ग्वालियर : प्रचार के अंतिम चरण में भाजपा-कांग्रेस ने अंचल में झोंकी ताकत

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : शिवराज, सिंधिया के रोड शो ने भाजपा प्रत्याशियों की दी संजीवनी। भाजपा की पूरी टीम दो दिन से ग्वालियर में।
ग्वालियर : प्रचार के अंतिम चरण में भाजपा-कांग्रेस ने अंचल में झोंकी ताकत
प्रचार के अंतिम चरण में भाजपा-कांग्रेस ने अंचल में झोंकी ताकतSocial Media

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। सत्ता का केन्द्र एक तरह से ग्वालियर-चंबल बना हुआ है, क्योंकि यहां से ही सत्ता बनी थी और यही से सत्ता गिराई गई थी। इसलिए अंचल में उप चुनाव दोनों ही दलों के लिए काफी अहम हो गए हैं। भाजपा ने अंचल में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है जबकि कांग्रेस भी उनसे पीछे नहीं है, लेकिन कांग्रेस दिखावे की राजनीति से फिलहाल भाजपा से पीछे दिख रही है। शुक्रवार को सीएम शिवराज सिंह, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर एवं सिधिया के रोड शो से जहां भाजपा प्रत्याशियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ वहीं शनिवार को डबरा में रोड शो में जो उत्साह दिखाई दिया उससे भाजपा कार्यकर्ताओं के हौंसले बुलंद हो गए हैं।

ग्वालियर-चंबल संभाग के कारण ही भाजपा चौथी बार सरकार बनाने से चूक गई थी और जब बनी तो उसमेें सबसे बड़ा योगदान ग्वालियर-चंबल संभाग का ही रहा। सिंधिया ने जब कांग्रेस को अलविदा कहकर भाजपा में शामिल हुए तो उनके साथ सबसे अधिक अंचल के विधायकों ने ही विधायकी छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए थे। इस लिहाज से सत्ता बनी रहे इसके लिए भाजपा का पूरा जोर ग्वालियर-चंबल पर ही बना हुआ है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर एवं राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया जमकर अंचल में पसीना बहा रहे हैं और अपने प्रत्याशियों के लिए जिस तरह से मेहनत कर रहे है उससे लगने लगा है कि सिंधिया अपने गढ़ में किसी भी तरह की सेंध लगने से बचाने मेें लगे हुए हैं। उप चुनाव मेें जिस तरह से एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने का खेल शुरू हुआ वह प्रचार के अंतिम पायदान पर भी समाप्त नहीं हुआ है और इस तरह की भाषा शायद ही किसी चुनाव में सुनने को मिली हो। प्रदेश में इस बार सत्ता का केन्द्र पूरी तरह से ग्वालियर-चंबल बना हुआ है और पूरे प्रदेश की निगाह अंचल पर ही टिकी हुई है, क्योंकि भाजपा की सरकार बरकरार रहती है या फिर कांग्रेस की वापिसी होती है इसका फैसला अंचल के वोटरो के हाथ में है। यही कारण है कि कांग्रेस व भाजपा दोनों ने ही अंचल में अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। कांग्रेस ने विधानसभा के हिसाब से अपने नेताओ को तैनात कर रखा है जबकि भाजपा के दिग्गज एक साथ रोड शो कर फिजा को अपने पक्ष में करने में लगे हुए हैं।

रोड शो के जरिए दिखाई ताकत :

ग्वालियर शहर की दोनों विधानसभा क्षेत्रों में शुक्रवार की रात भाजपा ने रोड शो कर अपनी ताकत का अहसास कांग्रेस को करा दिया। रोड शो में जिस तरह से लोगों की भीड़ उमड़ी उससे भाजपा प्रत्याशी भी खासे उत्साहित हैं। वहीं शनिवार को डबरा में रोड शो कर शिवराज, तोमर व सिंधिया ने इमरती देवी को ताकत देने का काम किया। पिछले चुनाव में कांग्रेस से इमरती देवी 58 हजार वोटों से जीती थी और इस बार भाजपा से उम्मीदवार है। सबसे खास बात यह है कि इमरती देवी को सिंधिया खासे पसंद करते हैं, क्योंकि इमरती कई बार कह चुकी है कि महाराज के लिए वह कुछ भी कर सकती है, इसी सरल स्वभाव के कारण सिंधिया अपनी पूरी ताकत डबरा पर लगाएं हुए हैं। वहीं कांग्रेस नेता भी काफी तादात में डबरा में डटे हुए रणनीति बनाने में लगे हुए हैं और मुकाबले को रोचक बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

कांग्रेस का जोर सिंधिया समर्थक मंत्रियों को घेरने पर :

कांग्रेस ने इस उप चुनाव में गद्दार का मुद्दा बनाने का प्रयास किया, लेकिन जब टिकट वितरण का समय आया तो कांग्रेस ने भी भाजपा से आए हुए लोगों को टिकट दिए। इसके चलते फिलहाल गद्दार का मुद्दा मोथरा हो गया है। कांग्रेस उप चुनाव में सिंधिया समर्थक मंत्रियों को घेरने में अपनी पूरी ताकत लगाएं हुए है, क्योंकि कांग्रेस का कहना है अगर मंत्रियों को हरा दिया तो समझो सिंधिया को हरा दिया। अब फैसला जनता के हाथ में है कि वह किसको पसंद करती है। वैसे प्रचार की अंतिम घड़ी में भाजपा ने जिस तरह से मुरैना, भिण्ड, ग्वालियर में रोड शो कर हवा को अपने पक्ष में करने का काम किया वहीं कमलनाथ भी रविवार को ग्वालियर आकर जनसंपर्क के लिए कुछ दूर निकल सकते हैं और सभा लेकर कांग्रेस की हवा मजबूत करने का काम करेंगे।

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