जीडीए की नोटिफाईड जमीन पर काटी अवैध कॉलोनी, कार्यवाही निगम पर टाली
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जीडीए की नोटिफाईड जमीन पर काटी अवैध कॉलोनी, कार्यवाही निगम पर टाली

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : शिवपुरी लिंक रोड पर ग्वालियर विकास प्राधीकरण (जीडीए) द्वारा महादजी नगर आवासीय कॉलोनी की नोटिफाईड जमीन पर सात अवैध कॉलोनी बसाई जा रही है।

हाइलाइट्स :

  • परेशानी से बचने जीडीए अधिकारियों ने नगर निगम को लिखा पत्र।

  • नियमानुसार कलेक्टर को पत्र लिखकर करनी थी कार्यवाही की मांग।

  • कॉलोनाईजरों से संबंध निभाने जीडीए अधिकारी कर रहे खाना पूर्ति।

  • शिवपुरी लिंक रोड पर जीडीए की महादजी नगर के पीछ हुआ है अवैध निर्माण।

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। शिवपुरी लिंक रोड पर ग्वालियर विकास प्राधीकरण (जीडीए) द्वारा महादजी नगर आवासीय कॉलोनी की नोटिफाईड जमीन पर सात अवैध कॉलोनी बसाई जा रही है। भू माफियाओं ने जमीन बेच दी है और लोग मकानों का निर्माण कर रहे हैं। पानी एवं सीवर के लिए प्राधिकरण की लाईनों से कनेक्शन लिया जा रहा है। कॉलोनी की जमीन बेचने वालों के खिलाफ कार्यवाही के लिए जीडीए द्वारा नगर निगम को पत्र लिखा गया है। जबकि यह पत्र कलेक्टर को लिखा जाता तो जल्दी कार्यवाही होती। नगर निगम अधिकारियों ने भी नोटिस देकर खानापूर्ति कर दी है। सूत्रों के अनुसार कार्यवाही कोई करना नहीं चाहता सिर्फ दिखावे के लिए यह पत्राचार किया गया है ताकि शिकायत होने पर कार्यवाही से बचा जा सके।

दरअसल ग्वालियर के आसपास चार सैकड़ा से अधिक नई अवैध कॉलोनियां बस रही हैं। इस संबंध में कई बार शिकायत की गई लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रैंगी। उल्टा शिकायतों को आधार पर अधिकारियों ने कॉलोनाईजरों से मोटा माल ऐंठ लिया। ऐसा नहीं है कि यह मामला कलेक्टर, नगर निगम, जीडीए या टीएनसीपी की जानकारी में न हो लेकिन सब अपना निजी हित साधने के लिए खाना पूर्ति करने में जुटे हैं। ताजा मामला शिवपुरी लिंक रोड पर ग्वालियर विकास प्राधिकरण द्वारा बसाई गई महादजी नगर कॉलोनी का है। इस कॉलोनी के लिए ग्वालियर विकास प्राधिकरण द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करके सीवर एवं पानी की लाईनें डाली गई। साथ नई बसाहट के लिए कॉलोनी के पीछे जमीन नोटिफाईड कर दी। जमीन के नोटिफाईड होने के बाद यहां प्राईवेट कॉलोनी नहीं बसाई जा सकती। लेकिन सात अवैध कॉलोनी के नाम पर यहां प्लॉट काटकर बेचे जा रहे हैं। कई लोगों ने मकान बनाकर रहना भी शुरू कर दिया है। यह मामला एक साल से चल रहा है लेकिन अब तक जीडीए ने अवैध कॉलोनी काटने वालों पर कार्यवाही नहीं की। सिर्फ खाना पूर्ति के लिए एक पत्र नगर निगम को लिखा है जिसमें अवैध कॉलोनाईजरों द्वारा जीडीए की सीवर एवं पानी की लाईनों का इस्तेमाल करने का उल्लेख है। जीडीए ने नगर निगम से कार्यवाही की मांग की है।

बंदूक लेकर बैठे रहते हैं भू माफिया :

जीडीए का पत्र मिलने के बाद नगर निगम के संबंधित अधिकारी नोटिस चस्पा करने के लिए अवैध कॉलोनियों में पहुंचे थे। लेकिन यहां डेढ़ दर्जन से अधिक लोग बंदूके लेकर बैठे थे। इससे अधिकारियों की हिम्म्त नहीं हुई और दोनो लोग वापस लौट आए। अगर जीडीए द्वारा कलेक्टर को पत्र लिखकर कार्यवाही की मांग की जाती तो अब तक अवैध कॉलोनियों पर कार्यवाही हो चुकी होती। क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी...

इन सर्वे नबंरों पर काटी गई है कॉलोनी :

  • संस्कृत बिल्डर एण्ड कॉलोनाईजर, गिरीश शर्मा पुत्र ओमप्रकाश, सर्वे क्रमांक 218 मिन 3, 219/1, 219/2, 220/2, 219/3, 220/1

  • लोक मान्य गृह निर्माण समिति एवं सुदर्शन रियल स्टेट, अंनत कुमार शुक्ला, हेमंत गुप्ता, सर्वे क्रमांक 223/1,229/1, 230,332/2

  • धर्मेन्द्र, जितेन्द्र पुत्र मोहर सिंह यादव एवं अन्य, वीरेन्द्र कुमार, सर्वे क्रमांक 264 मिन 1, 266 मिन 2, 267,268, 271 मिन 1, 271, 264 मिन 1, 266 मिन 2, 267 मिन 2, 268, 271 मिन 1, 271

  • आनंद अग्रवाल, पुत्र रामबाबू अग्रवाल, सर्वे क्रमांक 227 मिन 1, 228 मिन 1, 229/2, 226/3, 227/1

  • प्रीतम सिंह, गिर्राज सिंह, सर्वे क्रमांक 226 मिन 2, 227 मिन 1,229 मिन 1

  • देव ग्रह निर्माण सहकारी समिति, अविनीश दीक्षित पुत्र मुन्नीलाल दीक्षित, सर्वे क्रमांक 239 मिन 2, 249, 250, 251, 252

  • प्रकाश सिंह मुरली सिंह, नवल सिंह, कमल सिंह, धर्मेन्द्र यादव आदि, सर्वे क्रमांक 269/1, 269/2, 270/1270/2

क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी :

यह मामला मेरी जानकारी में नहीं है। अगर जीडीए की जमीन पर अवैध कॉलोनी काटी गई है तो यह गलत है। इस मामले में सख्त से सख्त क्या कार्यवाही की जा सकती है इस बारे में अधिकारियों से चर्चा कर एक्शन लेंगे।

आशीष सक्सैना, संभागायुक्त एवं अध्यक्ष जीडीए

हमें जीडीए का पत्र मिल गया है और हमने अवैध कॉलोनी काटने वालो को नोटिस जारी किए हैं। उन्हें जबाव देने के लिए एक माह का समय दिया गया है। जहां तक एफआईआर कराने की बात है तो निगम एक्ट के तहत एफआईआर कराई जा सकती है। इस संबंध में आप निगमायुक्त से चर्चा करें।

बीके शर्मा, सीईओ, टाउन एण्ड कन्ट्री प्लानिंग

शिवपुरी लिंक रोड पर हमारी नोटिफाईड जमीन पर सात अवैध कॉलोनियों में प्लॉट बेचे जा रहे हैं। लोगों ने यहां निर्माण भी शुरू कर दिए हैं और जीडीए द्वारा जो सीवर एवं पानी की लाईन डाली गई है उसमें से कनेक्शन लिया जा रहा है। चूंकि जीडीए को सीधे कार्यवाही के अधिकार नहीं है इसलिए टाउन एण्ड कन्ट्री प्लानिंग एवं नगर निगम को पत्र लिखा है। नगर निगम ने अब तक कोई कार्यवाही नहीं की।

केके गौर, सीईओ, ग्वालियर विकास प्राधिकरण

जीडीए की नोटिफाईड जमीन पर अगर अवैध कॉलोनी काटी गई है तो यह बेहद गंभीर मामला है। मैं कल ही इस मामले में कार्यवाही के लिए सिटी प्लानर को निर्देशित करता हूं। जिन लोगों ने भी नोटिफाईड जमीन काटकर प्लॉट बेचे हैं उन्हें बख्शा नहीं जायेगा।

शिवम वर्मा, निगमायुक्त

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