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रेत का अवैध उत्खनन
रेत का अवैध उत्खनन|Social Media
मध्य प्रदेश

छतरपुर: रेत माफियाओं ने डंप के लिए खोद डाला मुरम का पहाड़

हरपालपुर, छतरपुर: प्रदेश सरकार की द्वारा किये गए कई कोशिशों के बावजूद हरपालपुर जिले में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। यह खनिज और खाकी की मिली भगत द्वारा किया जा रहा है।

Pankaj Yadav

राज एक्सप्रेस। प्रदेश सरकार की तमाम सख्ती के बाद भी जिले में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। थाना क्षेत्र में रात के अंधरे में सीमा से सटे उप्र के थाना क्षेत्रों में रेत का अवैध परिवहन बदस्तूर जारी है। खनिज और खाकी की मिलीभगत से रेत माफियाओं द्वारा यह कार्य किया जा रहा है।

जेसीबी मशीन के द्वारा भेजी जा रही है :

जानकारी के मुताबिक, थाना क्षेत्र के ग्राम काकुनपुरा में रेत का अवैध डंप संचालित हो रहा है। रेत माफिया बिना खनिज विभाग की स्वीकृति के डंप का संचालन कर रहे हैं। माफिया उत्तर प्रदेश के महोबकंठ थाने में पैसे देकर उप्र के काशीपुरा गांव से ट्रैक्टरों द्वारा रेत काकुनपुरा में डंप कर रहे हैं। यहीं से रात के समय जेसीबी मशीन द्वारा यह रेत ट्रकों में भरकर फर्जी पिटपास के सहारे उत्तर प्रदेश के कानपुर और लखनऊ भेजी जा रही है। रेत माफियों ने काकुनपुरा के एक किसान का खेत रेत डंप के लिये 60 हजार रुपए में एक साल के लिये किराये पर लिया हुआ है।

नहीं हो रही है कार्यवाही :

रेत के अवैध भंडारण और परिवहन की जानकारी पुलिस को होने बाद भी कार्यवाही न होना लोगों के मन में तरह-तरह के सवाल खड़ी कर रहा है। बीती रात 11 बजे थाना पुलिस को काकुनपुरा में मुरम के अवैध उत्खनन की सूचना दी गई, लेकिन थाना पुलिस कार्यवाही के लिये पहुंचती उससे पहले ही माफियाओं को जानकारी लग गई और वे जेसीबी मशीन तथा ट्रैक्टर ले कर यूपी की सीमा में भाग गये।

रात भर अंधी रफ्तार से दौड़ते हैं रेत के ट्रैक्टर:

प्रशासन की नाकामी के चलते एक बार फिर से थाना क्षेत्र में रेत का कारोबार होने लगा है। शाम ढलते ही रेत का अवैध परिवहन शुरू हो जाता है। अलीपुरा, करारगंज, कुकरेल और सौंरा से बालू के ट्रैक्टर अंधी रफ्तार से हरपालपुर की ओर भागते हैं। जिससे हमेशा दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। ये तेज रफ्तार ट्रैक्टर खुलेआम थाने के सामने से गुजरते हैं। रेत के अवैध परिवहन का यह सिलसिला सुबह 5 बजे तक घड़ल्ले से चलता है। कार्यवाही से बचने एवं अधिकारियों की लोकेशन लेने के लिये रेत का कारोबार करने वाले ये लोग बाकायदा थाना गेट के बाहर खड़े हो कर ट्रैक्टरों को निकलवाते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख के भीतर व्यक्त की गई राय लेखक की निजी राय है। लेख में दिखाई देने वाले तथ्य और राय राज एक्सप्रेस के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं और राज एक्सप्रेस किसी भी जिम्मेदारी या दायित्व को स्वीकार नहीं करता है।