Indore : तीन माह में 500 लोगों ने अपनाया ग्रीन एनर्जी उत्पादन
तीन माह में 500 लोगों ने अपनाया ग्रीन एनर्जी उत्पादनसांकेतिक चित्र

Indore : तीन माह में 500 लोगों ने अपनाया ग्रीन एनर्जी उत्पादन

इस वर्ष ग्रीष्मकाल में तीन माह के दौरान सूरज की रोशनी से अपनी छतों से पैनल लगाकर बिजली उत्पादन करने वालों की संख्या में पांच सौ की बढ़ोत्तरी हुई है, अब कुल संख्या 3100 को पार कर गई है।

इंदौर, मध्यप्रदेश। ग्रीन एनर्जी उत्पादन को लेकर शहर के लोगों में व्यापक उत्साह बना हुआ है। इस वर्ष ग्रीष्मकाल में तीन माह के दौरान सूरज की रोशनी से अपनी छतों से पैनल लगाकर बिजली उत्पादन करने वालों की संख्या में पांच सौ की बढ़ोत्तरी हुई है, अब कुल संख्या 3100 को पार कर गई है।

ग्रीन एनर्जी पर शासन का जोर है, इसके साथ ही स्मार्ट सिटी इंदौर के लोग भी इस ओर आकर्षित हो रहे हैं, इसमें उन्हें आशातीत सफलता भी मिल रही है। फरवरी अंत में जहां इंदौर शहर में 2600 स्थानों पर छतों से बिजली उत्पादित होती थी, वहीं तीन माह बाद अब कुल 3100 स्थानों पर नेट मीटर रूफ टाप सोलर एनर्जी जनरेशन हो रहा है। इन स्थानों पर दो किलो वाट से लेकर बीस किलो वाट क्षमता तक के पैनल्स लगे हुए हैं। न केवल इस रचनात्मक प्रयास से स्मार्ट सिटी के लोग मेरी छत, मेरी बिजली का नारा बुलंद कर रहे हैं, बल्कि वे हर माह बिजली बिल में भी बड़ी राहत प्राप्त कर रहे हैं। कुल मिलाकर 3100 स्थानों पर प्रतिदिन सवा लाख यूनिट से ज्यादा बिजली की पैदावार हो रही है। मासिक यूनिट संख्या पैंतीस लाख से ज्यादा है। यूनिट की बात करे तो शहर में पौने दो करोड़ से लेकर दौ करोड़ तक की बिजली छतों के माध्यम से उत्पादित हो रही है। सबसे ज्यादा छतों से बिजली बनाने वाले इलाके में सत्यसांई नगर जोन क्षेत्र शामिल हैं।

इस तरह बढ़ते जा रहे उपभोक्ता :

जून 2021 में 1500, सिंतबर में 1800, दिसंबर में 200, जनवरी में 2290, फरवरी में 2600, जून 2022 में 3100 उपभोक्ता ग्रीन एनर्जी के प्रति आकर्षित हुए। वहीं बिजली कंपनी के क्षेत्र मालवा-निमाड़ में 5125 स्थानों पर ग्रीन एनर्जी के लिए इस तरह रचनात्मक प्रयास कर जनरेशन हो रहा है।

स्मार्ट सिटी के स्मार्ट उपभोक्ता :

स्मार्ट सिटी इंदौर के लोग ग्रीन एनर्जी के लिए भी काफी रूचि ले रहे हैं। इसीलिए बिजली कंपनी के पास नियमित रूप से नेट मीटर रूफ टाप सोलर एनर्जी के प्रकरण आ रहे हैं। इन प्रकरणों के मामले में संबंधित कार्यपालन यंत्री समय पर मंजूरी देते हैं, ताकि जल्दी ही छतों से बिजली उत्पादन एवं लाइनों में छतीय बिजली प्रवाह हो सके।

अमित तोमर, एमडी मप्रपक्षेविविकं, इंदौर

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