नशामुक्ति अभियान से लोकप्रिय लोगों को जोड़ा जाए : शिवराज
नशामुक्ति अभियान से लोकप्रिय लोगों को जोड़ा जाए: शिवराजSocial Media

नशामुक्ति अभियान से लोकप्रिय लोगों को जोड़ा जाए : शिवराज

भोपाल, मध्य प्रदेश : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि नशामुक्ति के लिए व्यापक जनजागृति अभियान चलाया जाए। इस अभियान में समाजसेवियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों का सक्रिय सहयोग लिया जाए।

भोपाल, मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नशामुक्ति के लिए व्यापक जनजागृति अभियान चलाया जाए। इस अभियान में समाजसेवियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों का सक्रिय सहयोग लिया जाए। श्री चौहान गुरुवार को सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में पशुपालन, सामाजिक कल्याण एवं नि:शक्तजन कल्याण मंत्री प्रेम सिंह पटेल, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव वित्त मनोज गोविल, प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण प्रतीक हजेला, संचालक स्वतंत्र सिंह मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब स्कूल-कॉलेज प्रारंभ हो जाएं तब वहां नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाया जाए। डाक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण कर उसे व्यापक स्तर पर प्रदर्शित किया जाए। इस अभियान में देश और प्रदेश के लोकप्रिय व्यक्तियों को भी जोड़ा जाए।

दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों को सशक्त बनाया जाए :

श्री चौहान ने निर्देश दिए कि जिला-स्तर पर संचालित हो रहे दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों को सशक्त बनाया जाए। उनकी पहचान स्थापित हो। संभागीय स्तर पर ये केंद्र सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किए जाएं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगो और वरिष्ठजनों के लिए प्रदेश के 10 संभागीय मुख्यालयों के जिला चिकित्सालयों में फिजियोथेरेपी सेंटर्स विकसित किए जाएं। उन्होंने कहा कि वृद्धों और दिव्यांगों के लिए संचालित हो रहे सभी केंद्रों में समाजसेवी संस्थाओं और व्यक्तियों का सक्रिय सहयोग लिया जाए। समाज के महत्वपूर्ण व्यक्ति वृद्धाश्रम जाकर शादी की वर्षगांठ, जन्मदिन मनाने जैसे कार्यक्रम करें। ऐसे आयोजनों के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए।

निजी क्षेत्रों में दिव्यांगों को रोजगार दिलाएं :

मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण मंत्री श्री पटेल के प्रस्तावों पर सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि निजी क्षेत्रों में दिव्यांगों को रोजगार दिलाने के प्रयास किए जाएं। दिव्यांग बेरोजगारों को प्रशिक्षण देकर रोजगार में स्थापित किया जाए। दिव्यांगों द्वारा निर्मित सामग्रियों के विक्रय के लिए स्थान और अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास हों।

दिव्यांगजनों के लिए बनाए गए 5.45 लाख यूडीआईडी कार्ड :

बैठक में बताया गया कि दिव्यांगजनों के लिए प्रदेश में 5 लाख 45 हजार यूडीआईडी कार्ड बनाए गए हैं। इस कार्य में प्रदेश का देश में द्वितीय स्थान है। सभी जिलों में दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों को कोरोना से बचने के उपायों की जानकारी ब्रेल लिपि में उपलब्ध कराई गई है। स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से कोरोना काल में सभी 76 वृद्धाश्रमों का निरंतर संचालन किया गया। सभी आवासीय वृद्धजन कोरोना संक्रमण से मुक्त रहे। हेल्पऐज इंडिया के साथ अनुबंध किया गया है जिसके अंतर्गत एक जनवरी 2021 से वृद्धजनों के लिए राज्य स्तरीय विशेष हेल्पलाईन का आरंभ की जायेगी। इसके माध्यम से वृद्धजनों द्वारा दूरभाष पर सूचना देने पर पैथालॉजी जांच तथा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। लॉकडाउन से उत्पन्न होने वाली कठिनाइयों का बेहतर ढंग से सामना करने के लिए सात अप्रैल 2020 को दो माह जिसमें एक माह की अग्रिम पेंशन शामिल है, प्रदान की गयी। 46 लाख 86 हजार हितग्राहियों को 562 करोड़ रुपए प्रदान किए गए। कोरोना काल में दिव्यांगजनों और वरिष्ठजनों के लिए राज्य स्तरीय हेल्प लाइन का संचालन कर मध्यप्रदेश तथा अन्य राज्यों में जरूरतमंद व्यक्तियों को सहायता उपलब्ध करायी गयी।

दिव्यांगजनों और वरिष्ठजनों के लिए मोबाइल एप विकसित :

दिव्यांगजनों और वरिष्ठजनों के लिए मोबाइल एप विकसित कर उपलब्ध कराया जाएगा जिससे उन्हें महत्वपूर्ण सेवाएं मिलेंगी। भोपाल में पेड ओल्ड ऐजहोम भवन निर्माणाधीन है जिसे समय-सीमा में पूरा किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 50 सीटर नौ वृद्धाश्रम भवनों का निर्माण चल रहा है जिन्हें शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। भोपाल के 47 तथा इंदौर के 50 शासकीय भवनों में दिव्यांगजनों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बैठक में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के अंतर्गत कार्ययोजना की जानकारी भी दी गई।

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