उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने विवादित आदेश को वापस लेने का दिया निर्देश
उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने दिया निर्देशSyed Dabeer Hussain - RE

उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने विवादित आदेश को वापस लेने का दिया निर्देश

भोपाल, मध्यप्रदेश: उच्च शिक्षा मंत्री ने बयान देते हुए कहा छात्र को कॉलेज में प्रवेश लेने से नहीं रोका जा सकता है, उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने विवादित आदेश को वापस लेने के निर्देश दिए हैं।

भोपाल, मध्यप्रदेश। विश्वविद्यालयों में प्रवेश को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने एक नया आदेश जारी किया था, जिसके तहत जिन छात्र-छात्राओं पर किसी भी तरह का आपराधिक प्रकरण दर्ज है, उन्हें कॉलेज में प्रवेश नहीं मिलेगा, तब से ही कॉलेज एडमिशन के नए आदेश पर विरोध शुरु हो गया, इस मामले पर विवाद बढ़ने के बाद अब सरकार अपना फैसला वापस लेगी।

मंत्री ने कमिश्नर को दिये आदेश वापस लेने के निर्देश

मिली जानकारी के मुताबिक उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव (Higher Education Minister Dr. Mohan Yadav) ने विवादित आदेश को वापस लेने के निर्देश दिए हैं, उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने आदेश को गलत बताते हुए कहा कि सभी स्टूडेंट्स को कॉलेज में एडमिशन दिया जाएगा।

जब विधायक और सांसद केस दर्ज होने के बाद चुनाव लड़ सकते हैं तो एडमिशन क्यों नहीं मिल सकता।

उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने कहा

उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव का बयान

उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव का बयान देते हुए कहा कि जब लोकसभा, विधानसभा में प्रत्याशी को चुनाव लड़ने से नहीं रोका जा सकता तो छात्र को कॉलेज में प्रवेश लेने से नहीं रोका जा सकता है, न्यायालय में गुण-दोष के आधार पर सजा तय होती है, लोकतंत्र में छात्र- नेताओं द्वारा लोक-हितैषी मुद्दों के आंदोलन पर प्रकरण दर्ज होते हैं, केवल अपराध दर्ज होने से छात्र को दाखिला लेने से नहीं रोक सकते।

उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने किया ट्वीट

उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने ट्वीट कर कहा कि उच्च शिक्षा कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि किसी भी विद्यार्थी पर किसी भी थाने में यदि कोई प्रकरण पंजीबद्ध है तो एडमिशन नहीं रोका जाए। उन्हें सामान्य रूप से एडमिशन दिया जाए।

बता दें कि नया नियम उच्च शिक्षा विभाग मप्र शासन ने प्रदेश में एडमिशन के लिए लागू किया था, इस आदेश के जारी होते ही इसका विरोध शुरु हो गया था, एनएसयूआई के साथ ही बीजेपी के छात्र संगठन एबीवीपी ने भी सरकार के इस फैसले के विरोध किया था।

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