अनुशासन भाजपा में है, कांग्रेस में नहीं : ज्योतिरादित्य सिंधिया
राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया से राज-एक्सप्रेस की खास बातचीतSocial Media

अनुशासन भाजपा में है, कांग्रेस में नहीं : ज्योतिरादित्य सिंधिया

सिंधिया का साफ मानना है अनुशासन भाजपा में है, कांग्रेस में नहीं, वहीं कोविड को लेकर वे मानते हैं कि राज्य सरकार ने स्थिति को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया।

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश और देश की राजनीति में चर्चित चेहरा हैं राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया। मप्र में 15 वर्षों के बाद वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी, लेकिन यह सरकार अपेक्षाओं के बोझ और लगातार बढ़ते असंतोष के चलते अपने आप ही धराशायी हो गई। तत्कालीन कांग्रेस सरकार बनाने में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने निर्णायक भूमिका निभाई थी, लेकिन सरकार बनने के बाद उन्हें दरकिनार करने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह सरकार के पतन तक चलता रहा। आखिरकार आत्मसम्मान की लड़ाई में सिंधिया ने निर्णायक मोर्चा खोला। नतीजा यह रहा कि कमलनाथ सरकार को इस्तीफा देना पड़ा और फिर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने में सिंधिया को बड़ा शिल्पकार माना जाता है। अब सिंधिया भाजपा में रच-बस गए हैं।

केंद्रीय मंत्रिमंडल में आने वाले दिनों में फेरबदल होना है। ज्योतिरादित्य सिंधिया का केंद्रीय मंत्री बनना तय माना जा रहा है। सिंधिया से प्रदेश के राजनीतिक हालात और कोविड -19 के दौर की चुनौतियों सहित अन्य मुद्दों को लेकर दिल्ली प्रवास के दौरान सिंधिया के निवास पर राज एक्सप्रेस गु्रप के वाइस प्रेसीडेंट संजय दुबे ने उनसे सौजन्य मुलाकात की और विभिन्न विषयों पर चर्चा की। सिंधिया का साफ मानना है अनुशासन भाजपा में है, कांग्रेस में नहीं, वहीं कोविड को लेकर वे मानते हैं कि राज्य सरकार ने स्थिति को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया। वे कहते हैं कि अब सरकार का फोकस रोजगार उपलब्ध कराना है। सिंधिया के मुताबिक उन्होंने भी कोविड के बाद प्रदेश के विकास के लिए कार्ययोजना बनाई है। सिंधिया से हुई चर्चा के मुख्य अंश...।

Q

मप्र में कोविड -19 की स्थिति पर आप क्या कहना चाहेंगे?

A

मध्यप्रदेश में अब कोविड -19 की स्थिति पूरी तरह नियंत्रित हो चुकी है। सरकार ने पूरी जीवटता और तत्परता से स्थिति को संभालने का हरसंभव प्रयास किया। मैंने स्वयं शिवपुरी, मुरैना, ग्वालियर सहित अन्य जगहों का दौरा किया। ऑक्सीजन, दवाई और कोविड सेंटर सहित अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध कराईं। मैं स्वयं 1500 मरीजों से मिला।

Q

कोविड काल में कई परिवार अनाथ हो गए, आप क्या कहना चाहेंगे?

A

राज्य सरकार ने पीड़ित परिजनों की सहायता के लिए कई तरह की घोषणाएं की है। कोविड में मृत्यु पर शासकीय सेवकों के परिजनों को शासकीय नौकरी देने का प्रावधान है। इसके अलावा बाकी को मुफ्त शिक्षा, प्रतिमाह आर्थिक सहायता सहित अन्य सुविधाओं की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मैं कई जिलों का दौरा कर चुका हूं। इस दौरान कई पीड़ित परिजनों से मिल चुका हूं। उनकी समस्या का समाधान करने का प्रयास करता हूं।

Q

आपने राजनीतिक कैरियर कांग्रेस से शुरू किया और अब भाजपा में हैं, जो कि विपरीत विचारधारा वाली पार्टी है। आपने अपने आपको कैसे एडजस्ट किया?

A

हां, यह सही है कि दोनों ही दलों के विचारधारा में बहुत फर्क है। भाजपा में अनुशासन है, जो कि कांग्रेस में नहीं दिखता। मैं संघ में भी गया हूं। वहां वक्ता जो बोलते हैं, वह पूरी तैयारी के साथ बोलते हैं। जहां तक एडजस्ट होने का सवाल है तो आदमी को परिस्थितियों के हिसाब से ढलना चाहिए। आदमी शिखर पर पहुंचने पर सर्वोपरि मान लेता है। मैं ऐसा नहीं मानता।

Q

कोरोना में प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर जो प्रभाव पड़ा, उसे ठीक करने की क्या कार्ययोजना है?

A

हर स्तर पर युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। रोजगार के नए अवसर पैदा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मैंने भी कुछ कार्य-योजना बनाई है, जो कि अभी अप्रूवल में हैं।

Q

आपका भोपाल दौरा होता है तो अटकलों का बाजार गर्म हो जाता है?

A

मैं पहले भी भोपाल आता-जाता रहा हूं और अभी आता हूं। मेरा स्वभाव है कि सबसे मिलूं, इसी कारण सबसे मिलता हूं। सभी से व्यक्तिगत संबंध हैं। इसके कोई राजनीतिक मायने नहीं निकालना चाहिए।

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