होशंगाबाद : तबादले को लेकर स्वास्थ्य विभाग में मची खींचतान
होशंगाबाद : सीएमएचओ कार्यालय। राज एक्सप्रेस, संवाददाता

होशंगाबाद : तबादले को लेकर स्वास्थ्य विभाग में मची खींचतान

प्रभारी मंत्री से बड़ा हो गया सीएमएचओ कार्यालय का बाबू, स्वास्थ्य विभाग में तबादले का गोलमाल जारी है। अधिकारी और बाबू आमने-सामने है, लेकिन भारी मार पकड़ वाला बाबू अधिकारियों पर भारी पड़ रह है।

होशंगाबाद, मध्यप्रदेश। सीएमएचओ कार्यालय का एक बाबू इन दिनों अधिकारियों की गले की फांस बन गया है। सेटिंग की दम पर बाबू ने अपना तबादला दो जगह कर लिया। इतना ही नहीं वह दोनों जगह काम भी कर रहा है। बगैर प्रभारी मंत्री और जनप्रतिनिधि की अनुशंसा के हुए तबादले को लेकर स्वास्थ्य विभाग में खींचतान मची हुई है। अधिकारी और बाबू आमने सामने है, लेकिन भारी मार पकड़ वाला बाबू अधिकारियों पर भारी पड़ रहा है।

जानकारी के मुताबिक सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ लेखापाल पंकज सोनकिया का स्थानांतरण मलेरिया विभाग में होने के बाद भले ही पुराने सीएमएचओ डॉ. दिनेश कौशल का स्थानांतरण हो गया हो, लेकिन इस अब इस मामले की जांच नए सीएमएचओ डॉ. प्रदीप मोजेस करेगें। सूत्रों की मानें तो इस मामले में कलेक्टर धनंजय सिंह को भी स्वास्थ्य विभाग से स्थानांतरण की जानकारी नहीं दी गई थी। दरअसल इस स्थानांतरण में न तो प्रभारी मंत्री का अनुमोदन लिया गया न ही कलेक्टर को सूचना दी गई थी। अब सीएमएचओ के संज्ञान लेने के बाद मामले में कार्रवाई की संभावना है।

यह है मामला :

वर्ष 2019 में प्रभारी मंत्री की अनुशंसा पर पहले ही लेखापाल सोनकिया का स्थानांतरण मलेरिया कार्यालय से सीएमएचओ कार्यालय हुआ था। इसके लिए 28 फरवरी 2019 को सीएमएचओ कार्यालय से विधिवत आदेश जारी हुआ था। इस दौरान कर्मचारी का यूनिक कोड भी सीएमएचओ कार्यालय भेजा गया था। बिना वरिष्ठ अधिकारियों की अनुशंसा के अब दो साल बाद मलेरिया कार्यालय में दोबारा यूनिक कोड भेजने की चर्चा है। नए आदेश के तहत अब सोनकिया मलेरिया के साथ ही सीएमएचओ कार्यालय में भी लेखा संबंधी कामकाज देखेंगे।

पुराने सीएमएचओ ने की थी गलती :

बिना प्रभारी मंत्री की अनुशंसा के स्थानांतरित किए गए यूनिक कोड को अधिकारी सही ठहरा रहे हैं। जबकि 2019 में हुए स्थानांतरण में विभाग की मुखिया की गलती बताई जा रही है। यही कारण है कि अधिकारी भी इस मामले में कुछ नहीं कह रहे हैं। वहीं सीएमएचओ कार्यालय में लेखापाल का यूनिक कोड स्थानांतरित होने से लेखापाल का पद रिक्त नहीं दिख रहा था। यही कारण है कि अधिकारी उक्त कर्मचारी के यूनिक कोड को दोबारा मलेरिया कार्यालय में स्थानांतरित करने पर सीएमएचओ कार्यालय में लेखापाल का पद रिक्त होगा। सूत्रों की मानें तो किसी पुराने लेखापाल के मुख्यालय पर लाने के लिए पूरी कवायद की गई है।

इनका कहना है :

मेरे संज्ञान में मामला आया है। मैं हाल ही पदस्थ हुआ हूं। इस मामले की गंभीरता से जांच करूँगा।

डॉ. प्रदीप मोजेस, सीएमएचओ, होशंगाबाद

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