कैबिनेट उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी
कैबिनेट उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी|Social Media
मध्य प्रदेश

सोशल मीडिया को नई गति देने के लिए किया फेसबुक से टाइअप - मंत्री

राजधानी में प्रेस कांफ्रेन्स के दौरान नई समिति गठन से लेकर कई मुद्दे पर बोले कैबिनेट मंत्री जीतू पटवारी।

Deepika Pal

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राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश की राजधानी में प्रदेश सरकार के कैबिनेट उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने प्रदेश के मुद्दों पर बयान देने के साथ ही नई जानकारी भी पत्रकारों के समक्ष साझा की। साथ ही सोशल मीडिया की सकारात्मक भूमिका के साथ ही उसके दुष्परिणामों पर बोलते हुए कहा कि, सोशल मीडिया सूचनाओं और खबरों को लोगों तक पहुंचाने का कार्य़ तो करती है लेकिन इससे लोगों द्वारा फेक न्यूज प्रसारित की जा रही है। जिसके लिए उच्च शिक्षा विभाग और फेसबुक ने मिलकर टाइअप किया है जिससे सोशल मीडिया को नई गति देने का प्रयास किया जाएगा ताकि, लोगों तक सही और सटीक खबरे पहुंचे, कोई दुष्परिणाम ना निकले।

समिति के गठन पर बोले मंत्री :

पत्रकारों से चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री पटवारी ने कहा कि, सत्ता और संगठन के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए समिति का गठन किया गया है जिससे संगठन की स्थिति बेहतर बनेगी। दरअसल समिति के गठन के पीछे का मूल कारण विधानसभा चुनाव के वक्त जो घोषणा पत्र बनाया गया था उस पर कार्य करने के लिए ग्रासरूट कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्यव हो यह है। साथ ही कहा- हर पार्टी का अपने कार्य करने का तरीका होता है जिसके तहत ही कार्य किया जाता है। इस समिति में मेरे साथ मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह, महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया और मीनाक्षी नटराजन भी शामिल हैं।

राजगढ़ की घटना पर बोले :

साथ ही बीते दिनों हुए बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा महिला अधिकारियों के साथ व्यवहार के मामले और 22 जनवरी को बीजेपी द्वारा किए जाने वाले प्रदर्शन पर बोले- यह व्यवहार निंदनीय है, प्रशासनिक दृष्टि से देखा जाए तो जो हुआ वो गलत है, महिला अधिकारियों के बाल खींचे गए वो पूरी तरह से गलत है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों के साथ बदसुलूकी की थी।

अतिथि विद्वान के धरने पर कहा :

वहीं अन्य मामलों में अतिथि विद्वानों के धरने पर बैठे रहने वाले मामले पर मैं पहले भी कई बार कह चुका हूं, हमारी सरकार पहले भी कह चुकी है किसी भी स्थिति में अतिथि विद्वान को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा।

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