Bhopal : कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की ऐसी कैसी तैयारी
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की ऐसी कैसी तैयारीNeha Shrivastava - RE

Bhopal : कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की ऐसी कैसी तैयारी

भोपाल, मध्यप्रदेश : पर्याप्त संख्या में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के न होने के बाद भी कोरोना की तीसरी लहर से कैसे निपटा जाएगा और यह पूर्ण तैयारी कैसी है?

हाइलाइट्स :

  • डॉक्टर और पैरामिडिकल स्टाफ के 18,914 पद रिक्त

  • इनमें 4,482 डॉक्टरों के पद भी खाली

भोपाल, मध्यप्रदेश। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में स्वाथ्य्य सेवाएं नकाफी रही, जिसकी वजह से अस्पतालों में हाहाकार मचा और हजारों मौतें हुईं। अब कोरोना की तीसरी लहर के आने को लेकर वैज्ञानिक और केंद्र सरकार चेतवानी दे रही है। चेतवानी के बाद मप्र स्वास्थ्य विभाग ने तीसरी लहर से निपटने के लिए सभी तैयारी करने का दावा किया है, लेकिन प्रदेश में डॉक्टर और पैरामिडिकल स्टाफ के 18,914 पद वर्षों से रिक्त हैं। इनमें 4,482 चिकित्सक और 14,432 संविदा पैरामेडिकल संवर्ग के पद खाली हैं। पर्याप्त संख्या में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के न होने के बाद भी कोरोना की तीसरी लहर से कैसे निपटा जाएगा और यह कैसी पूर्ण तैयारी है?

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं की सबसे अहम डॉक्टरर्स के खली पदों पर सालों से भर्ती नहीं की गई है। इस समय प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में कुल 4,482 नियमित चिकित्सक के पद खली हैं। जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सक के स्वीकृत पद - 3615, पदस्थ- 719 और रिक्त पद - 2,896 हैं। दंत चिकित्सक स्वीकृत पद - 190, पदस्थ- 113, रिक्त पद - 77 हैं। चिकित्सा अधिकारी के स्वीकृत पद - 5099, पदस्थ - 3590, रिक्त पद - 1509 है। इसी प्रकार संविदा पैरामेडिकल, टेकिनिकल, मैनेंजमेंट स्टाफ के कुल 14,432 पद रिक्त हैं, जिसमें नर्स सिस्टर्स, एएनएम समित अन्य कई महत्वपूर्ण पद शामिल हैं।

बोलते आंकड़े : मध्यप्रदेश - 308 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल

  • जनसंख्या - लगभग आठ कारोड़ (2021)

  • शहरी जनसंख्या - 27.96 फीसदी

  • ग्रामीण जनसंख्या - 72.4 फीसदी

मध्यप्रदेश की जनसंख्या का ब्यौरा
मध्यप्रदेश की जनसंख्या का ब्यौराSyed Dabeer Hussain - RE

एक लाख 20 हजार एससी ग्रामीणों पर एक सामुदयिक केंद्र :

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं का ग्रामीण इलाकों में क्या हाल है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया है कि मप्र की कुल अबादी का 72.4 फीसदी लोग गांव में निवास करते हैं और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले एक लाख 20 हजार एससी ग्रामीणों पर सिर्फ एक सामुदयिक केंद्र उपलब्ध है,जबकि 50 हजार आदिवासी आबादी पर एक सामुदयिक केंद्र बनाया गया है। यही नहीं 50 हजार अनुसूचित जाति वर्ग पर एक उपस्वास्थ्य केंद्र, तीन हजार अदिवासी आबादी पर एक उप स्वास्थ्य केंद्र, 20 हजार आदिवासी आबादी पर एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 30 हजार अनुसूचित जाति वर्ग जनसंख्या पर एक प्राथमिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध है।

प्रदेश में सरकारी अस्पताल और बेड :

  • जिला चिकित्सालय -- 51 -- 15450 बेड

  • सविल अस्पताल -- 91 -- 6176 बेड

  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र -- 324 -- 9420 बेड

  • प्राथमिक स्वास्थ्य केेंद्र -- 1207 -- 7242 बेड

  • उप स्वास्थ्य केेंद्र -- 10204 - उपलब्ध नहीं

  • ट्रामा सेंटर -- 51 -- जिला चिकित्सालय में शामिल बेड

प्रदेश में सरकारी अस्पताल और बेड की स्तिथि
प्रदेश में सरकारी अस्पताल और बेड की स्तिथिSyed Dabeer Hussain - RE

वित्तीय वर्ष बजट, खर्च, व्यय प्रतिशत का ब्यौरा : (31 दिसंबर 2020 तक)

  • 2019-20 में 7,61,234.04 लाख का बजट जिसमे 6,72,753,66 लाख खर्च जो कि कुल बजट का 88.38 फीसदी

  • 2020-21 में 7,35,829.33 लाख का बजट जिसमे 4,59,246.66 लाख खर्च जो कि कुल बजट का 62.41 फीसदी

वित्तीय वर्ष बजट, खर्च, व्यय प्रतिशत का ब्यौरा
वित्तीय वर्ष बजट, खर्च, व्यय प्रतिशत का ब्यौराSyed Dabeer Hussain - RE

मप्र में कोरोना संक्रमण का बजट और खर्च :

  • केंद्र सरकार अंश - 55.66 कारोड़ (60 फीसदी)

  • राज्य सरकार अंश - 37.40 कारोड़ (40 फीसदी)

  • आपदा राहत से प्राप्त - 241.41 करोड़

  • केंद्र सरकार से प्राप्त - 210.39 करोड़

  • राज्य शासन से सहायता - 56.73 करोड़

कुल बजट - 601.59 करोड़ - खर्च 600 करोड़ (31/12/2020 तक)

मप्र में कोरोना संक्रमण का बजट और खर्च का ब्यौरा
मप्र में कोरोना संक्रमण का बजट और खर्च का ब्यौराSyed Dabeer Hussain - RE

इनका कहना है :

प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए अच्छी तैयारी की है। डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पद को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ, लेकिन जल्द ही इस पर फैसला हो सकता है। कोरोना काल में कमी के पूर्ति के लिए सभी जिला कलेक्टर्स को संविदा पर स्टाफ रखने के आदेश दिए गए थे।
मोहम्मद सुलेमान, अपर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य विभाग
मप्र सरकार कोरोना संक्रमण को नियत्रंण करने में सफल रही है। दूसरी लहर में समय रहते संक्रमण पर काबू पाया गया और तसरी लहर को लेकर सरकार पूरी तरह सर्तक और तैयार है। जहां तक नियमित डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ के खाली पदों का सवाल है, तो आगामी समय में भर्ती प्रक्रिया होगी। अभी संविदा पर डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ रखा जा रहा है।
डॉ. प्रभुराम चौधरी, लोक स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्री

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