने के चलते डेंगू एवं चिकुनगुनया जैसे रोगों को फैलाने वाले एडीज मच्छर का प्रजनन शुरू हो जाता है। जल भराव वाले पत्रों की नियमित साफ-सफाई न होने के कारण इन मच्छरों के लार्वा एडीज मच्छरों की उत्पत्ति का स्त्रोत बन जाते हैं। अमूमन अगस्त से अक्टूबर माह तक इन बीमारियों का प्रकोप अत्यधिक रहता है।

शासन द्वारा समय-समय पर वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण के लिए विभिन्न दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश के कतिपय जिलों में डेंगू के प्रकरणों में वृद्धि देखने में आई है। इसको दृष्टिगत रख अभियान में डेंगू से बचाव एवं नियंत्रण के उपायों की जानकारी को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। समस्त जिलों में डेंगू निरोधक गतिविधयां संचालित की जाएं। अभियान में जिन गतिविधियों को संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया है इनमें डेंगू से बचाव एवं नियंत्रण की गतिविधियों और जन-जन को डेंगू रोग के प्रति जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार की गतिविधियों को सम्मिलित किया गया है।

जिलों में प्रभारी मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि करेंगे अभियान की शुरुआत :

अभियान में सभी जिलों में 15 सितंबर को जिलों के प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक और स्थानीय जन-प्रतिनिधियों के द्वारा अभियान की शुरुआत की जाए। जिले में आयोजित डेंगू निरोधक गतिविधियों में संबंधित जिले की क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप को भी सम्मिलित किया जाना सुनिश्चित किया जाए। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में प्रत्येक ग्राम एवं शहरी क्षेत्र में प्रत्येक वार्ड में डेंगू से बचाव एवं नियंत्रण गतिविधियां संचालित किए जाने हेतु कार्य-योजना तैयार की जाए। सभी घरों में लार्वा सर्वे, स्पेस स्प्रे, फागिंग, जल जमाव हटाने हेतु दल गठित किए जाएं। इन दलों में मुख्यत: आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत कर्मी, बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता, नॉन मेडिकल असिस्टेंट, मलेरिया निरीक्षक, व्हीबीडी टेक्निकल सुपरवाइजर इत्यादि जैसे मैदानी कार्यकर्ताओं को सम्मिलित किया जा सकता है। जारी निर्देशों में कहा गया है कि फॉगिंग एवं छिड़काव हेतु पर्याप्त मात्रा में क्रियाशील कम्प्रेसर पंप, फॉगिंग मशीन, कीटनाशक, रसायन इत्यादि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

24 घंटे में करें लार्वा नष्ट करने की व्यवस्था :

अभियान के दौरान जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में वाहक मच्छरों की वृद्धि के स्रोत में कमी लाने के लिए सात दिनों से अधिक समय तक किसी भी स्थान पर जलजमाव न रहने दें। कूलर, टंकी, गमले, फूलदान, पुराने टायर, बेकार डब्बे, सकोरे, खाली प्लाट, गड्डों इत्यादि की सफाई सुनिश्चित करवाए। किसी क्षेत्र में लार्वा पाए जाने पर सर्वप्रथम लार्वा वाले पानी को खाली कराया जाए, यदि पानी खाली न काराया जा सकता हो तो पानी को छान कर उसमें से लार्वा पृथक किए जा सकते हैं। यदि तत्काल पानी खाली न किया जा सकता हो, जिनमें लार्वा हो तो उसमे सही मात्रा में टेमीफोस लार्वानाशक का घोल डालें। इनकी सूची तैयार करें तथा 24 घंटे के भीतर खाली कराकर लार्वा नष्ट करने की व्यवस्था की जावे। ऐसे क्षेत्र में मच्छर के लार्वा शून्य होने तक एंटीलार्बल गतिविधियां संपादित की जाए। एंटीलार्बल गतिविधि अंतर्गत लार्वा नियंत्रण हेतु टेमीफोस 50 प्रतिशत घोल, बीटीआई पाउडर, बीटीआई लिक्विड जैसे एंटीलार्वल रसायन का उपयोग किया जाए। प्रभावित क्षेत्रों में रसायन साइफेनोथ्रिन पांच प्रतिशत के द्वारा आउटडोर फॉगिंग कार्य किया जाए। कीटनाशक पायरेथर्म दो प्रतिशत द्वारा डेंगू पॉजिटिव रोगी के घर के आसपास 400 मीटर के क्षेत्र में स्थित घरों में स्पेस स्प्रे करवाएं।

किसी भी बुखार के रोगी की जल्द जांच और उपचार प्रारंभ करें :

डेंगू से बचाव एवं नियंत्रण के उपायों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने हेतु विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। आमजन को पूरी बाह के कपड़े तथा बुखार प्रभावित रोगियों को एलएलआईएन/बेड नेट का प्रयोग करने की सलाह दे। किसी भी बुखार के रोगी को 24 घंटों के अंदर जांच एवं उपचार प्रारंभ करने की सलाह दी जाए। जिले में आयुष्मान भारत निरामयम योजना से सम्बद्ध अस्पतालों में डेंगू के रोगियों का नि:शुल्क उपचार सुनिश्चित किया जाए। डेंगू पर प्रहार अभियान राज्य शासन की प्राथमिकता में है आवश्यक तैयारी के साथ अभियान को सफल बनाने की दिशा में कार्य करें।

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