शराब माफियाओं की गुंडागर्दी सहन नहीं होगी : गृहमंत्री
शराब माफियाओं की गुंडागर्दी सहन नहीं होगी : गृहमंत्रीRaj Express

शराब माफियाओं की गुंडागर्दी सहन नहीं होगी : गृहमंत्री

इंदौर, मध्यप्रदेश : गोलीकांड के फरार आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम घोषित। आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर भी चलाए जाएंगे।

इंदौर, मध्यप्रदेश। गोलीकांड के फरार आरोपियों पर दस-दस हजार का इनाम घोषित किया गया है। उनकी तलाश में पुलिस की कई टीमें सक्रिय हैं। इस गंभीर मामले को लेकर प्रदेश के गृहमंत्री,प्रभारी मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि गोली चलाने वाले आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनकी संपत्ति पर बुलडोजर भी चलाए जाएंगे। शराब माफियाओं की गुंडागर्दी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विजयनगर पुलिस ने हेमू ठाकुर,चिंटू ठाकुर ,सतीश भाऊ, छोटू, अंजुमन अय्यर, दयाराम एवं अन्य के खिलाफ प्राणघातक हमले, बलवे एवं अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपियों की कई ठिकानों पर तलाश की गई लेकिन उनका पता नहीं चला। आईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने कहा है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शहर में किसी भी तरह की गुंडागर्दी को सहन नहीं किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि सोमवार शाम सत्यसाईं चौराहा स्थित सिंडिकेट के दफ्तर में शराब ठेकेदारों की बैठक आयोजित की गई थी। गांधी नगर की शराब दुकान से अर्जुन ठाकुर के पिता स्व. वीरेंद्रसिंह ठाकुर के माला चढ़े फोटो को सड़क पर फेंकने के मामले में हेमू ठाकुर और चिंटू ठाकुर एवं अर्जुन ठाकुर के बीच विवाद हो गया था। इस बैठक में इस विवाद में राजीनामे को लेकर अर्जुन को पिंटू भाटिया ने ही फोन कर बुलवाया था। राजीनामे के पहले ही हेमू ठाकुर ने अर्जुन ठाकुर को गोली मार दी। गोली की आवाज से वहां सनसनी फैल गई। बैठक में उपस्थित लोग तितर-बितर हो गए। दफ्तर के आसपास लगने वाले आफिस भी बंद हो गए। दहशत ने वहां पर पैर पसार लिए। अर्जुन को तत्काल एक निजी हास्पीटल ले जाया गया। दूसरी ओर गोली कांड की सूचना मिलते ही अर्जुन ठाकुर के कई समर्थक सिंडीकेट दफ्तर के सामने एकत्र हो गए और पथराव करते हुए तोड़फोड़ शुरु कर दी। अस्पताल के बाहर भी अर्जुन के समर्थकों की काफी भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस ने दोनों ही स्थानों पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया एवं हल्का बल प्रयोग कर वहां से हटाया।

छोटे ठेकेदारों को डराने के लिए फायरिंग :

शराब ठेकेदार अर्जुन ठाकुर को गोली गलती से लगी। हमलावर किसी को गोली मारने के इरादे से नहीं आए थे वे तो छोटे ठेकेदारों को चमकाने के लिए फायर किए गए थे। छोटे ठेकेदारों को भी हिस्सा देना पड़ता है, शराब के धंधे में प्रवेश करने वाले कुछ गुंडे और ठेकेदार इन छोटे ठेकेदारों पर धाक जमाना चाहते थे, वे डर जाते और कभी भी अपना हिस्सा नहीं मांगते लेकिन चमकाने के चक्कर में गोली छत से टकराकर अर्जुन ठाकुर को लग गई। इंदौर में ठेकेदारों ने मिलकर 980 करोड़ में शराब दुकानों का ठेका लिया है। इसमें 30 प्रतिशत हिस्सा छोटे ठेकेदारों का है और इसी 30 प्रतिशत पर बड़े ठेकेदारों की टेढी नजर है और वे इसका मुनाफा नहीं देना चाहते हैं बस इसी बात को लेकर ये गोलीकांड हुआ है।

इंदौर में सिंडिकेट का काम शुरू करने वाले घायल अर्जुन ठाकुर के पिता वीरेंद्रसिंह ठाकुर थे। कुछ सालों पहले वीरेंद्र ठाकुर और नागेंद्र ठाकुर को शराब किंग के नाम से जाना जाता था। नागेंद्र ठाकुर की मौत के 11 माह बाद ही वीरेंद्र ठाकुर की भी मौत हो गई थी। इसके बाद शराब का पूरा काम काज अर्जुन ठाकुर ही संभाल रहे हैं।

दुकानों के साथ ही अहातों पर भी गुंडों का कब्जा :

शहर की शराब दुकानों का ठेका लेने के बाद इसका संचालन गुंडे बदमाशों के हवाले कर दिया जाता है। चर्चा तो ये भी है कि शराब ठेकेदारों का राजनीतिक संरक्षण होने के कारण उनके लिए काम करने वाले भी जमकर गुंडागर्दी करते हैं। यदि पुलिस इन्हें किसी मामले में गिरफ्तार करती है तो कुछ ही घंटों में इनकी जमानत हो जाती है। मामले के कोर्ट तक पहुंचने के दौरान गवाहों को या डरा धमका दिया जाता है या फिर मोटी रकम देकर गवाही बदल दी जाती है। इसी कारण शराब ठेकेदारों से जुड़े गुंडे बदमाश किसी भी वारदात करने से नहीं चूकते। शराब की दुकान के अहातों पर भी गुंडे बदमाशों का ही कब्जा रहता है। यहां पर आने वाले और बैठकर शराब पीने वालों से मुंहमांगे पैसे वसूले जाते हैं यदि कभी कोई विरोध करता है तो अहाते पर तैनात बदमाश मारपीट और चाकूबाजी तक कर डालते हैं। इस तरह के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।

सीसीटीवी के फुटेज बनेंगे अहम सबूत :

पुलिस ने गोलीकांड के बाद डीवीआर जब्त कर लिया है। माना जा रहा है कि इसमें वारदात का एक-एक पल रेकार्ड है। इसके आधार पर पथराव करने वाले से लेकर गोलीकांड को अंजाम देने वालों की एक एक हरकत कैद हो गई। पुलिस का दावा है कि कोर्ट में भी सीसीटीवी फुटेज अहम सबूत बनेंगे। पता चला है कि पुलिस कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के संंपंर्क में हैं इनकी गवाही भी ली जा सकती है।

अर्जुन बोला वारदात के मास्टर माइंड एके सिंह-पिंटू भाटिया :

मंगलवार को गोलीकांड में घायल अर्जुनसिंह ठाकुर की तरफ से विजयनगर टीआई को लिखित आवेदन दिया गया, जिसमें एके सिंह और पिंटू भाटिया को मास्टर माइंड बताया गया है। आवेदन में अर्जुन ने बताया कि उसे सुनियोजित षड्यंत्र के तहत एके सिंह, पिंटू भाटिया व अन्य द्वारा चर्चा के लिए सिंडिकेट आफिस बुलाया गया था। आफिस पहुंचने के आधे घंटे बाद एके सिंह, पिंटू भटिया व अन्य अंदर आए और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। चिंटू ठाकुर द्वारा चलाई गई गोली मेरे पेट पर लगी जबकि हेमू ठाकुर व अन्य लोगों द्वारा चलाई गई गोली मेरे साथी मोहित आहूजा के पैर के पास से निकल गई। घटना के प्रत्यक्षदर्शी भी हैं। एकेसिंह और पिंटू ठाकुर बार-बार कह रहे थे कि आज इसे जान से मार डालो। मुझे ज्ञात हुआ कि विजयनगर थाने पर दर्ज प्रकरण में एके सिंग व पिंटू भाटिया को आरोपी नहीं बनाया गया है। अर्जुन ने मामले में पिंटू भाटिया व एके सिंग को भी आरोपी बनाने की मांग की है।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

No stories found.
Top Hindi News Bhopal,Trending, Latest viral news,Breaking News - Raj Express
www.rajexpress.co