हादसों का असर : ग्राहकों ने बनाई ई-वाहनों से दूरी, बिक्री पर हो रहा असर
ग्राहकों ने बनाई ई-वाहनों से दूरीसांकेतिक छत्र

हादसों का असर : ग्राहकों ने बनाई ई-वाहनों से दूरी, बिक्री पर हो रहा असर

भोपाल, मध्यप्रदेश : ध्वनि और वायु प्रदूषण रहित वाहनों के तौर पर लोकप्रिय हो रहे ई-वाहनों की बिक्री पर पिछले दिनों लगातार हुई दुर्घटनाओं ने असर डाला है।

भोपाल, मध्यप्रदेश। ध्वनि और वायु प्रदूषण रहित वाहनों के तौर पर लोकप्रिय हो रहे ई-वाहनों की बिक्री पर पिछले दिनों लगातार हुई दुर्घटनाओं ने असर डाला है। सबसे बड़ा सवाल इनके सुरक्षित होने को लेकर खड़ा हुआ है। जिसने आम ग्राहकों के मन में डर और आंशका पैदा कर दी है। देश के कुछ शहरों के साथ ही राजधानी भोपाल में भी ई-स्कूटर में चार्जिंग के दौरान आग लगने की घटना के बाद से ग्राहक फिलहाल ई-वाहनों की खरीदी से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं, वहीं कई लोग जो ई-वाहन को अच्छे विकल्प के तौर पर देख रहे थे, उन्होंने ने भी फिलहाल ई- स्कूटर या मोपेड खरीदने की योजना टाल दी है। दरअसल पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार इजाफे के चलते, कई लोग ई-स्कूटर और कारों को अच्छे विकल्प के तौर पर देख रहे थे, आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल शहर में करीब डेढ़ से दो हजार ई-व्हीकल चल रहे हैं, इन वाहनों पर सरकार की तरफ से सब्सिडी और अन्य रियायतें भी दी जा रहीं हैं, इसलिये भी लोग इन्हें पंसद कर रहे थे, लेकिन पिछले दिनों देश के कुछ शहरों में ई-स्कूटर में अचानक आग लगने की घटनाएं हुईं वहीं पिछले सप्ताह राजधानी भोपाल में ही एक ई-स्कूटर चार्जिंग के दौरान धमाके के साथ आग की लपटों से घिर गया था। इन मामलों के सामने आने के बाद अब ई-स्कूटर को लेकर कई लोग डरे नजर आ रहे हैं। हालांकि सरकार ने इसकी जांच के लिए कमेटी भी बनाई है। लेकिन इस बीच इन घटनाओं का असर ई-वाहनों की बिक्री पर भी देखने को मिल रहा है। अप्रैल में इनकी बिक्री का ग्राफ ठीक था, कई लोग ई-वाहनों की जानकारी लेने भी पहुंच रहे थे, लेकिन इन घटनाओं के बाद बिक्री पर खासा असर पड़ा है। साथ ही ई-वाहनों के संबध में पूछताछ करने वालों की संख्या भी घट गई है।

अभी ये समस्याएं भी हैं :

ताजा घटनाओं के बाद ई-वाहनों की सुरक्षा पर तो सवाल उठे ही हैं, साथ ही शहर में इन वाहनों के लिए अभी चार्जिंग स्टेशनों की भी भारी कमी है। कुछ निजी सेंटर महंगे दामों पर चार्जिंग करते हैं, तो वहीं कई लोग घरों पर वाहन चार्ज कर रहे हैं। दूसरे अभी इनकी कीमत भी पेट्रोल वाहनों के मुकाबले ज्यादा है। इस वजह से भी ई-वाहन आम लोगों की पहुंच से दूर बने हुए हैं।

कई लोगों ने बदला मन :

राजधानी निवासी देवेश कहते हैं, पेट्रोल महंगा हो रहा था, तो सोचा ई-स्कूटर ही ले लें, लेकिन जिस तरह से इनको लेकर घटनाएं सामने आ रहीं हैं, उसके बाद फिलहाल प्लान चैंज कर दिया है। एक अन्य ग्राहक जगजीत सिंह कहते हैं, पहले ई-स्कूटर लेने का प्लान था, लेकिन अभी होल्ड कर दिया है, क्योंकि सेफ्टी को लेकर आशंका है। इसी तरह से अन्य कई लोग हैं, जो ई-वाहन लेने का मन बना रहे थे, उन्होंने फिलहाल अपनी योजना को टाल दिया है।

सभी स्कूटर खतरनाक नहीं हैं :

करोबार से जुड़े लोग कहते हैं, दरअसल बाजार में कई कंपनियों के ई-स्कूटर और मोपेड आ रहे हैं। इनमें से कुछ कंपनियां गाड़ी की केपिसिटी बढ़ाने के लिए बैट्री के साथ ज्यादा सेल का इस्तेमाल कर रहीं हैं, इसी वजह से आग लगने की घटनाएं हुई हैं, लेकिन सभी कंपनियों के स्कूटर खतरनाक नहीं हैं। बड़ी कंपनियां सेफ्टी का ख्याल रख रहीं हैं। ग्राहक भी वाहन लेते समय खासतौर पर उसकी बैटरी से जुड़ी पूरी तकनीकी जानकारी शोरूम से लें। हालांकि कारोबारियों का मानना है, कि इन घटनाओं से ई-स्कूटर के बाजार पर असर तो पड़ा है।

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