पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह|Social Media
मध्य प्रदेश

मुझे कभी उम्मीद नहीं थी कि महाराज कांग्रेस को धोखा देंगे: सिंह

मध्यप्रदेश की सियासत पर दिग्विजय का सिंधिया को तंज। कहा, मैंने कभी यह उम्मीद नहीं की थी कि महाराज कांग्रेस और गांधी परिवार को धोखा देंगे।

Aditya Shrivastava

राज एक्सप्रेस। कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने पर मध्यप्रदेश में राजनीतिक घटना क्रम जारी है। जिसके बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मैंने कभी यह उम्मीद नहीं की थी कि महाराज (क्षमा करें, क्योंकि मैं खुद एक रियासती पृष्ठभूमि से आता हूं, मैं उन्हें ज्योतिरादित्य कह कर संबोधित नहीं कर सकता) कांग्रेस और गांधी परिवार को धोखा देंगे और किसके लिए! राज्यसभा और कैबिनेट मंत्री बनने मोदी-शाह के नेतृत्व में? दुःखद है कभी भी उनसे यह उम्मीद नहीं करता था।

लेकिन फिर कुछ लोगों के लिए पॉवर ऑफ हंगर (सत्ता की भूख), विश्वसनीयता और विचारधारा जो एक स्वस्थ लोकतंत्र का सार है से अधिक महत्वपूर्ण है। मैं संघ और भाजपा से बिलकुल सहमत नहीं हूँ लेकिन उनकी विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की प्रशंसा करता हूँ।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि, मैं सत्ता से बाहर रहा और कांग्रेस पार्टी के लिए 2004 से 2014 तक काम किया। इस तथ्य के बावजूद कि मुझे मंत्रिमंडल में शामिल होने और राज्यसभा में जाने की पेशकश की गई थी लेकिन मैंने विनम्रता से मना कर दिया। मैं अपने गृह क्षेत्र राजगढ़ से आसानी से लोकसभा में आ सकता था लेकिन मैंने मना कर दिया और कांग्रेस उम्मीदवार को जीत मिली। क्यों? क्योंकि मेरे लिए विश्वसनीयता और विचारधारा अधिक महत्वपूर्ण है जो दुर्भाग्य से भारतीय राजनीतिक परिदृश्य से गायब हो गई है।

दिग्विजय सिंह ने बताया कि, राजमाता विजया राजे सिंधिया जी, जिनके लिए मेरे मन में अभी भी बहुत सम्मान है। वह चाहती थीं कि मैं 1970 में जनसंघ में शामिल हो जाऊं, जब मैं राघौगढ़ नगर पालिका का अध्यक्ष था, लेकिन मैंने विनम्रता से मना कर दिया जब मैंने गुरु गोलवलकर की किताब "बंच ऑफ थॉट्स" को पढ़ा और आरएसएस के नेताओं से बातचीत की। मेरे लिए मेरा धर्म सनातन धर्म है और सार्वभौम भाईचारे में मेरा विश्वास है। मेरे लिए मेरा धर्म मानवतावाद "इन्सानियत" है जो हिंदुत्व के बिल्कुल विपरीत है।

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