कैसे हटें अवैध कब्जे, बढ़े आमदनी: मंथन करने जुटेंगे प्रदेश भर के वक्फ रक्षक
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कैसे हटें अवैध कब्जे, बढ़े आमदनी: मंथन करने जुटेंगे प्रदेश भर के वक्फ रक्षक

भोपाल, मध्य प्रदेश : अवैध कब्जों को कैसे रोका जाए और वक्फ आमदनी बढ़ाकर जरूरतमंद लोगों तक मदद कैसे की जाए, इस पर चर्चा के लिए प्रदेश भर के वक्फ खैरख्वाह जुटने वाले हैं।

भोपाल, मध्य प्रदेश। तेजी से बढ़ते जा रहे अवैध कब्जे और घटती जा रही वक्फ जायदाद को लेकर फ़िक्र होने लगी है। अवैध कब्जों को कैसे रोका जाए और वक्फ आमदनी बढ़ाकर जरूरतमंद लोगों तक मदद कैसे की जाए, इस पर चर्चा के लिए प्रदेश भर के वक्फ खैरख्वाह जुटने वाले हैं। शनिवार को राजधानी में होने वाली इस कांफ्रेंस में सभी जिला अध्यक्षों और सचिवों को बुलाया गया है।

मप्र वक्फ बोर्ड द्वारा जिला स्तरीय कांफ्रेंस में करीब 38 कमेटियों के जिला अध्यक्षों और सचिवों को बुलाया है। इसके अलावा जिन जिलों में फिलहाल कमेटी मौजूद नहीं हैं, वहां के मुतवल्ली को इस कांफ्रेंस में शामिल होने के लिए कहा गया है। मप्र वक्फ बोर्ड सीईओ जमील खान ने बताया कि कांफ्रेंस में सभी जिलों की जानकारी बुलाई गई है। इसके आधार पर सभी कमेटियों का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा। साथ ही वक्फ को लेकर किए गए बेहतर कामों का प्रेजेंटेशन भी कांफ्रेंस के दौरान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों के विकास की योजना, इनसे आमदनी बढ़ाने पर भी बात की जाएगी। साथ ही जिलों में आने वाली विभिन्न समस्याओं पर भी जिला अध्यक्षों से बात की जाएगी। जमील खान ने बताया कि ये कॉन्फ्रेंस पूरी तरह से जिला कमेटियों के जिम्मेदारियों के लिए एक खुला मंच होगा, जिसमे वे खुलकर अपनी योजना, अपनी उपलब्धियां, काम के दौरान आने वाली समस्याओं पर अपने विचार रख सकेंगे।

पांच साल बाद हो रही बैठक :

प्रदेश भर की जिला कमेटियों से बात करने का कोई आयोजन करीब पांच साल बाद हो पा रहा है। इससे पहले तत्कालीन अध्यक्ष शौकत मोहम्मद खान के कार्यकाल में ऐसी बैठक हुई थी। जिसके बाद बोर्ड में पदाधिकारियों की गैरमौजूदगी के चलते ये बैठक नहीं हो पाई थी। पांच साल पहले की बैठक और शनिवार को होने वाली बैठक में अंतर ये है कि उस समय की बैठक पूरी तरह राजनैतिक रंग में रंगी थी, जबकि इस बार की कांफ्रेंस प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में होगी। गौरतलब है कि इस समय वक्फ बोर्ड की कमान प्रशासक दिलीप कुमार यादव और सीईओ जमील खान के हाथों में है। यादव के पास भोपाल एडीएम और जमील खान के पास शहर एसडीएम का प्रभार है और दोनों अधिकारी प्रभारी के तौर पर वक्फ बोर्ड में सेवाएं दे रहे हैं।

बड़े एजेंडे पर संक्षिप्त चर्चा :

जानकारी के मुताबिक मप्र वक्फ बोर्ड ने शनिवार की कांफ्रेंस के लिए लंबा एजेंडा तैयार किया है। जिसपर बिंदुवार चर्चा के लिए सभी जिलों के प्रतिनिधियों को मौका दिया जाएगा। प्रदेश की कुछ सक्सेस स्टोरी का एक प्रेंस्टेशन राजगढ़ से आए मुतवल्ली एहतेशाम सिद्दीकी और उनके साथी साकिब खान ने तैयार किया है।

विघ्न संतोषी भी सक्रिय :

इधर मप्र वक्फ बोर्ड के विघ्न संतोषी लोग भी इस कांफ्रेंस की कमियां निकालने में जुट गए हैं। वे कार्यक्रम तय होने के साथ से ही इसमें बुलाए जाने वाले लोगों, कांफ्रेंस के एजेंडा आदि को लेकर तरह तरह की बातें सोशल मीडिया पर फैलाने में लगे हुए हैं।

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