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क्राइम ब्रांच ने किया पर्दाफाश
क्राइम ब्रांच ने किया पर्दाफाश|Deepika Pal - RE
मध्य प्रदेश

चाचा-भतीजे की जोड़ी बना रही थी घातक दवायें, CB ने दबोचा

इंदौर, मध्यप्रदेश : मिलावटी सामग्रियों की बिक्री पर अभियान द्वारा लगातार कार्यवाही करने के बाद भी मामले आ रहे हैं सामने, क्राइम ब्रांच ने किया पर्दाफाश।

Deepika Pal

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राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मिलावटी सामग्रियों की बिक्री और रोकथाम के लिए प्रदेशव्यापी शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाया जा रहा है और इसके तहत कार्यवाहियां भी लगातार जारी हैं। इसके चलते ही प्रदेश के इंदौर में क्राइम ब्रांच ने आयुष विभाग, दवा विभाग, हातोद और एरोड्रम पुलिस के साथ मिलकर नकली दवा बनाने वाले कारखाने का पर्दाफाश करते हुए कार्रवाई की है, जिसमें 20 साल से चल रहे इस गोरखधंधे के तहत फैक्ट्री संचालक को गिरफ़्तार किया वहीं अन्य संलिप्त आरोपी फरार हैं। कारखाने में घातक रसायन से दवाइयां बनाकर बेची जाती थीं।

क्राइम ब्रांच और विभागों की संयुक्त कार्यवाही :

इस मामले में क्राइम ब्रांच की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि, शिक्षक नगर स्थित एक मकान में एक व्यक्ति मिलावटी दवाई बनाने का काम करता है जिसका कारखाने भी इसी स्थान पर स्थित है। आरोपी चाचा-भतीजे की जोड़ी द्वारा यह गोरखधंधा करीबन 20 साल से चल रहा था, जिसमें दवाईयां बनाने के लिए हानिकारक सोडियम बायकार्बोनेट रसायन का उपयोग किया जाता था। जिससे सोनामिंट और सोडामिंट नामक टेबलेट्स बनाई गई जाती थी। वहीं दवाइयों को शहर के एक दर्जन से ज्यादा फार्मा कंपनियों को होलसेल की दर पर सप्लाय किया जाता था। क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने आरोपी फैक्ट्री संचालक और कर्मचारी को गिरफ़्तार किया वहीं कारखाने का मालिक मौके से फरार है। साथ ही कारखाने को सील कर 30 बोरे एक्सपायरी दवाएं जब्त की। इन दवाइयों को प्रदेश के सरकारी अस्पताल और दवा बाजार में भी सप्लाय के तौर पर रखा था।

मामला किया दर्ज :

इस मामले में जानकारी के आधार पर थाना एरोड्रम पुलिस न करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में धारा 420, 274 और 275 के तहत फैक्ट्री संचालक नरेंद्र जैन, मालिक राजू बंबोरिया, कर्मचारी संतोष पाटिल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है फिलहाल फैक्ट्री मालिक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है जिसकी तलाशी की जा रही है। बता दें कि जब्त की गई नकली दवाईयों के प्रत्येक डिब्बे में 1000 टैबलेट पैक की जाती थीं। जिनकी कीमत 17 रूपए थी जो बाजार में 60 रूपए में बिकता था। पुलिस ने जानकारी में बताया कि, आरोपी द्वारा हातोद के पालिया रोड पर उसके भतीजे आरोपी बंबोरिया का एक और कारखाना है जिसमें एलोपैथिक दवाईयां बनती थीं।

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