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रेत का कारोबार करने वाले माफियाओं के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं
रेत का कारोबार करने वाले माफियाओं के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं|Social Media
मध्य प्रदेश

लालबर्रा: नदियों को खोखला कर, रेत माफिया हो रहे हैं मालामाल

लालबर्रा, मध्य प्रदेश: नगर मुख्यालय में इन दिनों रेत का अवैध कारोबार अपने पूरे शबाब पर है, वहीं रेत का कारोबार करने वाले माफियाओं के हौसले दिनों दिन बुलंद होते जा रहे हैं।

Sudha Choubey

Sudha Choubey

राज एक्सप्रेस। नगर मुख्यालय में इन दिनों रेत का अवैध कारोबार अपने पूरे शबाब पर है, रेत का कारोबार करने वाले माफियाओं के हौसले दिनों दिन बुलंद होते जा रहे हैं इन माफियाओं को किसी भी अधिकारी का डर नहीं है। बिना किसी भय के माफिया अपने कामों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे माफियाओं की दिन दुगुनी और रात चौगुनी कमाई हो रही है , धड़ल्ले से नदियों से रेत निकाल कर शहर में लाकर महंगे दामों में बेचकर मालामाल हो रहे हैं।

यह माफिया अपराधी प्रवृत्ति के लोग हैं साथ ही माफिया लोग अपने काम को अंजाम देने के लिए गांव के सीधे-साधे लोगों को 100 से 200 का लालच देकर खुद लाखों में खेल रहे हैं और कई बार तो ग्रामीणों के मना करने पर माफियाओं के द्वारा ग्रामीणों को डराया धमकाया भी जाता है और गांव के सीधे-साधे लोग इनकी दहशत में आ जाते हैं, इन माफियाओं के द्वारा रात के 2:00 बजे के बाद और सुबह 5:00 बजे तक प्रतिदिन खनन का कार्य किया जाता है और माफियाओं के द्वारा निकाली गई रेत को उनके सुरक्षित स्थान पर ले जाकर बाद में महंगे दामों में दूसरे जिलों में बेचा जाता है।

खनन से घट रहा नदियों का जलस्तर :

विदित हो कि माफियाओं द्वारा लगातार खनन किया जा रहा है, जिससे नदियों का जल का स्तर कम होते जा रहा है, जिससे पक्षियों व जानवरों पर ज्यादा असर पड़ता नजर आ रहा है वहीं पक्षियों के जीवन पर खतरा मंडराता नजर आ रहा है साथ ही मूक जानवरों का जीवन भी अंधकार की ओर जाता हुआ नजर आ रहा है, क्योंकि अधिकतर जानवर अपना समय नदियों में ही बिताते हैं और नदी में जाकर अपनी प्यास बुझाते हैं, साथ ही अधिकतर किसान जानवरों पर ही निर्भर रहते हैं सभी का फर्ज हैं कि, लगातार हो रहे खनन पर रोक लगाने के लिए सभी को आगे आना चाहिए तथा ग्राम के चुने हुए जनप्रतिनिधि सरपंच, उप सरपंच व पंच को आगे आकर खनन पर रोक लगाना चाहिए।

खनन से घट रहा नदियों का जलस्तर
खनन से घट रहा नदियों का जलस्तर
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प्रशासनिक अधिकारियों पर संरक्षण का लग रहा आरोप :

गौरतलब है कि, इन दिनों लगातार माफियाओं के द्वारा जो खनन किया जा रहा है और माफियाओं पर अंकुश नहीं लगने की वजह से नगर मुख्यालय के प्रशासनिक अमले पर संरक्षण का आरोप लग रहा है। जानकार बताते हैं कि, माफियाओं के तार ऊपर तक जुड़े हुए हैं और माफियाओं ने स्थानीय प्रशासन को सेट कर लिया है, इसी वजह से माफियाओं के वाहन नगर मुख्यालय के सड़कों पर बिना किसी डर के सरपट दौड़ते हुए नजर आते हुए सभी को दिखलाई पड़ते हैं, जिससे प्रशासनिक अधिकारियों पर लगातार संरक्षण का आरोप तो लग ही रहा है साथ ही सीमेंट कि जो रोड है उस रोड की गिट्टी भी निकलती हुई नजर आ रही है, जिससे सड़कों में गड्ढे भी होते जा रहे हैं, साथ ही दुर्घटना का अंदेशा भी आए दिन बना रहता है। यदि समय रहते प्रशासन नहीं जागा तो वह दिन दूर नहीं रहेगा, जब कोई बड़ी घटना घट जाएगी। इसका जिम्मेदार यहां का प्रशासन ही रहेगा जो अभी कुंभकरण की नींद सोया हुआ है।

इन स्थानों पर होता है रेत का अवैध उत्खनन :

ज्ञात हो कि, माफियाओं के द्वारा जो नदियों से खनन का कार्य किया जाता है, उसमें प्रमुख रूप से ग्राम पंचायत ददिया के अंतर्गत आने वाला आमा टोला के घाट में अक्सर खनन का कार्य तेजी से चल रहा है, जिसकी जानकारी यहां के स्थानीय प्रशासन को भी है साथ सराठी नदी में तहसील कार्यालय के पीछे, खारी घाट, पिपरिया घाट व अन्य सभी घाटों पर लगातार माफियाओं के द्वारा खनन का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

"जब हमारे द्वारा इस संबंध में चर्चा की गई तो उनके द्वारा बताया गया हमारे द्वारा लगातार टीम बनाकर नदियों में जाकर कार्यवाही की जा रही है, निश्चित ही आगामी दिनों में टीम के साथ जहां खनन चल रहा है। वहां पर जाकर कार्रवाई की जाएगी उन पर अंकुश लगाने के प्रयास किए जाएंगे।"

इंद्रसेन तुमराली तहसीलदार लालबर्रा

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